नितेश तिवारी की 'रामायण' में 'लंका दहन' बनेगा भारतीय सिनेमा का सबसे भव्य दृश्य: मेकर्स ने झोंके करोड़ों

नितेश तिवारी की 'रामायण' में 'लंका दहन' बनेगा भारतीय सिनेमा का सबसे भव्य दृश्य: मेकर्स ने झोंके करोड़ों

भारतीय पौराणिक गाथाओं पर आधारित सिनेमा के इतिहास में निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' (Ramayana) सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना के रूप में उभर रही है। रणबीर कपूर (भगवान राम), साई पल्लवी (माता सीता), यश (रावण) और सनी देओल (भगवान हनुमान) जैसे दिग्गजों से सजी यह फिल्म हर पहलू में वैश्विक स्तर के मानक तय करने में जुटी है। इसी कड़ी में फिल्म के निर्माताओं ने महाकाव्य के सबसे रोमांचक और रौद्र अध्यायों में से एक—'लंका दहन' के दृश्य को भारतीय सिनेमा के पर्दे पर अब तक का सबसे अविस्मरणीय और भव्य अनुभव बनाने के लिए बहुत बड़ा दांव खेल दिया है। मेकर्स का लक्ष्य है कि जब दर्शक इस दृश्य को आईमैक्स (IMAX) और 3D स्क्रीन पर देखें, तो उनका अनुभव हॉलीवुड की शीर्ष फंतासी फिल्मों के समकक्ष हो।

हॉलीवुड की ऑस्कर विजेता वीएफएक्स टीम और डीएनईजी (DNEG) का गठजोड़

फिल्म के सह-निर्माता नमित मल्होत्रा की विश्वप्रसिद्ध वीएफएक्स कंपनी DNEG (जिसने 'ड्यून' और 'ओपेनहाइमर' जैसी फिल्मों के लिए ऑस्कर जीते हैं) इस सीक्वेंस को तैयार करने की मुख्य कमान संभाल रही है।

  • अग्नि और विध्वंस का यथार्थवादी चित्रण: लंका दहन के दृश्य में कंप्यूटर जनित ग्राफिक्स (CGI) की बजाय हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें असली आग के तत्वों और एडवांस्ड वीएफएक्स का ऐसा सम्मिश्रण तैयार किया जा रहा है जिससे सोने की लंका के जलने का दृश्य पूरी तरह प्रामाणिक और भव्य लगे।

  • विशालकाय सेट्स का निर्माण: केवल ग्रीन स्क्रीन पर निर्भर रहने के बजाय मुंबई की फिल्मसिटी में रावण की स्वर्ण लंका के महलों, मीनारों और बाजारों का एक विशालकाय भौतिक सेट भी खड़ा किया गया है, ताकि एक्शन में यथार्थवाद नजर आए।

सनी देओल का 'रूद्र अवतार': 45 दिनों का होगा स्पेशल एक्शन शेड्यूल

सूत्रों के अनुसार, भगवान हनुमान की भूमिका निभा रहे सनी देओल के साथ इस पूरे सीक्वेंस को कई हफ्तों तक शूट करने की रूपरेखा तैयार की गई है:

  • हनुमान जी की छलांग और पराक्रम: अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट के बाद मेघनाद द्वारा बंदी बनाए जाने, रावण की सभा में संवाद और फिर पूंछ में आग लगाए जाने के बाद पूरी लंका को भस्म करने का क्रम लगभग 15 से 20 मिनट के स्क्रीन-टाइम में फैला होगा।

  • इंटरनेशनल स्टंट डायरेक्टर्स: इस सीक्वेंस के लिए हॉलीवुड के एक्शन और स्टंट डायरेक्टर्स की टीम को अनुबंधित किया गया है, जो भारी-भरकम रिग्स और केबल्स के जरिए सनी देओल के एक्शन को बिना किसी बनावटीपन के शक्तिशाली रूप में पेश करेंगे।

  • संस्कृत श्लोकों और मंत्रोच्चार का बैकग्राउंड स्कोर: इस पूरे विध्वंस और न्याय के दृश्य को हंस जिमर (Hans Zimmer) और ए. आर. रहमान (A. R. Rahman) द्वारा रचित एक रोंगटे खड़े कर देने वाले बैकग्राउंड स्कोर से सजाया जाएगा।

'आदिपुरुष' की गलतियों से लिया कड़ा सबक, कोई समझौता नहीं

नितेश तिवारी और उनकी पूरी क्रिएटिव टीम इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि हिंदू आस्था और पौराणिक चरित्रों की गरिमा से रत्ती भर भी खिलवाड़ न हो। पूर्व में आई फिल्मों में कमजोर वीएफएक्स और आधुनिकता के नाम पर की गई गलतियों से सबक लेते हुए, लंका दहन के आर्किटेक्चर को वाल्मीकि रामायण के मूल वर्णनों के अनुसार पारंपरिक द्रविड़ और वैदिक वास्तुकला पर आधारित रखा गया है। स्वर्ण लंका की चमक और उसमें धधकती आग के कंट्रास्ट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यदि यह सीक्वेंस मेकर्स के विजन के अनुसार पर्दे पर उतरता है, तो यह न केवल भारतीय बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि पश्चिमी सिनेमा जगत में भी भारतीय सिनेमा के विजुअल स्टैंडर्ड का डंका बजाएगा।