चालू वित्त वर्ष में ही मिलेगा दांव लगाने का मौका, रितेश अग्रवाल ने किया लॉन्च टाइमलाइन का ऐलान

चालू वित्त वर्ष में ही मिलेगा दांव लगाने का मौका, रितेश अग्रवाल ने किया लॉन्च टाइमलाइन का ऐलान

हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल-टेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओयो (OYO) के सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ (IPO) का सालों से इंतजार कर रहे खुदरा व संस्थागत निवेशकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prism - पूर्व में ओरावेल स्टेज) चालू वित्त वर्ष में ही अपना मेगा पब्लिक इश्यू दलाल स्ट्रीट पर उतारने जा रही है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान कंपनी के संस्थापक और समूह सीईओ रितेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि कंपनी 31 मार्च से पहले घरेलू शेयर बाजार में लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

चालू वित्त वर्ष में ही आएगा ₹6,650 करोड़ का आईपीओ: रितेश अग्रवाल

आईपीओ की टाइमलाइन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए रितेश अग्रवाल ने कहा कि बाजार की परिस्थितियों और सही मूल्यांकन (वैल्यूएशन) को ध्यान में रखते हुए इश्यू को जल्द पेश किया जाएगा। रितेश अग्रवाल ने कहा, "उम्मीद है कि हम चालू वित्त वर्ष में ही आईपीओ पेश करेंगे। पब्लिक इश्यू लॉन्च करने से पहले हम इसके उचित मूल्य निर्धारण (प्राइसिंग) पर खास ध्यान देंगे।"

कंपनी ने इससे पहले दिसंबर 2025 में गोपनीय रूट (Confidential Route) के जरिए सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे और 30 जून 2026 को अपडेटेड ड्राफ्ट दस्तावेज नियामक को सौंपे थे।

100% फ्रेश इश्यू: कोई मौजूदा निवेशक नहीं बेचेगा अपनी हिस्सेदारी

प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम की सबसे अहम बात यह है कि ₹6,650 करोड़ का यह पूरा आईपीओ 'प्योर फ्रेश इश्यू' (Pure Fresh Issue) होगा।

  • ऑफर फॉर सेल (OFS) शून्य: इसमें किसी भी मौजूदा शेयरधारक या शुरुआती निवेशक द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।

  • प्रमोटर्स व बड़े फंड्स का भरोसा: इसका मतलब है कि सॉफ्टबैंक (SVF इंडिया होल्डिंग्स), संस्थापक रितेश अग्रवाल, आरए हॉस्पिटैलिटी, माइक्रोसॉफ्ट, एयरबीएनबी और पीक एक्सवी जैसे बड़े वैश्विक निवेशक अपनी शेयरधारिता में कोई कटौती नहीं करेंगे और कंपनी के भविष्य के साथ बने रहेंगे।

आईपीओ से मिलने वाले फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

दस्तावेजों के अनुसार, जुटाए जाने वाले ₹6,650 करोड़ में से अधिकांश राशि का उपयोग बैलेंस शीट को मजबूत करने में किया जाएगा:

  • ₹4,987.5 करोड़ कर्ज अदायगी में: कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता अपने ऊपर बकाया भारी कर्ज को चुकाना है, जिससे ब्याज का बोझ लगभग खत्म हो जाएगा और कंपनी की शुद्ध लाभप्रदता (Net Profitability) में बड़ा सुधार दिखेगा।

  • शेष राशि विस्तार और वर्किंग कैपिटल में: बाकी फंड का इस्तेमाल अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में विस्तार व सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

मजबूत वित्तीय आंकड़े: मुनाफे में चार गुना उछाल

कंपनी ने लिस्टिंग से पहले अपने बही-खाते को घाटे से उबारकर मजबूत मुनाफे की स्थिति में पहुंचा दिया है:

  • शुद्ध मुनाफा (PAT): वित्त वर्ष 2025-26 में प्रिज्म का नेट प्रॉफिट चार गुना बढ़कर ₹994 करोड़ रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में ₹245 करोड़ था।

  • ऑपरेटिंग रेवेन्यू: इस दौरान कंपनी की परिचालन आय 49.7% बढ़कर ₹9,358 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई।

  • ग्लोबल फुटप्रिंट: ओयो की मूल कंपनी आज 35 से अधिक देशों में 43 ब्रांड्स के तहत होटल्स, वेकेशन होम्स और रेंटल्स का संचालन कर रही है।

लंबी कानूनी अड़चनों और दो बार टले प्रयासों के बाद ओयो का यह पब्लिक इश्यू 2026 के सबसे बड़े न्यू-एज टेक आईपीओ में से एक माना जा रहा है।