₹1,973 से ₹2,820 तक जाएगा ये शेयर? ब्रोकरेज ने दी Buy रेटिंग: HUL पर 43% की संभावित तेजी का अनुमान, जानिए वजह
एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के शेयरों में पिछले कुछ समय से लगातार कमजोरी और बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। हालांकि, इस सुस्ती के बीच प्रमुख ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) ने शेयर पर अपना भरोसा जताते हुए 'Buy' की रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने अगले 12 महीनों के लिए HUL का टारगेट प्राइस ₹2,820 प्रति शेयर तय किया है। मौजूदा बाजार भाव करीब ₹1,973 के स्तर से तुलना करें, तो यह लक्ष्य लगभग 43% की संभावित तेजी को दर्शाता है।
हालिया प्रदर्शन में क्यों पिछड़ा HUL का शेयर?
लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएट करने वाले इस दिग्गज शेयर का हालिया ट्रैक रिकॉर्ड कमजोर रहा है:
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अल्पकालिक रिटर्न: शेयर पिछले 1 महीने में करीब 5.28% और 6 महीने में लगभग 13% टूटा है।
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सालाना प्रदर्शन: चालू वर्ष में अब तक (YTD) स्टॉक 15% और पिछले 1 साल में करीब 23.31% नीचे आ चुका है।
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दीर्घकालिक रिटर्न: 5 साल की अवधि में शेयर में 26% की गिरावट दर्ज हुई है, हालांकि 10 साल की लंबी अवधि में इसने निवेशकों को 122.38% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
ब्रोकरेज नुवामा क्यों है बुलिश? ये हैं 5 बड़े ट्रिगर्स
नुवामा के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद वैल्युएशन आकर्षक स्तर पर आ गए हैं और आने वाले समय में कंपनी के पास ग्रोथ व मार्जिन सुधार के मजबूत आधार मौजूद हैं:
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EBITDA मार्जिन और 500 bps की बचत योजना: कंपनी ने मध्यम अवधि में अपना एबिटा (EBITDA) मार्जिन 22% से 24% के दायरे में बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। कंपनी प्रीमियम प्रॉडक्ट्स, फ्यूचर सेविंग्स लैब (Future Savings Lab), ऑपरेशनल लीवरेज और एआई-संचालित मीडिया विज्ञापन रणनीति के जरिए लगभग 500 बेसिस पॉइंट्स की लागत बचत की दिशा में काम कर रही है।
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ग्रोथ का तीन-स्तरीय रोडमैप: कंपनी का अनुमान है कि उसकी अतिरिक्त रेवेन्यू ग्रोथ में 40% योगदान खपत व प्रीमियमाइजेशन (Premiumisation) से, 40% मार्केट मेकिंग से और शेष 20% नए कारोबारी क्षेत्रों (New Spaces) से आएगा।
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कैपेक्स में बढ़ोतरी: मध्यम अवधि में पूंजीगत खर्च (Capex) को कुल बिक्री के 2% से बढ़ाकर 3% तक ले जाने की योजना है, जिसमें से 85% आवंटन सीधे ग्रोथ और कॉस्ट-सेविंग प्रोजेक्ट्स के लिए होगा।
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'Dove' ब्रांड को दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड बनाने की तैयारी: ब्यूटी और पर्सनल केयर सेगमेंट में आक्रामक रुख अपनाते हुए HUL का लक्ष्य अपने लोकप्रिय ब्रांड 'डव' (Dove) को कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा ब्रांड बनाना है (वर्तमान में यह 5वें स्थान पर है)।
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FY27 में बेहतर आउटलुक: कंपनी का मानना है कि चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में आने वाले वित्तीय वर्ष (FY27) का प्रदर्शन ज्यादा मजबूत रहेगा, क्योंकि फिक्स्ड कॉस्ट की वृद्धि को रेवेन्यू ग्रोथ के 0.8 गुना तक सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
तिमाही नतीजों की स्थिति (Q1 FY27)
30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 3% घटकर ₹2,673 करोड़ रहा था, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹2,756 करोड़ था। हालांकि, कुल आय 10% बढ़कर ₹17,341 करोड़ पर पहुंच गई और ऑपरेटिंग एबिटा भी सुधरकर ₹3,947 करोड़ दर्ज किया गया। मैनेजमेंट के अनुसार, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू मांग स्थिर बनी हुई है।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट ब्रोकरेज फर्म की शोध रिपोर्ट पर आधारित है। शेयर बाजार में किसी भी टारगेट की गारंटी नहीं होती और वास्तविक रिटर्न बाजार के जोखिमों व उतार-चढ़ाव के अधीन होते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)