तेज प्रताप ने निरहुआ को कहा 'घटिया', पवन सिंह पर भी भद्दे कमेंट्स; दिनेश लाल ने दी खुली धमकी- 'अब मिले तो बताएंगे'
भोजपुरी सिनेमा और बिहार की राजनीति के बीच का टकराव अब सीधे जुबानी जंग और व्यक्तिगत दुश्मनी के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे चर्चित रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' में लगातार सामने आ रहे खुलासों और तल्ख बयानों ने सोशल मीडिया पर भारी तहलका मचा रखा है। शो के दौरान राजनेता और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के एक वायरल वीडियो ने इंडस्ट्री के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स—दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' और 'पावर स्टार' पवन सिंह को आगबबूला कर दिया है। वीडियो में तेज प्रताप ग्रामीणों के बीच बैठकर न केवल पवन सिंह के चरित्र पर सवाल उठाते दिख रहे हैं, बल्कि निरहुआ को सीधे तौर पर 'घटिया' कहकर उनका उपहास उड़ा रहे हैं। इस अपमानजनक टिप्पणी पर पूर्व सांसद और अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और उन्होंने तेज प्रताप को खुलेआम चेतावनी देते हुए सबक सिखाने की बात कह डाली है।
वायरल वीडियो में क्या बोले तेज प्रताप और गांव के लोग?
विवाद की जड़ एक वीडियो क्लिप है, जिसमें तेज प्रताप यादव अपने गांव के इलाके में आम लोगों और समर्थकों की भीड़ के बीच बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में तेज प्रताप अपने हाथ में कुछ तस्वीरें लिए हुए हैं। वे सबसे पहले भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह का पोस्टर ग्रामीणों को दिखाते हैं और पूछते हैं कि "इन्हें कौन-कौन जानता है और ये कैसे लगते हैं?" इस पर भीड़ में से एक व्यक्ति खड़ा होकर पवन सिंह के निजी जीवन और अभिनेत्रियों के साथ रिश्तों पर बेहद तीखा और विवादित कमेंट करते हुए कहता है—"इनकी मानसिकता ही खराब है, ये पहले हीरोइन को परखते हैं।"
इसके बाद तेज प्रताप दूसरी तस्वीर निकालते हैं जो दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' की होती है। वे भीड़ में मौजूद महिलाओं से पूछते हैं कि निरहुआ कैसे लगते हैं? इस पर एक महिला कहती है कि उसे निरहुआ बिल्कुल पसंद नहीं हैं और वे उसे 'घटिया' लगते हैं। महिला की इस बात पर सहमति जताते हुए तेज प्रताप खुद हंसते हुए कहते हैं—"हमको भी ये एकदम घटिया लगता है।" इसके बाद तेज प्रताप पोस्टर को नीचे रख देते हैं और अपनी तारीफ करते हुए खुद को असली हीरो साबित करने की कोशिश करते हैं।
निरहुआ का फूटा गुस्सा: 'न घर के रहे न घाट के, अब मिले तो बताएंगे'
तेज प्रताप का यह वीडियो जब 'भोजपुरी बवाल' के सेट पर निरहुआ और पवन सिंह को दिखाया गया, तो निरहुआ अपनी नाराजगी छिपा नहीं सके। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में पलटवार करते हुए कहा कि तेज प्रताप हीरो और हीरोइनों की फोटो दिखाकर खुद को असली हीरो साबित करना चाह रहे हैं। निरहुआ ने कहा—"इनकी सोच ही ऐसी हो चुकी है कि ये कहीं के नहीं रहे। एक कहावत है कि न घर के रहे न घाट के। आज उनका जो हाल है, उसके जिम्मेदार वो खुद ही हैं। अगर उन्हें लगता है कि वे इस तरह से हमें नीचा दिखा देंगे, तो वे गलतफहमी में हैं। अब जब वे हमसे मिलेंगे, तब हम उन्हें कायदे से बताएंगे।"
निरहुआ ने आगे कहा कि वे एक गरीब परिवार से निकलकर अपनी रात-दिन की मेहनत और संघर्ष के दम पर इस मुकाम पर पहुंचे हैं, जबकि कुछ लोगों को सब कुछ विरासत और पिता के नाम पर मिला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन एक शो और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा व सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
पवन सिंह ने भी साधा निशाना: 'चुनाव में कलाकारों की ही जरूरत पड़ती है'
इस पूरे विवाद पर पवन सिंह ने भी तेज प्रताप के दोहरे रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। पवन सिंह ने कहा कि जब इन राजनेताओं को चुनाव में जनता की भीड़ जुटानी होती है, तब उन्हें यही कलाकार और गायक अपने भाई लगते हैं। उस वक्त कोई यह नहीं कहता कि ये अश्लील हैं या घटिया हैं। लेकिन जैसे ही काम निकल जाता है या राजनीतिक मतलब साधना होता है, तो वे कलाकारों को 'नाचने-गाने वाला' कहकर उनका अपमान करने लगते हैं।
भोजपुरी इंडस्ट्री और राजनीति के बीच गहराया तनाव
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बिहार के राजनीतिक गलियारों और भोजपुरी सिनेमा जगत के बीच जुबानी जंग हुई हो, लेकिन जिस तरह से व्यक्तिगत चरित्र और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, उससे दोनों पक्षों के समर्थक सोशल मीडिया पर भिड़ गए हैं। निरहुआ और पवन सिंह दोनों ही राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े रहे हैं, जबकि तेज प्रताप राजद (RJD) की राजनीति का चेहरा हैं। ऐसे में इस मनोरंजन शो का विवाद अब राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है, जहां आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की पूरी संभावना है।