Yash Toxic CBFC: यश की 'टॉक्सिक' को सेंसर बोर्ड ने बिना किसी कट के किया पास, भड़के लोग बोले- 'धुरंधर' से क्या दुश्मनी थी?
कन्नड़ और भारतीय सिनेमा के रॉकिंग स्टार यश की बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' (Toxic) को लेकर दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर है। केजीएफ फ्रेंचाइजी की ऐतिहासिक सफलता के बाद यश की इस डार्क, इंटेंस और स्टाइलिश फिल्म का इंतजार देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के सिनेप्रेमी कर रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से फिल्म के टीजर और विजुअल कंटेंट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सेंसर बोर्ड ने यश की इस फिल्म को बिना किसी सिंगल कट (Zero Cuts) के हरी झंडी दे दी है। जहां एक तरफ यश के फैंस इस खबर से खुशी से झूम उठे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर एक नई बहस और विवाद ने जन्म ले लिया है। इंटरनेट यूजर्स अब रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर' (Dhurandhar) पर सेंसर बोर्ड द्वारा चलाए गए कड़े कट्स को याद कर बोर्ड की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बिना किसी बदलाव के पास हुआ 'टॉक्सिक' का कंटेंट
सेंसर बोर्ड की जांच समिति ने गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी फिल्म 'टॉक्सिक' के प्रोमोशनल विजुअल्स और कंटेंट की गहन समीक्षा की। फिल्म के डार्क टोन, सिगरेट-शराब के विजुअल्स, ड्रग माफिया बैकड्रॉप और भारी एक्शन दृश्यों के बावजूद बोर्ड ने इसमें किसी भी प्रकार की काट-छांट नहीं की और बिना किसी कट के इसे उचित सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अनुमति दे दी। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यश की भारी-भरकम पैन-इंडिया अपील और निर्देशक की रचनात्मक प्रस्तुति को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह फैसला लिया है।
'धुरंधर' विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर उठे गंभीर सवाल
जैसे ही 'टॉक्सिक' के बिना कट के पास होने की खबर सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और रेडिट पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। कई सिनेप्रेमियों ने सवाल उठाया कि जब आदित्य धर के निर्देशन में बनी जासूसी-थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर' सेंसर बोर्ड के पास गई थी, तो उसके कई डायलॉग्स, एक्शन सीन्स और राजनीतिक व भौगोलिक संदर्भों पर बोर्ड ने कड़े ऐतराज जताए थे और कई कट्स लगवाए थे। लोगों ने नाराजगी जताते हुए लिखना शुरू कर दिया कि आखिर सेंसर बोर्ड का यह दोहरा मापदंड क्यों है? क्या बड़े साउथ सुपरस्टार्स की फिल्मों के लिए नियम अलग हैं और बॉलीवुड फिल्मों के लिए कैंची चलाने के अलग पैमाने तय किए गए हैं?
सेंसर बोर्ड के दोहरे रवैये पर भड़के यूजर्स के रिएक्शंस
इंटरनेट पर यूजर्स लगातार मीम्स और तीखे कमेंट्स के जरिए अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "जब बॉलीवुड की 'धुरंधर' जैसी रॉ और रीयलिस्टिक फिल्मों की बारी आती है, तो सेंसर बोर्ड को हर शब्द और फ्रेम में आपत्ति दिखने लगती है। लेकिन जब साउथ की किसी बड़ी डार्क एक्शन फिल्म 'टॉक्सिक' की बात आती है, तो बिना कट के पास कर दिया जाता है। यह सरासर पक्षपात है।" वहीं दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, "सेंसर बोर्ड को सभी भाषाओं के सिनेमा और फिल्ममेकर्स के साथ एक समान नीति अपनानी चाहिए ताकि रचनात्मक स्वतंत्रता पर किसी प्रकार का भेदभाव न दिखे।"
'टॉक्सिक' के धांसू कंटेंट से सिनेमाघरों में धमाके की उम्मीद
विवादों और बहसों के बीच 'टॉक्सिक' को लेकर दर्शकों का बज लगातार मजबूत बना हुआ है। फिल्म में यश का नया लुक, इंटरनेशनल लेवल का बैकग्राउंड स्कोर और बड़े स्तर पर तैयार किया गया डार्क अंडरवर्ल्ड का ताना-बाना इसे साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बना रहा है। बिना किसी कट के सेंसर क्लीयरेंस मिलने से अब मेकर्स अपनी मूल कहानी और विजन को दर्शकों के सामने पूरी ताकत के साथ पेश कर सकेंगे।