अंडरवर्ल्ड और खूंखार डॉन की दुनिया में खींच ले जाएगी ये 7 एपिसोड की सीरीज: के के मेनन का खौफ देख कहेंगे 'क्या बवाल है', IMDb पर 7.3 है रेटिंग
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अगर आप सस्पेंस, खून-खराबे, गैंगवॉर और राजनीतिक साजिशों से भरपूर किसी ऐसी सीरीज की तलाश में हैं जो आपको शुरू से लेकर अंत तक सीट से बांधे रखे, तो जी5 (ZEE5) पर उपलब्ध एक सीरीज इन दिनों चर्चा में है। 90 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड की खौफनाक गलियों को दोबारा जिंदा करने वाली 7 एपिसोड की यह क्राइम थ्रिलर सीरीज दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों को काफी पसंद आई है।
हम बात कर रहे हैं वेब सीरीज 'मुर्शिद' (Murshid) की, जिसे IMDb पर 7.3 की शानदार रेटिंग मिली है। अगर आप 'मिर्जापुर' और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसी रॉ, रियलिस्टिक और इंटेंस गैंगस्टर कहानियों के मुरीद हैं, तो यह सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
क्या है 'मुर्शिद' की कहानी? जब सोए हुए शेर को उठाती है मजबूरी
सीरीज की कहानी मुंबई के पूर्व और सबसे खूंखार अंडरवर्ल्ड डॉन 'मुर्शिद पठान' के इर्द-गिर्द घूमती है। एक निजी त्रासदी और अपनों को खोने के गहरे गम के बाद मुर्शिद जुर्म की अंधेरी दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह देता है। वह अपनी ढलती उम्र में शांति, नमाज और नेकी की जिंदगी जीने लगता है।
हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर होता है। कहानी में भूचाल तब आता है जब मुर्शिद का पुराना साथी और अब कट्टर दुश्मन बन चुका फरीद (जाकिर हुसैन) सत्ता की हवस में मुर्शिद के छोटे बेटे को एक अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग डील और जानलेवा साजिश के जाल में फंसा देता है। अपने परिवार और बेटे की जान बचाने के लिए वह 'रिटायर्ड डॉन' एक बार फिर हथियार उठाने पर मजबूर हो जाता है। इसके साथ ही कहानी में मोड़ तब और गहरा जाता है जब मुर्शिद का दत्तक (गोद लिया हुआ) बेटा कुमार प्रताप राणा (तनुज विरवानी), जो कि मुंबई पुलिस में एक ईमानदार इंस्पेक्टर है, अपने खाकी के फर्ज और अपने पिता के प्रति वफादारी के धर्मसंकट में फंस जाता है।
के के मेनन और जाकिर हुसैन का आमना-सामना: स्क्रीन पर आग लगाती एक्टिंग
सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट और उनका बेजोड़ अभिनय है। दिग्गज अभिनेता के के मेनन ने मुर्शिद पठान के रोल में एक बार फिर दिखा दिया है कि उन्हें मेथड एक्टिंग का बादशाह क्यों कहा जाता है। एक बेबस पिता के दर्द और एक बेरहम गैंगस्टर के खूंखार अंदाज को उन्होंने अपनी आंखों और ठंडे मिजाज के डायलॉग्स से पर्दे पर जिंदा कर दिया है।
वहीं, विलेन 'फरीद' के किरदार में जाकिर हुसैन ने जान फूंक दी है। दोनों मंझे हुए अभिनेताओं के बीच जब-जब स्क्रीन पर फेस-ऑफ होता है, वह टकराव रोंगटे खड़े कर देता है। इसके अलावा तनुज विरवानी, जमील चौधरी, अनंग देसाई, कर्मवीर चौधरी और राजेश श्रिंगापुरे ने अपने-अपने किरदारों को पूरी मजबूती से निभाया है।
90 के दशक का साउथ मुंबई एस्थेटिक और ग्रिपिंग स्क्रीनप्ले
श्रावण तिवारी के निर्देशन और सचिन बंसल के प्रोडक्शन में बनी इस सीरीज का हर एपिसोड करीब 35 से 45 मिनट का है। कुल 7 एपिसोड्स की यह सीरीज अपनी तेज गति (फास्ट पेसिंग) की वजह से कहीं भी बोर नहीं होने देती।
सीरीज में 90 के दशक के साउथ मुंबई, डोंगरी और डॉकयार्ड के एस्थेटिक्स को बहुत खूबसूरती और असलियत के साथ रीक्रिएट किया गया है। बैकग्राउंड स्कोर, तीखे डायलॉग्स और राजनीतिक जोड़-तोड़ के कई अनदेखे किस्से इसे एक परफेक्ट बिंज-वॉच शो बनाते हैं।
कहां और कैसे देखें?
यदि आप वीकेंड पर एक बेहतरीन क्राइम थ्रिलर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो 'मुर्शिद' को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर हिंदी भाषा में स्ट्रीम किया जा सकता है। पहले सीजन के धमाकेदार क्लाइमेक्स के बाद अब सोशल मीडिया पर दर्शक इसके दूसरे सीजन की भी मांग कर रहे हैं।