'2027 वर्ल्ड कप में रोहित-विराट को शामिल करो, 90% बढ़ जाएगी भारत की जीत की संभावना': सुरेश रैना ने दिया बड़ा बयान
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2027 के रोडमैप और सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर क्रिकेट गलियारों में जारी बहस के बीच 2011 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे सुरेश रैना का एक बड़ा और सनसनीखेज बयान सामने आया है। रैना ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), चयनकर्ताओं और आलोचकों को दो टूक संदेश देते हुए कहा है कि दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की सरजमीं पर होने वाले आगामी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली का होना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा तुरुप का पत्ता साबित होगा।
रैना ने जोर देकर कहा कि यदि इन दोनों आधुनिक क्रिकेट के महानायकों को 2027 विश्व कप की प्लेइंग इलेवन में जगह दी जाती है, तो भारत के चैंपियन बनने की संभावना सीधे तौर पर 90 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ पूर्व क्रिकेटर्स और आलोचक उम्र का हवाला देकर दोनों दिग्गजों के 50 ओवर के प्रारूप में भविष्य पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
'उम्र सिर्फ एक नंबर है, उनका अनुभव और क्लास बेमिसाल': रैना
एक खेल कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर सुरेश रैना ने रोहित और विराट की फिटनेस, भूख और मैच जिताने की क्षमता पर खुलकर बात की।
रैना ने कहा:
"लोग उम्र की बात करते हैं, लेकिन क्रिकेट में क्लास, फिटनेस और बड़े मैचों के अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। रोहित शर्मा जिस निस्वार्थ अंदाज में पावरप्ले में खेल रहे हैं और विराट कोहली जिस निरंतरता के साथ चेज मास्टर की भूमिका निभाते हैं, वह दुनिया का कोई दूसरा बल्लेबाज नहीं कर सकता। अगर ये दोनों 2027 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहते हैं, तो मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि भारत की जीत की संभावना 90 फीसदी बढ़ जाएगी।"
रैना ने आगे कहा कि 50 ओवर का प्रारूप टी20 से बिल्कुल अलग होता है। इसमें 100 ओवरों तक मानसिक धैर्य, पारी को संवारने और दबाव के क्षणों में सही फैसले लेने की जरूरत होती है। दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर दोनों का तकनीकी कौशल टीम इंडिया की सबसे बड़ी ढाल साबित होगा।
2023 वर्ल्ड कप और हालिया फॉर्म का दिया हवाला
रैना ने आलोचकों को आईना दिखाते हुए दोनों खिलाड़ियों के हालिया रिकॉर्ड और आंकड़ों की याद दिलाई:
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विराट कोहली का दबदबा: 2023 के वनडे विश्व कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे विराट कोहली ने रिकॉर्ड 765 रन बनाए थे। वे आज भी दुनिया के सबसे फिट एथलीट्स में गिने जाते हैं और उनका रन बनाने का जज्बा पहले जैसा ही बरकरार है।
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रोहित शर्मा की आक्रामक शुरुआत: पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने शीर्ष क्रम में जो निडर दृष्टिकोण (Fearless Approach) स्थापित किया है, उसने भारतीय बल्लेबाजी की दिशा ही बदल दी। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में जड़ा उनका शतक यह साबित करता है कि उनका बल्ला अब भी बड़ी पारियों के लिए पूरी तरह तैयार है।
गौतम गंभीर और शुभमन गिल के तालमेल पर भी बोले रैना
सुरेश रैना ने हेड कोच गौतम गंभीर के उस हालिया बयान का भी पुरजोर समर्थन किया, जिसमें गंभीर ने कहा था कि युवा कप्तान शुभमन गिल बेहद भाग्यशाली हैं कि उन्हें मैदान पर रोहित और विराट जैसे दिग्गजों का मार्गदर्शन मिल रहा है।
रैना के मुताबिक:
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"शुभमन गिल एक शानदार टैलेंट हैं और भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। लेकिन कप्तानी की शुरुआती सीख में जब आपके पास स्लिप में विराट कोहली और मिड-ऑन पर रोहित शर्मा खड़े हों, तो एक युवा कप्तान का आत्मविश्वास दोगुना हो जाता है।"
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उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट को अनावश्यक प्रयोगों में उलझने के बजाय इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के वर्कलोड को समझदारी से मैनेज करना चाहिए, ताकि वे 2027 तक पूरी तरह तरोताजा और मैच-फिट रह सकें।
युवा जोश और अनुभव का संतुलन ही दिलाएगा ट्रॉफी
रैना ने कहा कि यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर जैसे युवा खिलाड़ी कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों का दबाव झेलने के लिए ड्रेसिंग रूम में ऐसे चेहरों की जरूरत होती है जो दर्जनों आईसीसी टूर्नामेंट खेल चुके हों।
रैना का मानना है कि रोहित-विराट की मौजूदगी केवल रनों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह विपक्षी खेमे में मनोवैज्ञानिक खौफ पैदा करने के लिए काफी है। ऐसे में बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को बिना किसी हिचकिचाहट के 2027 के मिशन में दोनों दिग्गजों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।