अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर कंटेस्टेंट ने मारा असंवेदनशील जोक: समय रैना ने बीच में ही रोका सेट

अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर कंटेस्टेंट ने मारा असंवेदनशील जोक: समय रैना ने बीच में ही रोका सेट

देश के सबसे लोकप्रिय, अनफिल्टर्ड और चर्चित डिजिटल कॉमेडी टैलेंट शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' (India's Got Latent) के मंच पर अक्सर अजीबोगरीब और चौंकाने वाले पल देखने को मिलते हैं। डार्क कॉमेडी और तीखे रोस्टिंग फॉर्मेट के लिए पहचाने जाने वाले इस शो की कमान स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के हाथों में है। शो में जहां कंटेस्टेंट्स अपनी बेबाक और अतरंगी प्रतिभा से जजों को हंसाने की कोशिश करते हैं, वहीं कई बार हंसी और असंवेदनशीलता के बीच की बेहद महीन रेखा भी पार हो जाती है। हाल ही में शो के एक एपिसोड के दौरान ऐसा ही एक असहज और तनावपूर्ण वाकया सामने आया, जब मंच पर प्रस्तुति देने आए एक युवा स्टैंडअप कंटेस्टेंट ने सीधे अहमदाबाद प्लेन क्रैश जैसी भीषण मानवीय त्रासदी पर जोक मार दिया। डार्क कॉमेडी के खुले समर्थक होने के बावजूद होस्ट समय रैना इस असंवेदनशीलता को बर्दाश्त नहीं कर सके और उन्होंने तुरंत एक्ट को बीच में ही रोक दिया।

मंच पर क्या हुआ: प्लेन क्रैश पर पंचलाइन सुनते ही सन्नाटे में डूबा हॉल

एपिसोड के दौरान अपनी प्रस्तुति देने आए एक उभरते हुए स्टैंडअप कॉमेडियन ने शुरुआती चुटकुलों के बाद अचानक अपनी स्क्रिप्ट को उस दर्दनाक हादसे की ओर मोड़ दिया जहां अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे पर एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और कई लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। कंटेस्टेंट ने इस हादसे और उसमें हताहत हुए यात्रियों की स्थिति को लेकर एक बेहद भद्दी और असंवेदनशील पंचलाइन पेश की। उसे उम्मीद थी कि जज और दर्शक इस पर ठहाके लगाएंगे, लेकिन हॉल में अचानक एक असहज सन्नाटा पसर गया। साथी जजों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं और दर्शक भी स्तब्ध रह गए।

समय रैना ने बीच में ही रोका एक्ट, पूछ डाला यह गंभीर सवाल

जैसे ही कंटेस्टेंट अपनी अगली लाइन बोलने के लिए आगे बढ़ा, समय रैना ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज को किनारे रखते हुए तुरंत अपना हाथ उठाया और उसे बीच में ही रोक दिया। समय के चेहरे पर गंभीर नाराजगी साफ नजर आ रही थी। उन्होंने माइक थामते हुए उस कंटेस्टेंट से सीधे और सपाट शब्दों में पूछा—"क्या तुम्हें वाकई लगता है कि जिन परिवारों ने उस हादसे में अपने अपनों को खो दिया, उनके आंसुओं और उस त्रासदी पर कोई कॉमेडी पंचलाइन बन सकती है? क्या तुम्हें स्टेज पर खड़े होकर बोलने से पहले इस बात का रत्ती भर भी अहसास था कि यह किसी के लिए कितना दर्दनाक हो सकता है?"

समय के इस तीखे सवाल ने कंटेस्टेंट को मंच पर असहज कर दिया और उसके चेहरे का रंग उड़ गया। समय ने आगे कहा कि वे खुद डार्क कॉमेडी के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं और सीमाओं को लांघना उनकी शैली का हिस्सा रहा है, लेकिन किसी ऐसी हालिया त्रासदी को लेकर मजाक बनाना जिसमें सैकड़ों जिंदगियां बर्बाद हुई हों, कॉमेडी नहीं बल्कि सरासर असंवेदनशीलता और सस्ता ध्यान (चीप अटेंशन) खींचने की कोशिश है।

साथी जजों ने भी लगाई कड़ी फटकार, मंच से तुरंत किया गया आउट

समय रैना के इस स्टैंड का पैनल में बैठे अन्य साथी जजों और गेस्ट्स ने भी पुरजोर समर्थन किया। जजों ने साफ शब्दों में कहा कि स्टैंडअप कॉमेडी का मकसद लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना और सत्ता या समाज की विसंगतियों पर व्यंग्य करना होता है, न कि किसी बेबस पीड़ित के दर्द और मौतों की नुमाइश लगाकर सस्ती तालियां बटोरना। मंच पर मौजूद जजों ने कंटेस्टेंट को शून्य अंक दिए और बिना पूरा एक्ट सुने ही उसे मंच से तत्काल बाहर का रास्ता दिखा दिया।

सोशल मीडिया पर समय रैना के रुख की जमकर हो रही तारीफ

इस घटना की क्लिप वायरल होते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स और कॉमेडी प्रेमियों ने समय रैना की खुलकर प्रशंसा की है। आमतौर पर समय रैना पर कई बार अत्यधिक डार्क और बोल्ड कॉमेडी करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अहमदाबाद प्लेन क्रैश जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दे पर जिस परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ उन्होंने मंच की मर्यादा बचाई, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि नए दौर के कॉमेडियन्स को यह समझना बेहद जरूरी है कि कॉमेडी की आजादी का मतलब किसी के व्यक्तिगत या राष्ट्रीय आघात (Trauma) का उपहास उड़ाना कभी नहीं हो सकता।