'मैंने और राज ने समझौता कर लिया था कि हमारा बच्चा...', प्रेग्नेंसी पर क्या बोलीं सामंथा रुथ प्रभु?

'मैंने और राज ने समझौता कर लिया था कि हमारा बच्चा...', प्रेग्नेंसी पर क्या बोलीं सामंथा रुथ प्रभु?

साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपने सशक्त अभिनय का परचम लहराने वाली अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु हमेशा से अपने काम के प्रति असाधारण समर्पण के लिए जानी जाती हैं। निजी जीवन में आई उथल-पुथल और मायोसिटिस जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी से जूझने के बावजूद सामंथा ने कभी हार नहीं मानी। निर्देशक जोड़ी राज और डीके की एक्शन थ्रिलर सीरीज 'सिटाडेल: हनी बनी' में सामंथा ने एक बार फिर खतरनाक स्टंट और दमदार अदाकारी से दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

इस सीरीज के प्रचार और कई साक्षात्कारों के दौरान सामंथा ने अपनी निजी जिंदगी, करियर की प्राथमिकताओं और मातृत्व को लेकर एक ऐसा खुलासा किया जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। सामंथा ने सीरीज में अपनी सह-कलाकार यानी बाल कलाकार कशवी मजूमदार (जिसने उनकी बेटी नादिया का किरदार निभाया है) के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए निर्देशक राज निदिमोरू और अपने बीच हुए एक खास समझौते का जिक्र किया।

'हमारा बच्चा...': प्रेग्नेंसी और बच्चे के सवाल पर सामंथा ने क्या कहा?

जब सामंथा से परदे पर एक मां का किरदार निभाने और असल जिंदगी में मातृत्व की इच्छा को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने भावुक और मजाकिया दोनों लहजों में इसका जवाब दिया। सामंथा ने निर्देशक राज निदिमोरू की ओर इशारा करते हुए साझा किया कि जब वे सीरीज 'सिटाडेल: हनी बनी' पर काम कर रहे थे, तो दोनों के बीच बच्चों और स्क्रीन पर एक मां के जुड़ाव को लेकर गहरी बातचीत हुई थी।

सामंथा ने कहा कि मैंने और राज ने यह समझौता कर लिया था कि हमारा बच्चा, यानी जो किरदार हम इस सीरीज में गढ़ रहे हैं, वह किसी भी आम फिल्मी रिश्ते से परे होगा। स्क्रीन पर जो बच्ची मेरी बेटी बनी है, उसके साथ मेरा जुड़ाव इतना गहरा और वास्तविक महसूस हुआ जैसे वह सचमुच मेरी अपनी संतान हो। सामंथा ने यह भी साफ किया कि शादी, तलाक और बीमारी के दौर में समाज अक्सर महिलाओं से परिवार बढ़ाने और प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल करता है। लेकिन जब आप किसी रचनात्मक काम में अपनी आत्मा झोंक देते हैं, तो वह प्रोजेक्ट और उसमें निभाए जाने वाले भावनात्मक रिश्ते ही आपके बच्चे जैसे बन जाते हैं।

मायोसिटिस के दर्द के बीच एक्शन और मातृत्व की भावना

सामंथा के लिए 'सिटाडेल: हनी बनी' का सफर शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन था। मायोसिटिस के चलते मांसपेशियों में होने वाले असहनीय दर्द और थकान के बीच उन्हें भारी एक्शन सीन्स करने थे। ऐसे समय में निर्देशक राज और डीके ने उनका पूरा ख्याल रखा।

सामंथा ने बताया कि सेट पर बाल कलाकार के साथ काम करते हुए उनके भीतर की मातृ सुलभ भावनाएं जाग उठी थीं। एक्शन सीक्वेंस के दौरान वे उस छोटी बच्ची की सुरक्षा को लेकर एक असली मां की तरह चिंतित रहती थीं। उन्होंने कहा कि प्रेग्नेंसी और मां बनना हर महिला के जीवन का एक खूबसूरत सपना होता है, लेकिन जब जीवन आपको कठिन परिस्थितियों में डालता है, तो आपको अपनी प्राथमिकताओं के साथ समझौता करना पड़ता है। सामंथा ने माना कि उन्होंने उस दौर में अपने स्वास्थ्य और अपने काम को पहली प्राथमिकता बनाने का समझौता किया था।

पुरानी जिंदगी से आगे बढ़कर खुद को फिर से तराशने की कहानी

नागा चैतन्य से तलाक के बाद सामंथा ने जिस तरह से खुद को संभाला है, वह लाखों प्रशंसकों के लिए प्रेरणा बन चुका है। मातृत्व और प्रेग्नेंसी के विषय पर उनके विचार यह दर्शाते हैं कि वे अब जीवन को पूरी परिपक्वता और सहजता से देखती हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि किसी भी महिला की पूर्णता केवल इस बात से तय नहीं होती कि वह कब मां बनती है, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने आत्मसम्मान और सपनों के साथ कितनी ईमानदारी से खड़ी रहती है। सामंथा का यह बेबाक अंदाज और काम के प्रति उनकी निष्ठा एक बार फिर साबित करती है कि वे असल जिंदगी में भी एक सच्ची फाइटर हैं।