श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शेयर बाजार में लौटी बहार: 4 दिनों की लगातार गिरावट के बाद सेंसेक्स 362 अंक उछलकर 76,515 पर बंद, निफ्टी 23,900 के करीब

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शेयर बाजार में लौटी बहार: 4 दिनों की लगातार गिरावट के बाद सेंसेक्स 362 अंक उछलकर 76,515 पर बंद, निफ्टी 23,900 के करीब

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के चेहरों पर आखिरकार मुस्कान लौट आई है। पिछले लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी बिकवाली और तेज गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट पर जोरदार खरीदारी देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 362.57 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76,515.43 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,897.70 के स्तर पर बंद होने में सफल रहा।

सत्र की शुरुआत से ही बाजार का मूड सकारात्मक बना हुआ था। सुबह के शुरुआती कारोबार में जब एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत मिले, तो सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 76,666 के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, दोपहर के सत्र में आईटी और चुनिंदा ऑटोमोबाइल शेयरों में आई मुनाफावसूली ने सूचकांकों की रफ्तार को थोड़ा धीमा जरूर किया, लेकिन मेटल, प्राइवेट बैंकिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर के दिग्गजों ने मोर्चा संभाले रखा और बाजार को लाल निशान में फिसलने नहीं दिया। शेयर बाजार के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार जन्माष्टमी के दिन इक्विटी और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में सामान्य दिनों की तरह ही ट्रेडिंग जारी रही, जिसका निवेशकों ने दोनों हाथों से स्वागत किया।

रिलायंस और टाटा स्टील बने तेजी के अगुआ: किन शेयरों में आई सबसे ज्यादा लिवाली?

शुक्रवार के पूरे कारोबारी सत्र के दौरान हैवीवेट शेयरों और कमोडिटी आधारित कंपनियों ने बाजार को संभालने में सबसे अहम भूमिका निभाई। बीएसई (BSE) के हीटमैप पर नजर डालें तो टाटा समूह की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) का शेयर लगभग 2.91 प्रतिशत की तूफानी बढ़त के साथ 189.00 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर बेस मेटल्स की मांग में सुधार और घरेलू स्तर पर बुनियादी ढांचे के खर्च को लेकर आई सकारात्मक खबरों ने मेटल शेयरों में नई जान फूंक दी।

टाटा स्टील के साथ-साथ बाजार के सबसे बड़े दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में भी 1.61 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया और यह 1,322 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। रिलायंस के टेलीकॉम और रिटेल कारोबार में आने वाले समय में मजबूत कैश फ्लो की उम्मीदों ने संस्थागत निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में भी 1 से 2.5 प्रतिशत तक की ठोस बढ़त दर्ज की गई। इन दिग्गजों के दम पर ही सेंसेक्स पूरे सत्र के दौरान 76,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा।

आईटी और ऑटो शेयरों पर रहा दबाव: जानिए आज के टॉप लूजर्स

बाजार में आई इस हरियाली के बीच कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव भी साफ तौर पर देखा गया, जिसके कारण निफ्टी 23,900 के अहम स्तर को पार करके उसके ऊपर टिकने से थोड़ा चूक गया। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।

शुक्रवार के कारोबार में भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) के शेयरों में 1.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और वे सेंसेक्स के टॉप लूजर्स में शामिल रहे। इनके अलावा दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) में 0.48%, टेक महिंद्रा में 0.31%, सन फार्मा में 0.26%, एशियन पेंट्स में 0.48% और मारुति सुजुकी में मामूली गिरावट दर्ज की गई। इन रक्षात्मक और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड शेयरों में आई सुस्ती ने मुख्य सूचकांकों की बढ़त को सीमित करने का काम किया, लेकिन घरेलू स्तर पर मजबूत मांग वाली कंपनियों ने इस नुकसान की पूरी भरपाई कर दी।

स्मॉलकैप इंडेक्स ने बनाया नया ऑल-टाइम हाई: ब्रॉडर मार्केट में दिखा जबर्दस्त उत्साह

मुख्य सूचकांकों यानी सेंसेक्स और निफ्टी की तुलना में ब्रॉडर मार्केट (व्यापक बाजार) का रुझान कहीं अधिक उत्साहजनक रहा। घरेलू खुदरा निवेशकों की पसंदीदा श्रेणी निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स (Nifty Smallcap Index) ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया। स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपने अब तक के सर्वोच्च ऑल-टाइम हाई स्तर पर बंद हुआ।

हालांकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में दिन के अंत में 0.2 प्रतिशत की हल्की नरमी दर्ज की गई, लेकिन बाजार की समग्र चौड़ाई (Market Breadth) पूरी तरह से खरीदारों के पक्ष में नजर आई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कुल मिलाकर 2,396 शेयर हरे निशान में बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,803 शेयरों में गिरावट देखी गई और लगभग 188 शेयर बिना किसी बदलाव के सपाट रहे। दर्जनों मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में 5 से 10 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि खुदरा और घरेलू निवेशक लंबी अवधि के दृष्टिकोण से भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ स्टोरी पर पूरा भरोसा बनाए हुए हैं।

जन्माष्टमी पर तेजी के पीछे के 4 बड़े ट्रिगर्स: क्यों पलटा बाजार का रुख?

लगातार चार दिनों की तेज मंदी के बाद अचानक आई इस उछाल के पीछे बाजार विश्लेषकों ने कई ठोस कारण गिनाए हैं:

1. 4 दिनों की तेज गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग

पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के बाद कई गुणवत्तापूर्ण लार्ज-कैप और मिड-कैप शेयर अपने आकर्षक मूल्यांकन (Attractive Valuations) पर आ चुके थे। शुक्रवार को जब डेरिवेटिव्स और वीकली एक्सपायरी का दबाव हल्का हुआ, तो ट्रेडर्स ने निचले स्तरों पर शॉर्ट कवरिंग की और संस्थागत निवेशकों ने चुनिंदा ब्लूचिप कंपनियों में वैल्यू बाइंग शुरू कर दी।

2. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का लगातार मजबूत सपोर्ट

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) द्वारा की जा रही इक्विटी बिकवाली के सामने भारतीय म्यूचुअल फंड्स और घरेलू संस्थागत निवेशक एक चट्टान की तरह खड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 7 कारोबारी सत्रों में ही घरेलू निवेशकों ने बाजार में 14,226 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध इक्विटी खरीदारी की है। म्यूचुअल फंड्स में हर महीने आ रही 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड एसआईपी (SIP) इनफ्लो घरेलू तरलता को मजबूती दे रही है, जिससे विदेशी बिकवाली का असर तुरंत बेअसर हो रहा है।

3. मेटल और कमोडिटी पैक में अंतरराष्ट्रीय सुधार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की चाल में आए ठहराव और चीन से विनिर्माण क्षेत्र को दिए जाने वाले संभावित आर्थिक पैकेजों की चर्चाओं के चलते मेटल पैक में वैश्विक उछाल आया। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर सेक्टोरल चार्ट पर सबसे बड़ा गेनर साबित हुआ, जिसका सीधा फायदा हिंडाल्को, टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियों को मिला।

4. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक स्थिरता

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव हालिया उछाल के बाद स्थिर होकर दायरे में कारोबार कर रहे हैं। कच्चे तेल में आई नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हमेशा सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे भारत के आयात बिल, चालू खाता घाटे और महंगाई पर नियंत्रण पाने में सीधी मदद मिलती है। इस स्थिरता ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और पेंट कंपनियों के प्रति बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दिया।

आगे के लिए क्या हैं तकनीकी स्तर? जानिए निवेशकों के लिए सोमवार की अहम रणनीति

बाजार के तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स और निफ्टी का यह बाउंस-बैक सकारात्मक है, लेकिन बाजार को एक स्थायी बुल रन में प्रवेश करने के लिए अभी कुछ कड़े तकनीकी स्तरों को पार करना होगा। चॉइस इक्विटी और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी 50 के लिए 23,800 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन बनकर उभरा है। यदि निफ्टी इस स्तर को बनाए रखता है, तो ऊपर की ओर 24,100 का स्तर इसके लिए पहला तत्काल प्रतिरोध (Resistance) साबित होगा।

वहीं सेंसेक्स के मोर्चे पर 75,800 से 76,000 का दायरा एक ठोस आधार के रूप में काम कर रहा है। यदि आगामी कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 76,800 और 77,000 के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि बाजार का शॉर्ट-टर्म करेक्शन पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

जानकारों की सलाह है कि खुदरा निवेशकों को अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले माहौल में लीवरेज्ड ट्रेडिंग या अंधाधुंध कॉल-पुट ऑप्शंस खरीदने से बचना चाहिए। इसके बजाय, फंडामेंटली मजबूत लार्ज-कैप कंपनियों, मेटल दिग्गजों और नए रिकॉर्ड बना रहे स्मॉलकैप सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में सिस्टमैटिक तरीके से 'बाय ऑन डिप्स' की रणनीति अपनाना ही लंबी अवधि में सुरक्षित और बेहतर वेल्थ क्रिएशन का मार्ग प्रशस्त करेगा।