उस आखिरी रात क्या कहना चाहती थीं सिल्क स्मिता? सुसाइड से ठीक पहले इन करीबियों को किया था फोन
80 और 90 के दशक में दक्षिण भारतीय सिनेमा के बॉक्स ऑफिस पर राज करने वाली और अपनी एक मुस्कान से सिनेमाघरों में आग लगा देने वाली विजयलक्ष्मी वडलापति उर्फ सिल्क स्मिता की जिंदगी जितनी ग्लैमरस थी, उनका अंत उतना ही दर्दनाक और रहस्यमयी रहा। तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा में एक दौर ऐसा था जब बड़े-बड़े सुपरस्टार्स की फिल्मों को चलाने के लिए सिल्क स्मिता का एक गाना या डांस नंबर जरूरी माना जाता था।
लेकिन 23 सितंबर 1996 की सुबह चेन्नई (तब मद्रास) के सलारग्रामम स्थित उनके घर पर पंखे से लटकता उनका शव मिला, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। महज 35 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली सिल्क स्मिता ने अपनी जान देने से ठीक एक रात पहले क्या महसूस किया था और वे किससे बात करना चाहती थीं, यह सवाल आज तीन दशक बाद भी सिनेमा इतिहास के सबसे दर्दनाक पन्नों में दर्ज है।
सुसाइड से ठीक एक रात पहले किसको मिला था सिल्क का फोन?
सिल्क स्मिता की मौत के बाद पुलिस पड़ताल और उनकी सबसे करीबी सहेली व डांस डायरेक्टर अनुराधा के बयानों से उस आखिरी रात की खौफनाक दास्तां सामने आई:
-
सहेली अनुराधा को आया था फोन: 22 सितंबर 1996 की देर रात करीब 9 से 10 बजे के आसपास सिल्क स्मिता ने अपनी दोस्त और कोरियोग्राफर अनुराधा को फोन किया था।
-
आवाज में छिपा था गहरा दर्द और बेचैनी: अनुराधा ने बाद में मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया था कि फोन पर सिल्क की आवाज बेहद भारी और सहमी हुई थी। उन्होंने कहा था, "अनु, तुम तुरंत मेरे घर आ सकती हो क्या? मुझे तुमसे अभी इसी वक्त कुछ बेहद जरूरी बात करनी है।"
-
'कल सुबह पक्का आऊंगी': अनुराधा उस वक्त अपने परिवार और बच्चे की देखभाल में व्यस्त थीं। उन्होंने सिल्क से कहा कि रात काफी हो चुकी है, वह कल सुबह सबसे पहले उनके घर पहुंचेंगी। इस पर सिल्क ने बहुत धीमी आवाज में कहा, "ठीक है, सुबह जल्दी आ जाना..." और फोन कट गया।
-
जिंदगी भर का पछतावा: अनुराधा ने कई बार आंसुओं के साथ यह स्वीकार किया कि काश वे उस रात अपनी सहेली की बेचैनी को समझ पातीं और तुरंत उसके पास चली जातीं, तो शायद सिल्क आज जिंदा होतीं।
एक कन्नड़ निर्देशक को भी मिलाने की कोशिश की थी कॉल
जांच रिपोर्टों और सूत्रों के अनुसार, सिल्क स्मिता ने उस रात अपने एक पसंदीदा और भरोसेमंद कन्नड़ फिल्म निर्देशक को भी फोन लगाने की कोशिश की थी, जिनके साथ उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया था। हालांकि, शूटिंग में व्यस्त होने या आउट ऑफ नेटवर्क होने के कारण वह कॉल कनेक्ट नहीं हो सकी थी। ऐसा माना जाता है कि सिल्क अपने ऊपर मंडरा रहे किसी बहुत बड़े वित्तीय या भावनात्मक संकट को साझा करने के लिए अपनों की तलाश में थीं, लेकिन उस रात उन्हें सुनने वाला कोई नहीं मिला।
आखिर क्या था उस सुसाइड नोट में?
सिल्क स्मिता के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसे उन्होंने तेलुगु भाषा में लिखा था। हालांकि, उस पत्र में किसी एक व्यक्ति को सीधे तौर पर उनकी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था, लेकिन उसमें जीवन भर मिले धोखे का दर्द साफ झलकता था:
-
'सबने सिर्फ मेरा इस्तेमाल किया': पत्र के अंशों में सिल्क ने लिखा था कि उन्होंने जिन लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा किया, प्यार किया और जिन्हें अपनी कमाई सौंपी, उन सबने उन्हें केवल एक एटीएम मशीन समझा। जब तक उनके पास शोहरत और पैसा था, सब उनके आगे-पीछे थे, लेकिन मुश्किल वक्त आते ही सभी ने मुंह मोड़ लिया।
-
निर्माता बनने की चाहत और करोड़ों का कर्ज: करियर के ढलान पर सिल्क ने खुद फिल्में प्रोड्यूस करने का फैसला किया था। लेकिन उनके करीबी पार्टनर्स ने उन्हें धोखा दिया, फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हुईं और वे करोड़ों रुपये के भारी कर्ज में डूब गईं।
-
शराब की लत और अकेलापन: आर्थिक तंगी, प्यार में मिले लगातार धोखे और इंडस्ट्री द्वारा दरकिनार किए जाने के कारण सिल्क डिप्रेशन में चली गई थीं और अत्यधिक शराब का सहारा लेने लगी थीं।
विद्या बालन की 'द डर्टी पिक्चर' ने फिर ताजा किया था जख्म
साल 2011 में जब मिलन लुथरिया के निर्देशन में विद्या बालन की फिल्म 'द डर्टी पिक्चर' रिलीज हुई, तो एक बार फिर सिल्क स्मिता का जीवन दुनिया के सामने आया। हालांकि फिल्म काल्पनिक रूप से प्रेरित थी, लेकिन इसने यह साफ कर दिया कि जिस महिला को पर्दे पर कामुकता और ग्लैमर का प्रतीक बनाकर करोड़ों रुपये कमाए गए, उसे असल जिंदगी में कभी सच्चा सम्मान और प्यार नसीब नहीं हुआ।
23 सितंबर की वह सुबह जब उनके घर का दरवाजा तोड़ा गया, तो पंखे से झूलती सिल्क स्मिता अपने पीछे सैकड़ों अनकहे सवाल छोड़ गई थीं। उस आखिरी रात वे क्या राज खोलना चाहती थीं और किस दर्द से चीख रही थीं, यह राज उनके साथ ही हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गया।