तो इसलिए बंद हुआ 'कॉफी विद करण'? ओटीटी के बजाय खुद का नया चैट शो प्लान कर रहे हैं करण जौहर

तो इसलिए बंद हुआ 'कॉफी विद करण'? ओटीटी के बजाय खुद का नया चैट शो प्लान कर रहे हैं करण जौहर

टेलीविजन से लेकर ओटीटी तक भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का सबसे चर्चित, विवादित और मसालेदार चैट शो 'कॉफी विद करण' (Koffee With Karan) जब से बंद होने की चर्चाओं में आया है, तभी से फैंस के मन में यह सवाल था कि आखिर करण जौहर ने इस ऐतिहासिक शो को आगे न बढ़ाने का फैसला क्यों किया। आठ सीजन तक सितारों के प्रेम-प्रसंगों, नेपोटिज्म की बहसों, कैटफाइट्स और रैपिड फायर राउंड के जरिए सुर्खियां बटोरने वाला यह शो अचानक थम गया। लेकिन अब इंडस्ट्री के गलियारों से करण जौहर का असली मास्टरप्लान बाहर आ चुका है। सूत्रों के मुताबिक, करण जौहर ने चैट शो की दुनिया को हमेशा के लिए नहीं छोड़ा है, बल्कि वे एक तीसरे पक्ष के ब्रॉडकास्टर या ओटीटी प्लेटफॉर्म के नियमों और सेंसरशिप के बंधनों से निकलकर खुद का एक बिल्कुल नया, स्वतंत्र और आधुनिक चैट शो लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं।

पीआर-कंट्रोल्ड जवाबों से थक चुका था पुराना फॉर्मेट: नया दृष्टिकोण लाना चाहते हैं करण

'कॉफी विद करण' के शुरुआती सीजन्स में जो बेबाकी, कच्चापन और बिना फिल्टर की बातें देखने को मिलती थीं, पिछले कुछ सीजन्स में वह पूरी तरह गायब हो चुकी थीं। आज के दौर में बॉलीवुड के लगभग हर बड़े सितारे के साथ एक सख्त पीआर (PR) टीम और लीगल एडवाइजर्स जुड़े होते हैं। काउच पर बैठने से पहले ही यह तय कर लिया जाता था कि कौन सा सवाल पूछा जाएगा और किस मुद्दे पर खामोश रहना है। इसके चलते शो की आत्मा यानी बेबाक गॉसिप पूरी तरह से बनावटी दिखने लगी थी और दर्शकों ने भी इसे अत्यधिक पीआर-ड्रिवेन बताते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया था। करण जौहर खुद इस बात को कई साक्षात्कारों में स्वीकार कर चुके थे कि अब एक्टर्स किसी भी विवाद के डर से खुलकर बात करने से कतराते हैं। इसी घुटन और पुराने पड़ चुके ढर्रे को तोड़ने के लिए करण ने पुराने 'कॉफी' फॉर्मेट को पैकअप करने और एक बिल्कुल नया कॉन्सेप्ट गढ़ने का फैसला किया।

खुद के डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रोडक्शन हाउस का दांव: पूरा कंट्रोल अपने हाथ में

ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो करण जौहर अपने धर्माटिक एंटरटेनमेंट (Dharmatic Entertainment) और यूट्यूब/डिजिटल पार्टनरशिप्स के जरिए एक ऐसा चैट शो तैयार कर रहे हैं जिसकी पूरी क्रिएटिव और डिस्ट्रीब्यूशन ओनरशिप उनके अपने पास होगी। किसी बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के कड़े मानकों, कॉर्पोरेट दबावों और एल्गोरिदम के दिशा-निर्देशों से मुक्त होकर करण एक ऐसा फॉर्मेट चाहते हैं जो केवल पारंपरिक फिल्मी सितारों तक सीमित न हो। नए शो में न केवल मुख्यधारा के सुपरस्टार्स शामिल होंगे, बल्कि बिजनेस टायकून्स, ग्लोबल इन्फ्लुएंसर्स, स्टैंड-अप कॉमेडियंस और न्यू-एज कल्चरल आइकॉन्स को भी एक मंच पर बैठाया जाएगा। इस नए शो का टोन केवल बॉलीवुड की चटपटी बातों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसमें सितारों की व्यक्तिगत असफलताओं, मानसिक दबाव और असल जिंदगी की अनसुनी कहानियों पर गहरी बातचीत होगी।

विवादों और ट्रोलिंग से बचाव की नई रणनीति: अनफिल्टर्ड मगर सुरक्षित संवाद

'कॉफी विद करण' के साथ सबसे बड़ी समस्या यह बन गई थी कि शो के हर एपिसोड के बाद सोशल मीडिया पर किसी न किसी एक्टर या खुद करण जौहर को बेरहमी से ट्रोल किया जाने लगता था। कई बार शो में कहे गए हल्के-फुल्के जोक्स अदालती विवादों, बॉयकॉट अभियानों और सामाजिक आलोचनाओं का कारण बन जाते थे। यही वजह थी कि कई दिग्गज सितारे काउच पर आने से सीधे मना करने लगे थे। अपने नए प्रोजेक्ट के साथ करण एक ऐसा सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार करना चाहते हैं जहां मेहमान बिना किसी कानूनी या सामाजिक डर के अपने दिल की बात कह सकें। नए फॉर्मेट में रैपिड फायर जैसे संवेदनशील सेगमेंट को बदलकर कुछ ऐसे मजेदार और इनोवेटिव गेम्स जोड़े जा रहे हैं जो विवादों को जन्म देने के बजाय विशुद्ध मनोरंजन पेश करें।

कब और कहां आएगा नया शो? इंडस्ट्री में टिकीं निगाहें

करण जौहर के इस नए चैट शो के प्री-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। सेट डिजाइनिंग से लेकर शो के नए टाइटल तक, सब कुछ गुप्त रखा गया है ताकि औपचारिक ऐलान के साथ बड़ा धमाका किया जा सके। ट्रेड जानकारों का मानना है कि करण जौहर का यह कदम आज के डिजिटल पॉडकास्ट कल्चर (Podcast Culture) को टक्कर देने की एक सोची-समझी रणनीति है, जहां जो रोगन या अन्य ग्लोबल पॉडकास्टर्स की तरह लंबी, संजीदा और आकर्षक बातचीत को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या करण जौहर अपने नए अवतार में उस पुराने जादू को फिर से जगा पाएंगे, या फिर दर्शक हमेशा उनके हाथ में वो 'कॉफी मग' ही तलाशते रहेंगे।