अभिजीत दीपके ने भी मनाया पीएम मोदी का बर्थडे: जर्जर सरकारी स्कूल में जलाया दीया और 'गिफ्ट' कर दी पूरी बिल्डिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर जहां देशभर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत मंदिरों, चौराहों और गंगा घाटों पर लाखों 'आशीर्वाद दीप' प्रज्वलित किए, वहीं सोशल मीडिया पर अपने अनोखे विरोध प्रदर्शनों के लिए चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बिल्कुल जुदा और तंज भरे अंदाज में पीएम मोदी का जन्मदिन मनाया।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वह एक आदिवासी क्षेत्र के बदहाल और जर्जर सरकारी स्कूल परिसर में दीया जलाते और प्रधानमंत्री को यह स्कूल ही 'तोहफे' (गिफ्ट) के रूप में सौंपते नजर आ रहे हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
'हैप्पी बर्थडे टू यू मोदी जी' के नारों के बीच जलाया दीया
वायरल वीडियो में अभिजीत दीपके एक बेहद खस्ताहाल स्कूल की इमारत के बाहर खड़े दिखाई देते हैं।
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वीडियो की शुरुआत में दीपके जमीन पर एक मिट्टी का दीया जलाते हैं।
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उनके आसपास दर्जनों स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद हैं, जो ताली बजाते हुए कोरस में गा रहे हैं—"हैप्पी बर्थडे टू यू मोदी जी"।
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इसके बाद दीपके कैमरे की ओर देखते हुए तंज कसते हैं, "हेलो मोदी जी। आपके बर्थडे पर आपने कहा था कि हर जगह दीये लगाएं। तो यह एक सरकारी स्कूल है, हमने यहां दीया जलाया है और सभी लोग आपके लिए गाना गा रहे हैं।"
'यह स्कूल आपको गिफ्ट करते हैं, यह आपकी 12 साल की अचीवमेंट है'
वीडियो में दीया जलाने के बाद अभिजीत दीपके कैमरे को स्कूल की जर्जर दीवारों, टूटी खिड़कियों और बदहाल बुनियादी ढांचे की तरफ घुमाते हैं।
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उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "यह स्कूल बिल्डिंग हम आपको गिफ्ट करते हैं। यह आपकी 12 साल की अचीवमेंट है।"
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वीडियो को पोस्ट करते हुए दीपके ने कैप्शन में लिखा: "थोड़ी देर से हैप्पी बर्थडे मोदी जी। आपको गिफ्ट में एक सरकारी स्कूल दे रहा हूं।" साथ ही उन्होंने #AdivasiSchoolThikKaro हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।
'स्कूल ठीक करो' के बाद अब 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले कुछ महीनों से देश के विभिन्न राज्यों में सरकारी शिक्षण संस्थानों की दुर्दशा उजागर करने के लिए अभियान चला रही है।
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जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शन: नीट पेपर लीक विवाद के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन चलाकर यह संगठन पहली बार मुख्यधारा की सुर्खियों में आया था।
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राष्ट्रव्यापी दौरा: इसके बाद संगठन ने 'स्कूल ठीक करो' मुहिम के तहत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की बदहाली कैमरे में कैद की थी।
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नया आंदोलन: हाल ही में नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान का औपचारिक ऐलान किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आजादी के दशकों बाद भी सुदूर आदिवासी बहुल इलाकों के सरकारी स्कूलों में पीने का पानी, पक्की छतें और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
अभिजीत दीपके के इस अनोखे तरीके पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।
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विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान खींचने वाला एक रचनात्मक और धारदार राजनीतिक कटाक्ष बताया।
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वहीं, भाजपा समर्थकों का कहना है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन जैसे अवसर पर इस तरह की ओछी राजनीति और व्यक्तिगत तंज कसना अनुचित है। उनका तर्क है कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा का रखरखाव मुख्य रूप से राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र का विषय है, जिसे केवल केंद्र सरकार पर मढ़ना राजनीति से प्रेरित है।