भारी उतार-चढ़ाव के बाद संभला शेयर बाजार! सेंसेक्स 113 अंक उछलकर 78,079 पर बंद, निफ्टी 24,400 के करीब; जानिए किन शेयरों ने मचाई धूम और किनमें रही गिरावट

भारी उतार-चढ़ाव के बाद संभला शेयर बाजार! सेंसेक्स 113 अंक उछलकर 78,079 पर बंद, निफ्टी 24,400 के करीब; जानिए किन शेयरों ने मचाई धूम और किनमें रही गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में आज सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन 13 अगस्त को मिला-जुला और बेहद उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सुस्ती और मुनाफावसूली के दबाव के बाद अंतिम घंटों में आई खरीदारी से सेंसेक्स ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी दर्ज की। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स पिछले दो दिनों से जारी मंदी के सिलसिले को तोड़ते हुए 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, दूसरी तरफ 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 दबाव में रहा और क्लोजिंग ऑक्शन में फिसलकर 40.10 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,395.85 के स्तर पर बंद हुआ।

आज के दिन बाजार का दायरा एक सीमित रेंज में रहा, लेकिन निफ्टी और सेंसेक्स के बीच क्लोजिंग के समय अलग-अलग दिशाएं देखने को मिलीं। बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में ब्रॉडर मार्केट (लघु और मध्यम कंपनियों) का प्रदर्शन बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.27 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिससे छोटे व मझोले शेयरों में दांव लगाने वाले निवेशकों को राहत मिली।

आज के बाजार में इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) के शेयर में लगभग 3 प्रतिशत की जोरदार तेजी देखी गई और यह सेंसेक्स में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर बना। इसके अलावा टाटा कंज्यूमर, एनटीपीसी (NTPC), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और टेक महिंद्रा के शेयरों में 1.5 से 2 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco), ग्रासिम और टाइटन जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और ये दिन के टॉप लूजर्स साबित हुए।

खुदरा महंगाई के आंकड़ों से मिली राहत, लेकिन मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

वैश्विक और घरेलू मोर्चे पर आज कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। भारत और अमेरिका दोनों ही देशों में जुलाई महीने के खुदरा महंगाई दर (CPI Inflation) के आंकड़े उम्मीद से बेहतर और नरम रहे हैं। जुलाई में भारत की खुदरा महंगाई दर 4.45 प्रतिशत रही, जिसने निवेशकों को यह उम्मीद दी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर नरम और धैर्यपूर्ण रुख बनाए रखेंगे। इस आर्थिक मोर्चे की सकारात्मक खबर ने निचले स्तरों पर बाजार को सहारा दिया।

हालांकि, महंगाई दर में राहत के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव ने निवेशकों के उत्साह को सीमित कर दिया। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भले ही इस साल वैश्विक मांग सुस्त रहने की आशंका से 2 फीसदी तक की गिरावट आई और अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रांड क्रूड घटकर 87 डॉलर प्रति बैरल के पास कारोबार करता दिखा, लेकिन ऊर्जा बाजार की इस उथल-पुथल ने जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। इसके अलावा भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे कमजोर होकर 95.44 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आज मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.05 फीसदी टूटकर दिन का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना। इसके साथ ही बैंक निफ्टी में 0.43 प्रतिशत और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी तरफ, कंज्यूमर गुड्स, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की और इन सेक्टर्स ने लगभग 1-1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी आधे फीसदी तक की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए।

तकनीकी विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू शेयर बाजार में कॉर्पोरेट अर्निंग्स (तिमाही नतीजों) का रुझान मोटे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की मजबूती को दर्शाता है, जिससे बाहरी झटकों का असर कम हुआ है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, निकट भविष्य में शेयर बाजार की दिशा ऊर्जा बाजार के उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के फंड फ्लो पर निर्भर करेगी।

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,520 से 24,550 का स्तर तत्काल मजबूत रेजिस्टेंस (रुकावट) के रूप में काम कर रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो शार्ट टर्म में यह 24,700 से 24,850 तक के स्तर छू सकता है। नीचे की तरफ निफ्टी को 24,300 से 24,250 के दायरे में पहला मजबूत सपोर्ट प्राप्त है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक इंडेक्स इस सीमित दायरे (24,200-24,700) से किसी भी एक तरफ स्पष्ट ब्रेकआउट नहीं देता, तब तक ट्रेडर्स को स्टॉक-स्पेसिफिक और सतर्क रुख अपनाना चाहिए।