Drishyam 3 का 21वें दिन बॉक्स ऑफिस पर तांडव: 563 करोड़ पार हुआ वर्ल्डवाइड कलेक्शन
भारतीय सिनेमा के बॉक्स ऑफिस पर जब सस्पेंस, मर्डर मिस्ट्री और पारिवारिक ड्रामा का जादू चलता है, तो बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स धराशायी हो जाते हैं। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'दृश्यम 3' (Drishyam 3) इस बात का सबसे बड़ा सबूत बनकर उभरी है। सिनेमाघरों में रिलीज के पूरे 21 दिन यानी तीन हफ्ते पूरे करने के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर थमने का नाम नहीं ले रही है। 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई इस फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त ने न केवल साल 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बनने का गौरव हासिल किया है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर सामने आई हर बड़ी चुनौती को पछाड़ते हुए अपना दबदबा बरकरार रखा है। माइथोलॉजिकल डिवोशनल ड्रामा फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) की रिकॉर्डतोड़ कमाई को पीछे छोड़ने के बाद, जब सिनेमाघरों में रजनीकांत की बहुचर्चित फिल्म 'जेलर 2' (Jailer 2) उतरी, तो कयास लगाए जा रहे थे कि दृश्यम 3 की रफ्तार थम जाएगी। इसके बावजूद अजय देवगन और तब्बू की इस फिल्म ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी और वीकडेज में भी टिकट खिड़कियों पर दर्शकों की कतारें खींचने में पूरी तरह कामयाब रही।
21वें दिन गुरुवार को भी चला विजय सलगांवकर का जादू: वीकडेज में छापे 2.10 करोड़
बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क डॉट कॉम (Sacnilk) द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दृश्यम 3 ने अपने तीसरे हफ्ते के गुरुवार यानी 21वें दिन वर्किंग डे होने के बावजूद सिंगल डे पर 2.10 करोड़ रुपये का शानदार नेट कलेक्शन दर्ज किया है। किसी भी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म के लिए रिलीज के तीसरे हफ्ते में, खासकर गुरुवार जैसे धीमे दिन पर दो करोड़ से ज्यादा का कारोबार करना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। इस ताजा कमाई के जुड़ने के साथ ही घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब 361.85 करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े तक पहुंच चुका है। वहीं, अगर भारत में फिल्म की ग्रॉस कमाई की बात करें तो टैक्स और अतिरिक्त शुल्कों को मिलाकर यह आंकड़ा 433.52 करोड़ रुपये के जादुई मील के पत्थर को पार कर चुका है। फिल्म को मिल रहे इस जबरदस्त वर्ड-ऑफ-माउथ का असर है कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और गुजरात सर्किट्स में मल्टिप्लेक्स से लेकर सिंगल स्क्रीन्स तक हाउसफुल बोर्ड देखने को मिल रहे हैं।
600 करोड़ के क्लब में एंट्री की तैयारी: वर्ल्डवाइड कलेक्शन 563 करोड़ के पार
घरेलू बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने के साथ-साथ दृश्यम 3 अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के 21 दिनों में फिल्म ने कुल मिलाकर 563.02 करोड़ रुपये का विशालकाय कलेक्शन कर लिया है। अब फिल्म इतिहास रचने और 600 करोड़ रुपये के प्रतिष्ठित वर्ल्डवाइड क्लब में शामिल होने की दहलीज पर खड़ी है। साल 2026 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर 2' (Dhurandhar 2) के बाद दृश्यम 3 दूसरी ऐसी हिंदी फिल्म बनने जा रही है जो इस रिकॉर्ड लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराएगी। 600 करोड़ के इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को छूने के लिए अब फिल्म को दुनियाभर के सिनेमाघरों से महज 36.98 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई दरकार है। आने वाले चौथे वीकेंड में फिल्म को मिलने वाले एडवांस बुकिंग ट्रेंड्स को देखते हुए ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फासला अगले कुछ दिनों के भीतर ही आसानी से सिमट जाएगा।
ओवरसीज मार्केट में बजा तब्बू-अजय का डंका: मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अमेरिका में 129 करोड़ पार
विदेशों में भारतीय सस्पेंस ड्रामा फिल्मों को सीमित दर्शक मिलने की पुरानी धारणा को दृश्यम 3 ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में अब तक 129.50 करोड़ रुपये का तगड़ा कलेक्शन अपने खाते में जोड़ लिया है। अजय देवगन, तब्बू और श्रिया सरन की इस सस्पेंस गाथा को विशेष रूप से मिडिल ईस्ट (संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब) और नॉर्थ अमेरिका (यूएसए और कनाडा) के सिनेमाघरों में अभूतपूर्व दर्शक मिल रहे हैं। विदेशी धरती पर बसे भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रवासी इस थ्रिलर के हर ट्विस्ट और कोर्टरूम ड्रामे को बड़े चाव से देख रहे हैं। यही वजह है कि विदेशी वितरक लगातार चौथे हफ्ते भी कई बड़े शहरों में फिल्म के शोज को बढ़ाने पर मजबूर हुए हैं, जिससे फिल्म की कमाई की रफ्तार बिना रुके लगातार आगे बढ़ रही है।
सैम मर्डर केस की दोबारा जांच और शनि देव का खौफ: सेकंड हाफ में है असली सस्पेंस का भूचाल
दर्शकों और समीक्षकों का एक सुर में मानना है कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कसी हुई कहानी और अप्रत्याशित क्लाइमेक्स है। फिल्म की पटकथा वहां से शुरू होती है जहां सैम देशमुख की रहस्यमयी मौत का केस कानूनी रूप से दोबारा रिओपन किया जाता है। इस बार पुलिस महकमे ने केस की जांच की कमान एक बेहद सख्त, चालाक और क्रूर आईपीएस अधिकारी एसपी राजेश्वर तोमर को सौंपी है, जो खुद को न्याय का शनि देव मानता है और जिसका रिकॉर्ड रहा है कि वह किसी भी गुनहगार को नहीं छोड़ता। फिल्म का पहला हाफ भले ही सलगांवकर परिवार के नए जीवन, मानसिक दबाव और कानूनी दांव-पेचों को स्थापित करने में थोड़ा धीमा बीतता है, लेकिन इंटरवल के बाद यानी सेकंड हाफ में कहानी ऐसी अप्रत्याशित रफ्तार पकड़ती है कि दर्शक दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो जाते हैं। कोर्टरूम ड्रामा, फॉरेंसिक सबूतों की बाजीगरी और विजय सलगांवकर के अंतिम चक्रव्यूह ने सिनेमाघरों में बैठे दर्शकों को सीट से बांधे रखा है। 21 दिनों के बाद भी फिल्म का यह विजय रथ यह साबित कर रहा है कि अच्छी कहानी और दमदार अदाकारी के आगे कोई भी चुनौती नहीं टिक सकती।