'शरीर में 200 पैलेट, आंख में घुसे छर्रे': हमले में गंभीर रूप से घायल साहिल लोचब ने FIR में बयां किया खौफनाक दर्द, डॉक्टरों ने बताई नाजुक स्थिति
जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए साहिल लोचब ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत और प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) में घटना के खौफनाक मंजर का खुलासा किया है। दर्ज कराई गई एफआईआर में साहिल ने बताया कि हमलावरों ने बेहद नजदीक से उन पर पैलेट/छर्रे वाली बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके कारण उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में 200 से अधिक छर्रे (पैलेट्स) धंस गए।
अचानक हुए इस जानलेवा हमले में साहिल का चेहरा, गर्दन, सीना और दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए। हमले के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हमलावर पीड़ित को लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से साहिल को तुरंत नजदीकी ट्रॉमा सेंटर और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
एफआईआर (FIR) में दर्ज खौफनाक मंजर: आंख में घुसा छर्रा, रोशनी पर संकट
साहिल लोचब द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक, हमले का सबसे गंभीर असर उनकी दाईं आंख और चेहरे पर पड़ा है। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, फायरिंग के दौरान गन से निकले कई पैलेट सीधे उनकी आंख की पुतली और आसपास की संवेदनशील मांसपेशियों में गहरे धंस गए।
पीड़ित ने अपने बयान में बताया कि गोली चलने की जोरदार आवाज के साथ ही उनकी आंखों के सामने घना अंधेरा छा गया और असहनीय जलन होने लगी। डॉक्टरों की शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि आंख के अंदरूनी हिस्से में छर्रे फंसे होने के कारण आंख की रोशनी (आईसाइट) को गंभीर नुकसान पहुंचा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम आंख से छर्रों को सुरक्षित निकालने और रोशनी को बचाने के लिए जटिल सर्जिकल प्रक्रिया की तैयारी कर रही है।
अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की जंग और डॉक्टरों की चुनौती
घटना के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए साहिल लोचब की स्थिति पर डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार नजर बनाए हुए है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पीड़ित के शरीर में इतनी अधिक संख्या में सूक्ष्म पैलेट्स मौजूद हैं कि उन सभी को एक बार में सर्जरी के जरिए बाहर निकालना चिकित्सकीय दृष्टिकोण से अत्यधिक जोखिम भरा हो सकता है।
सर्जन और नेत्र रोग विशेषज्ञों (ऑप्थल्मोलॉजिस्ट) का कहना है कि प्राथमिक तौर पर आंख, गले की मुख्य नसों और सीने में फंसे गहरे छर्रों को निकालने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के आंतरिक संक्रमण (इंटरनल इन्फेक्शन) या सेप्सिस के खतरे को रोका जा सके। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि अधिक खून बह जाने और कई महत्वपूर्ण अंगों के पास गहरे घाव होने के कारण मरीज को फिलहाल गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर रखा गया है।
पुरानी रंजिश या सुनियोजित साजिश? पुलिस हर पहलू से कर रही पड़ताल
पुलिस ने साहिल लोचब के बयान के आधार पर संबंधित थाना क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), घातक हथियारों से हमला करने और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राथमिक जांच में पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस हमले के पीछे कोई पुरानी व्यक्तिगत रंजिश, संपत्ति विवाद, आपसी वर्चस्व की लड़ाई या कोई अन्य सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र तो नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमले के तरीके से स्पष्ट होता है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका मकसद जान से मारने का ही था।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और बैलिस्टिक विशेषज्ञों की टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। मौके से खाली कारतूस, छर्रों के अवशेष और खून के नमूने जांच के लिए सुरक्षित रख लिए गए हैं। बैलिस्टिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले में किस बोर और किस प्रकार के हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
हमलावरों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और आसपास के पूरे इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्धों के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि संदिग्धों की पहचान के पुख्ता सुराग मिले हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
न्याय की गुहार: पीड़ित परिवार ने की सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद साहिल लोचब के परिवार और स्थानीय समुदाय में भारी रोष और दहशत का माहौल है। पीड़ित परिजनों ने रोते हुए प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि साहिल पर कातिलाना हमला करने वाले दरिंदों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए ताकि उन्हें सख्त से सख्त सजा मिल सके।
परिवार का कहना है कि साहिल एक होनहार और निर्दोष युवक है, जिसे साजिश के तहत निशाना बनाया गया है। परिवार ने अस्पताल में इलाज के दौरान साहिल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सुरक्षा (गार्ड) तैनात करने की भी गुहार लगाई है ताकि अस्पताल परिसर में किसी भी अन्य अनहोनी की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।