मिर्जापुर द मूवी के शो में भयंकर बवाल: सिनेमाहॉल में भिड़े दो गुट, जमकर चले बेल्ट और घूंसे

मिर्जापुर द मूवी के शो में भयंकर बवाल: सिनेमाहॉल में भिड़े दो गुट, जमकर चले बेल्ट और घूंसे

सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा रही 'मिर्जापुर: द मूवी' का खुमार दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन कुछ जगहों पर यह उत्साह बेकाबू होकर हिंसक रूप अख्तियार कर रहा है। बड़े पर्दे पर कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया के भौकाल को देखने के लिए थिएटर्स में खचाखच भीड़ उमड़ रही है। इसी भारी भीड़ और सीटिंग को लेकर हाल ही में एक सिनेमाघर के भीतर दर्शकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। पर्दे पर चल रहे खूनी खेल के बीच असल जिंदगी में भी हॉल के अंदर ऐसा घमासान मचा कि दर्शकों में चीख-पुकार मच गई। बात गाली-गलौज से शुरू होकर बेल्ट, लात और घूंसों तक पहुंच गई, जिससे थिएटर के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सीट और हूटिंग को लेकर भड़की चिंगारी, बेल्ट निकालकर पीटा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना फिल्म के नाइट शो के दौरान घटी। सिनेमाहॉल पूरी तरह हाउसफुल था और दर्शक हर डायलॉग पर सीटियां व तालियां बजा रहे थे। इसी दौरान आगे-पीछे बैठे युवकों के दो समूहों के बीच पहले किसी बात पर टिप्पणी और हूटिंग को लेकर बहस छिड़ गई। कुछ ही पलों में जुबानी तकरार इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक युवक अपनी-अपनी सीटों से उठकर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते युवकों ने अपनी कमर से चमड़े की बेल्टें निकाल लीं और एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। हॉल के भीतर अंधेरे और तेज आवाज के बीच अचानक हुए इस हमले से बाकी दर्शक सकते में आ गए। आसपास बैठे लोग अपनी जान बचाने के लिए सीटों से उठकर इधर-उधर भागने लगे।

बेकाबू क्राउड और हुड़दंग से सहमी महिला, बीच में ही छोड़ा शो

सिनेमाघर के अंदर मचे इस तांडव और बदहवासी का सबसे बुरा असर वहां मौजूद महिलाओं और परिवारों पर पड़ा। एक महिला दर्शक, जो अपने परिवार के साथ फिल्म देखने आई थीं, इस हुड़दंग और बदसलूकी से इस कदर घबरा गईं कि उन्हें बीच में ही शो छोड़कर थिएटर से बाहर निकलना पड़ा। महिला ने बाहर आकर अपनी नाराजगी और डर जाहिर करते हुए बताया कि थिएटर के अंदर का माहौल बेहद डरावना और असुरक्षित हो चुका था। युवक लगातार गालियां दे रहे थे और बेल्ट चला रहे थे, जिससे बच्चों और महिलाओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। महिला ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण उन्होंने अपनी जान की सलामती को प्राथमिकता दी और टिकट के पैसे बर्बाद होने के बावजूद तुरंत हॉल छोड़ दिया।

सुरक्षा गार्ड्स के छूटे पसीने, पुलिस के पहुंचने पर शांत हुआ मामला

हॉल के भीतर मारपीट की खबर मिलते ही थिएटर प्रबंधन और बाउंसर मौके पर पहुंचे, लेकिन युवकों का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर था कि निजी गार्ड्स भी उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहे थे। इसके बाद सिनेमाघर प्रबंधन ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस की सायरन बजती गाड़ियों के परिसर में पहुंचते ही मारपीट कर रहे कई युवक अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जबकि कुछ उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शो को दोबारा सामान्य कराया और घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा।

थिएटरों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरी घटना ने मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'मिर्जापुर' जैसी एक्शन और क्राइम जॉनर की फिल्मों के दौरान अक्सर युवा दर्शकों का आक्रामक रवैया देखने को मिलता है। ऐसे में मेटल डिटेक्टर और चेकिंग के बावजूद बेल्ट और अन्य चीजों से खुलेआम मारपीट होना प्रबंधन की भारी लापरवाही को दर्शाता है। सिनेमा प्रेमियों और परिजनों का कहना है कि प्रशासन और थिएटर मालिकों को ऐसे बड़े और हाई-ऑक्यूपेंसी वाले शोज के दौरान हॉल के भीतर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करनी चाहिए ताकि शांति से फिल्म देखने आए आम दर्शकों को खौफ के साये में न जीना पड़े।