'हैवान' के फ्लॉप होते ही टूटा अक्षय कुमार के डाई-हार्ड फैन का दिल: छोड़ा फैंडम, खत में लिखा- 'आपकी कंट्रोवर्सी से मेरा करियर बर्बाद हुआ'
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार के लिए बॉक्स ऑफिस पर लगातार चुनौतियां बनी हुई हैं। 11 सितंबर को रिलीज हुई उनकी मच-अवेटेड सस्पेंस क्राइम थ्रिलर 'हैवान' भी दर्शकों की कसौटी पर खरी नहीं उतर सकी और पहले ही वीकेंड में महज ₹7.35 करोड़ का नेट बिजनेस कर लड़खड़ा गई। एक के बाद एक लगातार फ्लॉप होती फिल्मों के बीच अब अक्षय कुमार के सबसे वफादार और कट्टर प्रशंसकों (डाई-हार्ड फैंस) का सब्र भी जवाब देने लगा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अक्षय के एक बेहद पुराने और चर्चित फैन क्लब संचालक ने एक लंबा, भावुक और बेहद कड़वा खुला खत लिखकर हमेशा के लिए अक्षय कुमार का फैंडम छोड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस पत्र में फैन ने केवल फिल्मों की विफलता पर ही निराशा व्यक्त नहीं की, बल्कि यह गंभीर आरोप भी लगाया कि अभिनेता की राजनीतिक व सामाजिक कंट्रोवर्सीज और इंटरनेट पर उन्हें डिफेंड करने के चक्कर में उसका वास्तविक जीवन और करियर तबाह हो गया।
'हैवान' ने तोड़ा सब्र का बांध: फैन ने बयां किया गहरा दर्द
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस खत में फैन ने लिखा कि वह पिछले 12-15 वर्षों से दिन-रात अक्षय कुमार के नाम का झंडा बुलंद कर रहा था। स्कूल के दिनों से लेकर कॉलेज और अब नौकरी की उम्र तक उसने सोशल मीडिया पर हर मंच पर अक्षय को डिफेंड किया, आलोचकों से भिड़ंत की और हर शुक्रवार पहली सुबह का पहला शो (FDFS) देखने सिनेमाघर पहुंचा।
फैन ने अपने पत्र में लिखा, "हम तब भी आपके साथ खड़े रहे जब 'सम्राट पृथ्वीराज', 'बच्चन पांडे', 'रक्षा बंधन', 'मिशन रानीगंज' और 'सरफिरा' जैसी फिल्में औंधे मुंह गिरीं। हमने सोचा कि गलतियां किसी से भी हो सकती हैं और आपका अगला प्रोजेक्ट कुछ असाधारण होगा। लेकिन 'हैवान' के रूप में आपने जो पेश किया, वह सिनेमा के नाम पर एक मजाक था। 40 दिनों में बिना किसी मेहनत और आत्मा के फिल्में पूरी करना और केवल चेक काटकर निकल जाना आपकी आदत बन चुका है। हमें ऐसा लगता है कि आपको अपने काम और अपने फैंस की उम्मीदों की रत्ती भर भी परवाह नहीं है।"
'आपकी कंट्रोवर्सीज को डिफेंड करते-करते मेरा करियर दांव पर लग गया'
पत्र का सबसे चर्चित और दर्दनाक हिस्सा वह रहा जहां इस युवा प्रशंसक ने अपने निजी जीवन और मानसिक स्थिति पर अक्षय के स्टारडम के नकारात्मक असर का जिक्र किया।
फैन ने लिखा, "कनाडा की नागरिकता का विवाद हो, पान मसाला का विज्ञापन हो या फिर गैर-राजनीतिक इंटरव्यूज... आप फैसले लेते रहे और इंटरनेट पर गालियां हम जैसे फैंस खाते रहे। आपके ट्रोल्स से लड़ने में, आपके बॉक्स ऑफिस आंकड़ों को सही साबित करने के लिए फर्जी लड़ाइयों में मैंने अपने जीवन के सबसे सुनहरे साल बर्बाद कर दिए। आपकी कंट्रोवर्सीज को जस्टिफाई करते-करते मेरे कॉलेज के ग्रेड्स गिरे, मेरा ध्यान पढ़ाई और करियर से भटका और आज जब मैं मुड़कर देखता हूं, तो मेरे पास दिखाने के लिए कुछ नहीं है। मुझे समझ आ गया है कि जब एक अभिनेता को अपनी कला और अपने दर्शकों का सम्मान करने की चिंता नहीं है, तो मैं उनके लिए अपना भविष्य क्यों कुर्बान करूं?"
'अब बस बहुत हुआ, मैं अपने जीवन में आगे बढ़ रहा हूं'
खत के अंत में उस फैन ने स्पष्ट किया कि वह अपना फैन क्लब अकाउंट हमेशा के लिए डिलीट या इनएक्टिव कर रहा है और अब कभी किसी अभिनेता की अंधभक्ति में नहीं पड़ेगा। उसने लिखा कि वह अक्षय कुमार से नफरत नहीं करता और उनके शुरुआती दौर की क्लासिक फिल्मों के लिए हमेशा उनका आदर करेगा, लेकिन एक एक्टिव 'अक्कीयन' (Akkians) के रूप में उसका सफर आज यहीं समाप्त होता है।
उसने अन्य युवा फैंस को भी सलाह दी कि वे स्क्रीन पर दिखने वाले सितारों के लिए अपनी वास्तविक जिंदगी, करियर, मानसिक शांति और समय बर्बाद न करें, क्योंकि बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से किसी अभिनेता की बैंक बैलेंस पर कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन एक आम फैन अपनी असल जिंदगी की जंग हार जाता है।
सोशल मीडिया पर पत्र की चर्चा, फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा सबक
यह पत्र सामने आते ही बॉलीवुड और सोशल मीडिया जगत में हलचल मच गई है। कई अन्य फैंस ने भी इस पोस्ट पर सहमति जताते हुए कमेंट किया कि स्टार्स को अंधाधुंध फिल्में साइन करने के बजाय स्क्रिप्ट और क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए। आलोचकों का भी मानना है कि मौजूदा दौर का दर्शक वर्ग अब अंधभक्ति से बाहर निकल चुका है; यदि फिल्म की कहानी, निर्देशन और अभिनय में ईमानदारी नहीं होगी, तो कोई भी बड़ा स्टारडम दर्शकों को सिनेमाघरों तक नहीं खींच सकता। यह घटना दर्शाती है कि लगातार गिरती गुणवत्ता से न केवल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन प्रभावित होता है, बल्कि अभिनेता की सबसे मजबूत ताकत—उसका समर्पित फैन बेस—भी बिखरने लगता है।