60 महीने की FD पर 8.25% तक ब्याज: ये बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा रिटर्न, चेक करें पूरी लिस्ट और कमाई का गणित
त्योहारी सीजन में सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर सबसे पसंदीदा जरिया बनकर उभरा है। कई प्रमुख बैंकों ने लंबी अवधि यानी 60 महीने (5 साल) की एफडी पर ब्याज दरों को बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। 5 साल की अवधि की एफडी न केवल सेवानिवृत्ति या बच्चों की उच्च शिक्षा जैसे दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार साबित होती है, बल्कि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दोहरा लाभ भी दिलाती है। यदि आप भी अगले पांच वर्षों के लिए अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित निवेश में लगाकर अधिकतम ब्याज कमाना चाहते हैं, तो सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बैंकों की सूची पर नजर डालना जरूरी है।
60 महीने की FD पर सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले बैंकों की लिस्ट
वर्तमान में स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) और चुनिंदा प्राइवेट बैंक पारंपरिक सरकारी बैंकों के मुकाबले 60 महीने की अवधि पर काफी ऊंचा ब्याज ऑफर कर रहे हैं:
| बैंक का नाम | सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दर (% p.a.) | वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए ब्याज दर (% p.a.) |
| यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.75% | 8.25% |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.60% | 8.10% |
| उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.50% | 8.10% |
| डीसीबी बैंक (DCB Bank) | 7.40% | 7.90% |
| आरबीएल बैंक (RBL Bank) | 7.10% | 7.60% |
| इंडसइंड बैंक | 7.00% | 7.50% |
| एसबीआई / पीएनबी (सरकारी बैंक) | 6.50% | 7.50% (विशेष योजना सहित) |
₹5 लाख के निवेश पर 60 महीने में कितना होगा मुनाफा?
यदि कोई वरिष्ठ नागरिक 60 महीने (5 वर्ष) के लिए किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8.25 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) दर पर 5,00,000 रुपये जमा करता है, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाले रिटर्न का गणित इस प्रकार बैठता है:
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मूल निवेश राशि (Principal): ₹5,00,000
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लागू ब्याज दर: 8.25% सालाना
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5 साल में कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹2,52,000
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मैच्योरिटी पर कुल मिलने वाली रकम: लगभग ₹7,52,000
वहीं, सामान्य निवेशकों को 7.75% की दर से 5 लाख के निवेश पर करीब ₹2,34,000 की शुद्ध ब्याज आय प्राप्त होगी।
टैक्स सेवर एफडी बनाम रेगुलर एफडी: अंतर समझना है जरूरी
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि 5 साल की एफडी दो प्रकार की होती है:
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टैक्स सेवर एफडी (Tax-Saving FD): इसमें धारा 80C के तहत छूट मिलती है, लेकिन इसमें 5 साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड होता है। यानी 5 साल पूरे होने से पहले आप किसी भी आपात स्थिति में पैसा नहीं निकाल सकते और न ही इस पर लोन लिया जा सकता है।
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रेगुलर 60 महीने की एफडी: इसमें कोई धारा 80C टैक्स छूट नहीं मिलती, लेकिन इसमें समयपूर्व निकासी (प्रीमैच्योर विड्रॉल) और एफडी के बदले लोन (Loan against FD) की सुविधा उपलब्ध रहती है।
क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा पूंजी सुरक्षित है?
कई निवेशक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में मिलने वाले ऊंचे ब्याज को देखकर सुरक्षा को लेकर संशय में रहते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, देश के सभी अनुसूचित बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) का सुरक्षा कवच समान रूप से लागू होता है। इसके तहत प्रत्येक बैंक में प्रति खाताधारक मूलधन और ब्याज को मिलाकर कुल 5,00,000 रुपये तक की जमा पूंजी पूरी तरह बीमित और सुरक्षित होती है। इसलिए यदि आप किसी एक बैंक में 5 लाख रुपये के दायरे में एफडी कराते हैं, तो आपकी पूंजी पर कोई जोखिम नहीं रहता।