ओटीटी पर सस्पेंस और मर्डर का जबर्दस्त तड़का: अमेजन प्राइम वीडियो की ये 5 क्राइम सीरीज उड़ा देंगी रातों की नींद

ओटीटी पर सस्पेंस और मर्डर का जबर्दस्त तड़का: अमेजन प्राइम वीडियो की ये 5 क्राइम सीरीज उड़ा देंगी रातों की नींद

भारतीय डिजिटल दर्शकों के बीच क्राइम, मर्डर मिस्ट्री और इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर जॉनर की लोकप्रियता हमेशा शीर्ष पर रहती है। वीकेंड आते ही दर्शक ऐसे कंटेंट की तलाश में जुट जाते हैं जो उन्हें स्क्रीन से बांधे रखे और उनकी उत्सुकता को अंत तक बनाए रखे। ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो भारतीय कंटेंट के मामले में कई मील के पत्थर स्थापित कर चुका है। चाहे 'मिर्जापुर' के बाहुबलियों का खूनी खेल हो या पुलिसिया जांच के पेचीदा दांव-पेंच, प्राइम वीडियो की लाइब्रेरी में कई ऐसे शोज हैं जिन्होंने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब तारीफें बटोरीं।

अगर आप सामान्य ड्रामा से हटकर कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपके रोंगटे खड़े कर दे, तो अमेजन प्राइम वीडियो पर मौजूद 5 हिंदी क्राइम सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। इनमें से एक सीरीज तो ऐसी है जिसकी कहानी किसी लेखक की कल्पना नहीं, बल्कि देश के सबसे रसूखदार घराने में घटे एक खौफनाक और रहस्यमयी कत्ल की सच्ची दास्तान पर आधारित है।

2. 'डांसिंग ऑन द ग्रेव': बंगलुरु के दिल दहला देने वाले शकीरा खलीली हत्याकांड का कड़वा सच

इस फेहरिस्त में सबसे पहला और सबसे सनसनीखेज नाम है 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' (Dancing on the Grave)। यह कोई फिक्शनल ड्रामा नहीं बल्कि साल 2023 में रिलीज हुई 4 एपिसोड्स की एक बेहद खौफनाक ट्रू-क्राइम डॉक्युमेंट्री सीरीज है, जिसे आईएमडीबी पर 7.0 की रेटिंग मिली है। यह सीरीज 90 के दशक में बंगलुरु और पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले 'शकीरा खलीली हत्याकांड' की परत-दर-परत पड़ताल करती है।

शकीरा खलीली मैसूर रियासत के पूर्व दीवान सर मिर्जा इस्माइल की पोती थीं और बेहद रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखती थीं। अपने पहले पति से तलाक के बाद उन्होंने एक तथाकथित धर्मगुरु और तांत्रिक स्वामी श्रद्धानंद (मुरली मनोहर मिश्रा) से शादी कर ली थी। साल 1991 में शकीरा अचानक रहस्यमयी तरीके से गायब हो गईं। करीब तीन साल की लंबी जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए। श्रद्धानंद ने संपत्ति हड़पने के लिए शकीरा को नशीली गोलियां खिलाकर उनके अपने ही विशाल बंगले के आंगन में जिंदा दफन कर दिया था और उस जगह पर फर्श बनवाकर पार्टियां करता था। पैट्रिक ग्राहम के निर्देशन में बनी यह सीरीज ओरिजिनल कोर्ट फुटेज, पुलिस अफसरों के इंटरव्यू और खुद आरोपी के बयानों के जरिए उस भयावह साजिश को बिना किसी लाग-लपेट के पेश करती है।

3. 'दहाड़': 27 युवतियों की रहस्यमयी मौत और एक साइकोपैथ सीरियल किलर का पीछा

रीमा कागती और रुचिका ओबेरॉय द्वारा निर्देशित 8 एपिसोड्स की वेब सीरीज 'दहाड़' (Dahaad) भारतीय ओटीटी की सबसे चुनिंदा और परिपक्व मर्डर मिस्ट्रीज में गिनी जाती है। 7.6 की IMDb रेटिंग वाली इस सीरीज की कहानी राजस्थान के एक छोटे से कस्बे मंडावा की पृष्ठभूमि पर गढ़ी गई है। कहानी की शुरुआत तब होती है जब सब-इंस्पेक्टर अंजलि भाटी (सोनाक्षी सिन्हा) के सामने पब्लिक टॉयलेट्स में युवतियों की संदिग्ध मौतों का सिलसिला सामने आता है। पहली नजर में ये आत्महत्याएं लगती हैं, लेकिन गहराई से जांच करने पर पता चलता है कि यह 27 से अधिक लड़कियों का योजनाबद्ध कत्ल है।

सीरीज में सीरियल किलर आनंद स्वर्णकार का किरदार विजय वर्मा ने निभाया है, जो पेशे से एक सम्मानित कॉलेज प्रोफेसर है लेकिन अंदर से एक वहशी दरिंदा है। वह समाज की पिछड़ी और शादी के दबाव से परेशान लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाता है और फिर साइनाइड देकर उनकी जान ले लेता है। यह कहानी कर्नाटक के कुख्यात सीरियल किलर 'साइनाइड मोहन' के असल मामलों से भी काफी हद तक प्रेरित लगती है। गुलशन देवैया, सोहम शाह और विजय वर्मा के शानदार अभिनय तथा सामाजिक व जातिगत भेदभाव पर किए गए तीखे प्रहार ने इस सीरीज को बेहद खास बना दिया है।

4. 'पाताल लोक': दिल्ली के अंडरवर्ल्ड और सियासत के दलदल की रोंगटे खड़े कर देने वाली पड़ताल

भारतीय वेब सीरीज के इतिहास में 'पाताल लोक' (Paatal Lok) को एक कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल है। 8.2 की शानदार IMDb रेटिंग वाली यह सीरीज सुदीप शर्मा द्वारा रचित है और इसे अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस ने तैयार किया था। कहानी दिल्ली पुलिस के एक थके-हारे और उपेक्षित इंस्पेक्टर हाथी राम चौधरी (जयदीप अहलावत) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक हाई-प्रोफाइल पत्रकार संजीव मेहरा (नीरज काबी) की हत्या की नाकाम साजिश का केस सौंपा जाता है।

हाथी राम जब इस केस की तह तक जाने की कोशिश करता है, तो वह समाज के तीन स्तरों—स्वर्ग लोक, धरती लोक और पाताल लोक के खौफनाक चक्रव्यूह में उलझ जाता है। इस जांच के दौरान उसका सामना हथौड़ा त्यागी (अभिषेक बनर्जी), कबीर एम और तोप सिंह जैसे खतरनाक शूटरों से होता है। दिल्ली की गलियों से लेकर चित्रकूट और पंजाब के बीहड़ों तक फैली यह कहानी राजनीति, जातिवाद, मीडिया के गिरते स्तर और पुलिस तंत्र के खोखलेपन को इतने बेबाक अंदाज में दिखाती है कि दर्शक दंग रह जाते हैं। जयदीप अहलावत और इश्वाक सिंह की अदाकारी ने इस शो को हर ओटीटी लवर के लिए अनिवार्य बना दिया है।

5. 'तांडव': दिल्ली के सत्ता के गलियारों में रची गई खूनी साजिश और सियासी खेल

अगर आपको राजनीति और सत्ता के खेल में होने वाले अपराध पसंद हैं, तो 9 एपिसोड्स वाली 'तांडव' (Tandav) एक दिलचस्प पेशकश है। अली अब्बास जफर द्वारा निर्देशित इस पॉलिटिकल क्राइम सीरीज में सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, मोहम्मद जीशान अय्यूब और सुनील ग्रोवर जैसे मंझे हुए कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। हालांकि विवादों के चलते इसकी आईएमडीबी रेटिंग 4.8 रह गई, लेकिन कहानी की बुनावट और किरदारों की चालें इसे एक रोचक वॉच बनाती हैं।

कहानी देश की राजधानी में प्रधानमंत्री पद की कुर्सी को लेकर शुरू होती है। प्रधानमंत्री देवकी नंदन सिंह का बेटा समर प्रताप सिंह (सैफ अली खान) सत्ता हासिल करने के लिए अपने ही पिता को जहर देकर मार डालता है। इसके बाद शुरू होता है ब्लैकमेलिंग, धोखे और छात्र राजनीति के जरिए देश की सियासत को मोहरे की तरह इस्तेमाल करने का खेल। सुनील ग्रोवर ने इसमें गुरपाल सिंह नाम के एक ठंडे दिमाग वाले फिक्सर का ऐसा डार्क किरदार निभाया है जिसे देखकर दर्शक उनके कॉमेडी वाले रूप को पूरी तरह भूल जाते हैं। लुटियंस दिल्ली के राजमहलों से लेकर जेएनयू की तर्ज पर बने वीएनयू कॉलेज के गलियारों तक, यह सीरीज सियासत के गंदे खेल को उजागर करती है।

6. 'द फैमिली मैन': देश की सुरक्षा, सीक्रेट एजेंट की दोहरी जिंदगी और सांसें थाम देने वाला थ्रिल

अमेजन प्राइम वीडियो की सबसे सफल और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी में 'द फैमिली मैन' (The Family Man) का नाम सबसे ऊपर आता है। राज और डीके द्वारा बनाई गई इस सीरीज के अब तक आए सीजन्स को दर्शकों ने सिर आंखों पर बिठाया है और इसकी IMDb रेटिंग 8.6 है। 70 से ज्यादा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली यह सीरीज एक ऐसी स्पाई-क्राइम थ्रिलर है जो दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ तनाव से भर देती है।

सीरीज की कहानी श्रीकांत तिवारी (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की एक गुप्त शाखा T.A.S.C. में सीनियर एनालिस्ट और फील्ड एजेंट हैं। दुनिया के सामने वह एक साधारण सरकारी कर्मचारी हैं, लेकिन असल में वह देश पर होने वाले बड़े आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हैं। घर में बीवी-बच्चों की रोजमर्रा की समस्याओं और मोर्चे पर खूंखार आतंकियों के साथ माइंड गेम्स के बीच संतुलन बैठाते श्रीकांत का यह सफर बेहद रोमांचक है। शारिब हाशमी के साथ उनकी केमिस्ट्री और हर एपिसोड के अंत में आने वाले ट्विस्ट्स इसे एक परफेक्ट बिंज-वॉच सीरीज बनाते हैं।

7. वीकेंड बिंज-वॉचिंग के लिए कौन सी सीरीज चुने? अपनी पसंद के मुताबिक करें चुनाव

प्राइम वीडियो पर उपलब्ध ये पांचों सीरीज अपनी अलग शैली और प्रभावशाली ट्रीटमेंट के लिए जानी जाती हैं। यदि आप असली अपराध और कोर्टरूम इन्वेस्टिगेशन के शौकीन हैं तो 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' आपको एक अविस्मरणीय अनुभव देगी। वहीं अगर आपको समाज के यथार्थ और सिस्टम की गहराई को समझने वाले साइकोलॉजिकल मर्डर थ्रिलर पसंद हैं, तो 'दहाड़' और 'पाताल लोक' से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।

सत्ता के षड्यंत्रों के लिए 'तांडव' और फैमिली एंटरटेनमेंट के साथ फुल-ऑन थ्रिलर के लिए 'द फैमिली मैन' सबसे मुफीद हैं। इस आने वाले वीकेंड पर आप अपनी पसंद के जॉनर के हिसाब से इनमें से किसी भी सीरीज को अपनी स्क्रीन पर प्ले कर सकते हैं और बिना रुके बेहतरीन भारतीय सिनेमाई कंटेंट का लुत्फ उठा सकते हैं।