2 करोड़ की 'हनुमान अंश' की दीवानी हुईं कंगना रनौत, नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म की तारीफ में लिखा भावुक नोट
बॉक्स ऑफिस पर 51 साल पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्म बन चुकी 'हनुमान अंश' का डंका अब बॉलीवुड के शीर्ष गलियारों में भी गूंजने लगा है। उत्तराखंड के पावन कैंची धाम और उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित महान संत बाबा नीम करोली महाराज के जीवन दर्शन और चमत्कारों पर आधारित महज 2 करोड़ रुपये की इस फिल्म की अभूतपूर्व सफलता पर अब बॉलीवुड की 'क्वीन' और बेबाक अभिनेत्री कंगना रनौत का दिल आ गया है। हमेशा अपनी स्पष्टवादिता और सनातन संस्कृति के प्रति गहरी आस्था के लिए पहचानी जाने वाली कंगना रनौत ने इस छोटी सी फिल्म के समर्थन में एक बेहद भावुक और विचारोत्तेजक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है।
कंगना रनौत ने न केवल फिल्म की सादगी और रूहानियत की दिल खोलकर तारीफ की है, बल्कि आज के आधुनिक दौर में अवसाद, तनाव और मानसिक उलझनों से जूझ रहे युवाओं को एक अनूठी और सीधी सलाह भी दे डाली है। अभिनेत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए दो टूक शब्दों में लिखा कि लोग अपनी हजारों रुपये की 'महंगी मनोवैज्ञानिक थेरेपी' (Therapy) के सेशन छोड़ें और सीधे नजदीकी सिनेमाघर जाकर 'हनुमान अंश' देखें। कंगना का कहना है कि यह फिल्म कोई सामान्य मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा को शांत करने वाली एक आध्यात्मिक संजीवनी है।
कंगना का वायरल पोस्ट: 'आत्मा को तृप्त कर देगी यह फिल्म, छोड़िए आधुनिक दिखावा'
कंगना रनौत ने अपने पोस्ट में लिखा कि मौजूदा दौर में जब इंसान अपने ही बनाए मानसिक दबाव, चिंता और अवसाद के भंवर में फंसा हुआ है, तब ऐसी फिल्में किसी दैवीय आशीर्वाद की तरह सामने आती हैं। उन्होंने दर्शकों से अपील करते हुए लिखा, "यदि आप जीवन में किसी भी प्रकार के तनाव, खालीपन या दिशाहीनता से गुजर रहे हैं, तो अपनी महंगी थेरेपी और मनोवैज्ञानिकों की क्लास छोड़िए और तुरंत जाकर 'हनुमान अंश' देखिए। यह फिल्म आपको सिखाती है कि जब आप सब कुछ ईश्वर और गुरु के चरणों में समर्पित कर देते हैं, तो जीवन कितना सरल, सुंदर और चमत्कारी हो जाता है।"
अभिनेत्री ने आगे लिखा कि संत नीम करोली बाबा महाराज की कृपा और उनकी करुणा को जिस सादगी और पवित्रता के साथ इस फिल्म में उकेरा गया है, वह सीधे दर्शक के हृदय के तारों को झकझोर देती है। उन्होंने निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या के अभिनय की विशेष रूप से सराहना की। कंगना ने कहा कि बिना किसी बड़े स्टार के, बिना किसी शोर-शराबे और तकनीकी तामझाम के इतने गहरे आध्यात्मिक अनुभव को पर्दे पर उतारना अपने आप में एक असाधारण साधना है।
500-800 करोड़ी फिल्मों और बॉलीवुड के खोखलेपन पर परोक्ष तंज
कंगना रनौत की इस पोस्ट को केवल एक फिल्म की सामान्य प्रशंसा के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि सिने समीक्षक इसे बॉलीवुड और पैन-इंडिया सिनेमा के मौजूदा 'बजट के आडंबर' पर एक करारा प्रहार मान रहे हैं। हाल के दिनों में जहां 500 से 800 करोड़ रुपये के भारी बजट में बनी एक्शन और डार्क फिल्में (जैसे यश की 'टॉक्सिक') वीकडेज में दर्शकों को आकर्षित करने के लिए जूझ रही हैं, वहीं कंगना ने यह रेखांकित किया कि सिनेमा का असली दम उसकी कहानी, रूह और मिट्टी से जुड़ाव में होता है।
कंगना ने अपने विचार साझा करते हुए संकेत दिया कि फिल्म उद्योग को अब यह समझना होगा कि दर्शक केवल बंदूकों की आवाज, खून-खराबा और विदेशी सेट्स देखकर सिनेमाघरों में नहीं आते। भारतीय दर्शक मूल रूप से अपनी जड़ों, अपनी आस्था और सच्चे मानवीय मूल्यों से जुड़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि 2 करोड़ रुपये में बनी एक फिल्म यदि 54 करोड़ से अधिक का नेट कलेक्शन कर पूरे देश को रुला और हंसा सकती है, तो यह तथाकथित बड़े स्टूडियोज के लिए आत्ममंथन का समय है कि वे अपनी अरबों की पूंजी आखिर किस दिशा में झोंक रहे हैं।
यूपी से लेकर कैंची धाम तक कंगना के बयान का स्वागत: थिएटर्स में उमड़ रही भीड़
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, आगरा, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन से लेकर उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल तक कंगना रनौत के इस बयान का दर्शकों और नीम करोली बाबा के भक्तों ने जोरदार स्वागत किया है। पहले से ही हाउसफुल चल रहे सिनेमाघरों में कंगना के इस पोस्ट के बाद एडवांस बुकिंग में और अधिक तेजी दर्ज की जा रही है।
विशेष रूप से युवा दर्शक, कॉलेज छात्र और कामकाजी पेशेवर जो आमतौर पर धार्मिक फिल्मों से दूरी बनाए रखते थे, वे भी कंगना की 'थेरेपी छोड़ने' वाली सलाह से प्रेरित होकर सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं। कानपुर और लखनऊ के मल्टीप्लेक्सों में दर्शकों का कहना है कि फिल्म का मध्यांतर और क्लाइमेक्स इतना भावुक और शांति देने वाला है कि सिनेमाहॉल से बाहर निकलते समय एक अजीब सा मानसिक सुकून महसूस होता है।
26 दिनों में 54.13 करोड़ रुपये का घरेलू नेट कारोबार और 63 करोड़ से अधिक का वर्ल्डवाइड ग्रॉस जुटाकर 2435% का ऐतिहासिक मुनाफा कमाने वाली 'हनुमान अंश' को कंगना रनौत जैसी मुख्यधारा की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री का यह मजबूत समर्थन मिलना इसके लाइफटाइम सफर को एक नई उड़ान देने वाला साबित होगा। कंगना की इस अपील ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब कोई फिल्म जनता की रूह से सीधे संवाद स्थापित कर लेती है, तो वह हर भाषा, शैली और बड़े स्टारडम की सीमाओं को लांघकर एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप धारण कर लेती है।