Paytm के शेयरों में तूफानी तेजी, 52-वीक हाई पर पहुंचा भाव; ग्लोबल ब्रोकरेज ने ₹2,200 तक बढ़ाया टारगेट, IPO प्राइस को पार करने की तैयारी

Paytm के शेयरों में तूफानी तेजी, 52-वीक हाई पर पहुंचा भाव; ग्लोबल ब्रोकरेज ने ₹2,200 तक बढ़ाया टारगेट, IPO प्राइस को पार करने की तैयारी

फिनटेक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications Ltd), जो 'पेटीएम' (Paytm) की पैरेंट कंपनी है, के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर इंट्रा-डे में 5% से अधिक उछलकर ₹1,829.50 के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया।

शेयरों में आई इस तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी उछलकर लगभग ₹1.16 लाख करोड़ के पार निकल गया। पिछले छह महीनों में स्टॉक में करीब 70% से अधिक की तेजी दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह अपने लिस्टिंग के बाद के सबसे मजबूत रिकवरी दौर में दिखाई दे रहा है।

ब्रोकरेज हाउस क्यों हैं बुलिश? चेक करें नए टारगेट प्राइस

वैश्विक वित्तीय फर्मों और ब्रोकरेज हाउसों ने पेटीएम की अर्निंग्स ट्रैजेक्टरी और मर्चेंट लेंडिंग में सुधार को देखते हुए अपने टारगेट प्राइस में भारी बढ़ोतरी की है:

ब्रोकरेज फर्म रेटिंग नया टारगेट प्राइस (Target Price) पुराना टारगेट प्राइस
Bernstein (बर्नस्टीन) Outperform (टॉप पिक) ₹2,200 ₹1,500
Jefferies (जेफरीज) Buy (खरीदारी) ₹2,100 ₹1,600
  • आईपीओ प्राइस को पार करने की उम्मीद: बर्नस्टीन द्वारा तय किया गया ₹2,200 का टारगेट प्राइस पेटीएम के ओरिजिनल आईपीओ इश्यू प्राइस (₹2,150) से भी ₹50 अधिक है। लगभग पांच साल बाद किसी प्रमुख विदेशी ब्रोकरेज ने स्टॉक के आईपीओ प्राइस से ऊपर जाने का भरोसा जताया है।

इन 4 बड़ी वजहों से रॉकेट बने पेटीएम के शेयर

विश्लेषकों ने स्टॉक में जारी इस तेजी के पीछे कई ठोस कारोबारी और नीतिगत कारणों को रेखांकित किया है:

  • UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) की संभावना: रिपोर्टों के अनुसार, सरकार और नियामक संस्थाएं आने वाले हफ्तों में यूपीआई पर एमडीआर (MDR) को लेकर नई अधिसूचना जारी कर सकती हैं। यदि 25 से 40 बेसिस पॉइंट का एमडीआर लागू होता है, तो पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर पेटीएम की सीधी आय में भारी इजाफा होगा।

  • मर्चेंट लेंडिंग और साउंडबॉक्स का दबदबा: वित्तीय सेवाओं के वितरण (Financial Services Distribution), खासकर मर्चेंट लोन और साउंडबॉक्स सब्सक्रिप्शन में कंपनी का राजस्व लगातार बढ़ रहा है।

  • तिमाही नतीजों में शानदार प्रदर्शन: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पेटीएम का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया।

  • ऑपरेटिंग लीवरेज और ईपीएस ग्रोथ: बर्नस्टीन के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2029 (FY29) तक कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹78 तक पहुंच सकता है। बिना एमडीआर के भी इसका अनुमान ₹54 रखा गया है, जो बाजार के आम कंसेंसस से काफी अधिक है।

बाजार विश्लेषकों की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेटीएम अब नियामक अनिश्चितताओं के दौर से पूरी तरह बाहर निकलकर कोर ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ चुका है। साउंडबॉक्स और मर्चेंट नेटवर्क में कंपनी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को सलाह दी गई है कि 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर होने के कारण किसी भी नए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जोखिम प्रोफाइल की जांच जरूर कर लें।