त्योहारी सीजन में LPG की भारी मांग का अनुमान: गैस संकट से निपटने के लिए तेल कंपनियों का 'एक्शन प्लान' तैयार
आगामी शारदीय नवरात्रि, दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर देश भर में रसोई गैस (LPG) की मांग में भारी उछाल आने की संभावना है। त्योहारी सीजन के दौरान घरों में पकवानों की तैयारी के साथ-साथ होटल, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों और कमर्शियल सेक्टर में गैस सिलेंडरों की खपत सामान्य दिनों के मुकाबले 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
अक्सर त्योहारों के पीक सीजन में मांग अचानक बढ़ने से कई इलाकों में डिलीवरी में देरी या कृत्रिम किल्लत की शिकायतें सामने आती हैं। आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तीनों प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL और HPCL) ने एक व्यापक आपातकालीन आपूर्ति एवं बफर स्टॉक प्लान तैयार कर लिया है।
बफर स्टॉक और रिफाइनरी उत्पादन में बढ़ोतरी
मांग और आपूर्ति के संतुलन को दुरुस्त रखने के लिए कंपनियों ने डिपो और बॉटलिंग प्लांट्स के स्तर पर सुरक्षा घेरा तैयार किया है:
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अतिरिक्त बफर स्टॉक: सभी राज्यों के प्रमुख गैस डिपो और वेयरहाउसों में सामान्य दिनों के मुकाबले कम से कम 10 से 15 दिनों का अतिरिक्त इन्वेंट्री (रिजर्व स्टॉक) तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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बॉटलिंग प्लांट्स में शिफ्टों का विस्तार: घरेलू और कमर्शियल 19 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की रीफिलिंग तेज करने के लिए प्रमुख बॉटलिंग प्लांट्स में काम के घंटे और शिफ्ट बढ़ाई जा रही हैं। रविवार और राजपत्रित छुट्टियों के दिन भी जरूरत के अनुसार प्लांट चालू रखने की योजना बनाई गई है।
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रिफाइनरी स्तर पर उत्पादन प्राथमिकता: सरकारी रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता दें, ताकि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में किसी अप्रत्याशित व्यवधान का असर घरेलू बाजार पर न पड़े।
डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए 24 से 48 घंटे में डिलीवरी का लक्ष्य
त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक करने के बाद लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए डिलीवरी नेटवर्क को सख्त टाइमलाइन में बांधा गया है:
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त्वरित आपूर्ति (Fast-Track Delivery): शहरी इलाकों में बुकिंग के 24 घंटे के भीतर और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 48 घंटे के भीतर सिलेंडर उपभोक्ता के दरवाजे तक पहुंचाने का निर्देश गैस एजेंसियों (Distributors) को दिया गया है।
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कमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक: त्योहारी मांग का फायदा उठाकर घरेलू सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडरों को ढाबों, मिठाई कारखानों या होटलों में अवैध रूप से इस्तेमाल करने से रोकने के लिए उड़न दस्तों (Flying Squads) और स्थानीय आपूर्ति निरीक्षकों को सतर्क किया गया है।
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पर्याप्त ट्रांसपोर्टेशन रैक्स: गैस सिलेंडरों को एक राज्य से दूसरे राज्य और प्लांट से एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए रेलवे रैक्स और सड़क परिवहन वाले गैस टैंकरों की सुचारू आवाजाही के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
डिजिटल बुकिंग और इमरजेंसी हेल्पलाइन
ग्राहकों की सुविधा और डिलीवरी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल माध्यमों को पूरी तरह एक्टिव रखा गया है:
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व्हाट्सएप व मिस्ड कॉल बुकिंग: उपभोक्ता आईवीआरएस (IVRS), भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS), कंपनियों के मोबाइल ऐप्स (जैसे इंडियनऑयल वन, हैलो बीपीसीएल, एचपी पे) और आधिकारिक व्हाट्सएप नंबरों के जरिए तुरंत बुकिंग और ऑनलाइन ट्रैकिंग कर सकते हैं।
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शिकायत निवारण सेल: किसी भी गैस एजेंसी द्वारा डिलीवरी में जानबूझकर देरी या अवैध वसूली की स्थिति में उपभोक्ता पेट्रोलियम कंपनियों के आपातकालीन टोल-फ्री नंबर (1906) पर चौबीसों घंटे संपर्क कर सकते हैं।
कंपनियों और मंत्रालय के इस पूर्व-नियोजित प्रबंधन से साफ है कि त्योहारी सीजन में रसोई गैस की बढ़ती मांग के बावजूद देश में किसी भी प्रकार के आपूर्ति संकट की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी।