20वें रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र: पीएम मोदी बोले- रोजगार सृजन के लिए सरकार हर मोर्चे पर मुस्तैद

20वें रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र: पीएम मोदी बोले- रोजगार सृजन के लिए सरकार हर मोर्चे पर मुस्तैद

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नई ऊर्जा का संचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले का शुभारंभ किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में 51,000 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को आधिकारिक नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस नई खेप के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा 2022 में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत सरकारी सेवा में आने वाले युवाओं की कुल संख्या अब 12.75 लाख के पार पहुंच चुकी है। जब इस अभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी, तब प्रारंभिक लक्ष्य 10 लाख नौकरियों का तय किया गया था, जिसे अब भारत सरकार सफलतापूर्वक पार कर चुकी है।

प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह नियुक्ति केवल एक नौकरी की शुरुआत नहीं है, बल्कि देश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने का एक ऐतिहासिक अवसर है। केंद्र सरकार शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और औपचारिक रोजगार सृजन के चारों स्तंभों पर एक साथ समन्वित नीति के तहत कार्य कर रही है। देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सुदूरवर्ती जिलों के युवाओं का चयन यह प्रमाणित करता है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और योग्यता-आधारित व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

विकसित भारत 2047 के संकल्प में युवा शक्ति की केंद्रीय भूमिका और जिम्मेदारियां

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को स्मरण कराया कि वे एक ऐसे ऐतिहासिक कालखंड में लोक सेवा से जुड़ रहे हैं, जब राष्ट्र स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के विराट संकल्प पर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परिवर्तनकारी यात्रा में युवा प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका सबसे निर्णायक रहने वाली है। सरकारी दफ्तरों में आने वाले नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन ही इस लक्ष्य की वास्तविक नींव बनेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवाओं की कार्यक्षमता, बौद्धिक संपदा और तकनीकी दक्षता ने संपूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का संदर्भ देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। ये अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौते भारतीय उत्पादों, सेवाओं और कुशल पेशेवरों के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार और करियर के अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

आधुनिक अर्थव्यवस्था की मांग के अनुसार शिक्षा, कौशल और एक लाख करोड़ की रोजगार योजना

बदलते दौर में कार्यबल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की सरकारी रणनीति का खाका खींचते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और अप्रेंटिसशिप संवर्धन कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं का अकादमिक ज्ञान और व्यावसायिक कौशल सीधे आधुनिक बाजार तथा उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं से मेल खाए। शिक्षा प्रणाली को डिग्री-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे ले जाकर परिणाम-उन्मुख और व्यावहारिक बनाया जा रहा है।

सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में अवसरों को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आरंभ की गई 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' का विशेष उल्लेख किया गया। करीब एक लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम वित्तीय आवंटन से संचालित यह योजना निजी कंपनियों को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती है। इससे विनिर्माण, सेवा और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे औपचारिक रोजगार के दायरे में व्यापक विस्तार दर्ज किया गया है।

स्टार्टअप बूम से लेकर ग्लोबल रेटिंग्स तक: देश में फुल स्पीड पर दौड़ रही रिफॉर्म एक्सप्रेस

देश के आंतरिक उद्यमिता परिदृश्य पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि स्टार्टअप आंदोलन अब केवल दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। देश के टियर-2, टियर-3 शहर, छोटे कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी आधुनिक तकनीक, फिनटेक, एग्रीटेक और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित कर रहे हैं। इन नवाचारों ने देश के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को ऊर्जावान बनाया है और स्वरोजगार के एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया है।

वैश्विक रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत के आर्थिक दृष्टिकोण और विकास दर को सकारात्मक स्तर पर अपग्रेड किए जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर छाई आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत की तेज रफ्तार इसके साहसिक ढांचागत सुधारों का परिणाम है। उन्होंने सभी नवनियुक्त कार्मिकों से आग्रह किया कि वे व्यवस्था में नवाचार लाएं और लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करें, ताकि देश में चल रही 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' निरंतर पूरी गति से आगे बढ़ती रहे और आम जनता को शासन का वास्तविक लाभ समय पर मिले।