टाटा के ट्रेंट शेयर में 13% की तूफानी तेजी, LIC को एक ही दिन में ₹531 करोड़ का भारी मुनाफा

टाटा के ट्रेंट शेयर में 13% की तूफानी तेजी, LIC को एक ही दिन में ₹531 करोड़ का भारी मुनाफा

भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का कारोबारी सत्र टाटा समूह की रिटेल इकाई ट्रेंट लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। ट्रेंट के शेयरों में आए जबरदस्त उछाल ने न सिर्फ खुदरा निवेशकों को मालामाल किया, बल्कि देश के सबसे बड़े संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी (LIC) की संपत्ति में भी एक ही दिन में भारी इजाफा कर दिया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेंट के शेयर इंट्राडे में करीब 13 फीसदी तक चढ़कर ₹2,914 के उच्च स्तर पर पहुंच गए। इस तूफानी तेजी के चलते कंपनी में एलआईसी की हिस्सेदारी की वैल्यू में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान ₹531 करोड़ से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

एलआईसी की हिस्सेदारी और एक दिन में 531 करोड़ की छलांग

शेयरहोल्डिंग पैटर्न के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के अंत तक ट्रेंट लिमिटेड में एलआईसी की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई थी। मंगलवार को जब ट्रेंट का शेयर ₹2,900 के स्तर को पार कर गया, तब एलआईसी की इस होल्डिंग का कुल बाजार मूल्य उछलकर ₹4,695 करोड़ के पार पहुंच गया। सोमवार के बंद भाव के मुकाबले एलआईसी की हिस्सेदारी का मार्क-टू-मार्केट मूल्यांकन सीधे ₹531 करोड़ से अधिक बढ़ गया। बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि हालांकि यह मुनाफा मार्क-टू-मार्केट यानी काल्पनिक वृद्धि है और वास्तविक नकद लाभ शेयर बेचने के बाद ही दर्ज होता है, लेकिन एक ही सत्र में इतना बड़ा इजाफा एलआईसी के पोर्टफोलियो की मजबूती और सही स्टॉक पिकिंग रणनीति को दर्शाता है।

ट्रेंट के शेयरों में रॉकेट जैसी तेजी की मुख्य वजह

ट्रेंट के शेयरों में अचानक आई इस आक्रामक खरीदारी के पीछे कंपनी द्वारा जारी किया गया दूसरी तिमाही का शानदार बिजनेस अपडेट रहा। कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹5,788 करोड़ पर पहुंच गया है, जो बीते वर्ष की समान अवधि में ₹4,724 करोड़ था। वित्त वर्ष की पहली छमाही में भी कंपनी का कारोबार 21 प्रतिशत से ज्यादा की रफ्तार से आगे बढ़ा है। इस तेज वित्तीय वृद्धि और मजबूत आय के अनुमानों ने घरेलू और विदेशी ब्रोकरेज फर्म्स के साथ-साथ बड़े फंड हाउसों को कंपनी में आक्रामक खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया, जिससे स्टॉक ने फरवरी 2024 के बाद का अपना सबसे बड़ा सिंगल-डे जंप दर्ज किया।

जुडियो और वेस्टसाइड के विस्तार ने बदला बाजार का खेल

ट्रेंट की तेज ग्रोथ इंजन की रीढ़ उसका वैल्यू फैशन ब्रांड 'जुडियो' और प्रीमियम लाइफस्टाइल स्टोर 'वेस्टसाइड' साबित हो रहे हैं। इस तिमाही के दौरान कंपनी ने देश भर में अपने 1000वें जुडियो स्टोर का ऐतिहासिक उद्घाटन किया, जो भारतीय रिटेल सेक्टर में किसी भी फैशन ब्रांड द्वारा सबसे तेज रफ्तार से हासिल किया गया मील का पत्थर है। तिमाही के दौरान कंपनी ने शुद्ध आधार पर 17 नए जुडियो आउटलेट्स और 10 नए वेस्टसाइड स्टोर्स अपने नेटवर्क में जोड़े। 30 सितंबर तक ट्रेंट के विभिन्न लाइफस्टाइल और फैशन ब्रांड्स के तहत कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1,342 हो चुकी है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में युवाओं के बीच किफायती फैशन की मांग ने जुडियो की बिक्री को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिससे कंपनी के परिचालन मुनाफे में निरंतर सुधार हो रहा है।

मार्केट कैप में 17,500 करोड़ का इजाफा और शेयरहोल्डिंग संरचना

शेयर में आई 12.64 प्रतिशत की अंतिम तेजी के साथ ही ट्रेंट का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन एक ही दिन में ₹17,540 करोड़ से ज्यादा बढ़ गया। ट्रेंट की शेयरधारिता पर गौर करें तो प्रमोटर टाटा संस के पास कंपनी की सबसे बड़ी 32 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के पास 4 प्रतिशत से अधिक शेयर हैं। संस्थागत मोर्चे पर एलआईसी की 3 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी के अलावा एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के पास करीब 2 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके साथ ही आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड एडवांटेज फंड, निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड और प्रमुख निफ्टी 50 ईटीएफ ने भी इसमें बड़ा निवेश कर रखा है। कंपनी में करीब 5 लाख खुदरा शेयरधारकों की भी 13 प्रतिशत से अधिक की सीधी हिस्सेदारी बनी हुई है।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कैसा रहा है रिटर्न?

ट्रेंट लिमिटेड लंबे समय से भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर स्टॉक बनकर उभरा है। भले ही पिछले एक वर्ष के दौरान स्टॉक में कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिला हो, लेकिन लंबी अवधि के चार्ट पर यह निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। पिछले तीन वर्षों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 110 प्रतिशत से अधिक का भारी-भरकम रिटर्न दिया है, वहीं पिछले पांच वर्षों का रिटर्न 317 प्रतिशत से भी अधिक रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारी सीजन की शुरुआत और देश भर में जारी आक्रामक स्टोर विस्तार के चलते ट्रेंट की आय वृद्धि आने वाली तिमाहियों में भी मजबूत बनी रह सकती है, जिससे एलआईसी समेत सभी बड़े निवेशकों की संपत्ति में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।