'पूरी दुनिया देख रही है...' CJP प्रोटेस्ट पर फूटा विशाल ददलानी का गुस्सा

'पूरी दुनिया देख रही है...' CJP प्रोटेस्ट पर फूटा विशाल ददलानी का गुस्सा

सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) और नागरिक संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कड़े कदमों पर बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने जोरदार हमला बोला है। प्रदर्शन स्थल पर धारा 144 लगाने, बैरिकेडिंग करने, कार्यकर्ताओं की एहतियातन हिरासत और सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए ददलानी ने तीखा सवाल उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सत्ता प्रतिष्ठान के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले नागरिकों और छात्रों की आवाज दबाने के लिए राज्य मशीनरी जिस तरह का रुख अपना रही है, उसे देखकर यह सोचना पड़ता है कि सरकार अपनी असहमति को दबाने के लिए किस स्तर तक जा सकती है।

'पूरी दुनिया की नजरें भारत के लोकतंत्र पर हैं': ददलानी का तीखा बयान

विशाल ददलानी ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय छवि और संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए लिखा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन जब लोकतांत्रिक तरीकों से असहमति दर्ज कराने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, तो यह वैश्विक मंचों पर देश की साख को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा—"पूरी दुनिया देख रही है कि अपने ही नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध से सत्ता इतनी क्यों घबरा जाती है? जब छात्रों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अपनी बात कहने से पहले ही नजरबंद या हिरासत में ले लिया जाता है, तो यह ताकतवर प्रशासन का नहीं बल्कि गहरी असुरक्षा का प्रतीक है।" ददलानी ने याद दिलाया कि बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान ने देश के हर नागरिक को शांतिपूर्ण सभा और विरोध का मौलिक अधिकार दिया है।

प्रकाश राज के बाद ददलानी का खुला समर्थन: सितारों की आवाज हुई बुलंद

नागरिक आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी पाबंदियों को लेकर फिल्मी दुनिया से यह लगातार दूसरा बड़ा और तीखा बयान सामने आया है। इससे पहले दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज ने भी सोशल मीडिया पर ट्रेनें रद्द होने और प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि "सरकार के पैर तले क्या हिल रहा है?" अब विशाल ददलानी के खुलकर मैदान में आने से इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर और ज्यादा गति मिल गई है। ददलानी पहले भी किसानों के आंदोलन, सीएए विरोधी प्रदर्शनों और छात्र आंदोलनों के दौरान खुलकर अपनी राय जाहिर करते रहे हैं और सत्ता से सवाल पूछने वाले कलाकारों में सबसे आगे रहे हैं।

कानून-व्यवस्था बनाम संवैधानिक अधिकार: इंटरनेट पर छिड़ी जंग

विशाल ददलानी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। विपक्ष, नागरिक समाज और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ददलानी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य मशीनरी का इस्तेमाल विरोधियों को डराने के लिए नहीं होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन और सरकार समर्थकों ने ददलानी पर बिना तथ्यों को जाने कानून-व्यवस्था के मामलों पर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया। समर्थकों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की पहली प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखना, उपद्रव को रोकना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, जिसे दमन का नाम देना पूरी तरह गलत है।

बेबाकी और सामाजिक मुद्दों पर हमेशा मुखर रहे हैं विशाल ददलानी

संगीत की दुनिया में शेखर रवजियानी के साथ मिलकर दर्जनों ब्लॉकबस्टर गाने देने वाले विशाल ददलानी केवल धुनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखते हैं। करियर के जोखिम और ट्रोलिंग की परवाह किए बिना वे अक्सर सामाजिक न्याय, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के पक्ष में बोलते आए हैं। CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिया गया उनका यह ताजा बयान अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है और मानवाधिकारों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे चुका है।