आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पिकअप में आग के बाद जोरदार धमाका

आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पिकअप में आग के बाद जोरदार धमाका

आंध्र प्रदेश के नक्सल प्रभावित और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र अल्लूरी सीताराम राजू जिले से एक दिल दहला देने वाली भीषण दुर्घटना सामने आई है। शनिवार की सुबह एक सड़क निर्माण स्थल पर अचानक लगी भीषण आग और उसके तुरंत बाद हुए जबर्दस्त धमाके में कम से कम पांच निर्दोष मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना जिले के अनंतगिरी मंडल अंतर्गत स्थित सुदूर पिनाकोटा गांव की है, जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या पहाड़ी संपर्क मार्ग के निर्माण कार्य में भारी मशीनें और श्रमिक तैनात थे। डंपर ट्रक में डीजल भरते समय भड़की इस अप्रत्याशित आग ने पलक झपकते ही पास खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों के बीच हुए भयंकर विस्फोट से चारों तरफ धुआं और चीख-पुकार मच गई। इस भयावह हादसे में विस्फोट का प्रभाव इतना तीव्र था कि काम कर रहे मजदूरों के शवों के चिथड़े उड़ गए और मानव अंग घटनास्थल से कई मीटर दूर तक बिखर गए, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

सुबह 8:30 बजे ईंधन भरते समय हुआ हादसा: सुदूर जंगली इलाके में ड्रम से डंपर में डाला जा रहा था डीजल

स्थानीय पुलिस प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे पेश आया। पिनाकोटा गांव का यह निर्माण स्थल मुख्य शहरी केंद्र और जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर एक अत्यंत बीहड़ और दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित है। भौगोलिक रूप से इतना दूर होने के कारण यहां आसपास कोई नियमित पेट्रोल या डीजल पंप मौजूद नहीं है। ऐसे में निर्माण कार्य में जुटे भारी वाहनों, बुलडोजर और डंपरों को चलाने के लिए ठेकेदार और कर्मचारी अक्सर प्लास्टिक और लोहे के बड़े-बड़े ड्रमों में भरकर डीजल पिकअप वैन के जरिए लाते थे। शनिवार सुबह भी मजदूर एक पिकअप वैन में लदे ड्रमों से पाइप के जरिए पास खड़े विशालकाय डंपर ट्रक के ईंधन टैंक में डीजल भरने का काम कर रहे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक किसी चिंगारी के संपर्क में आने से ईंधन ने आग पकड़ ली और लपटें बेकाबू हो गईं।

आग से पिकअप, डंपर और बाइक खाक: धमाके के प्रभाव से दहल उठा पूरा पिनाकोटा गांव

मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग सबसे पहले डीजल लेकर आई पिकअप गाड़ी में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में खड़े बड़े डंपर ट्रक और पास खड़ी एक दोपहिया बाइक को भी अपनी आगोश में ले लिया। कुछ ही मिनटों के भीतर तीनों गाड़ियां आग का जलता हुआ गोला बन गईं। प्रत्यक्षदर्शियों और समाचार एजेंसी पीटीआई के वीडियो फुटेज के अनुसार, भीषण गर्मी और डीजल से भरे ड्रमों में गैस का अत्यधिक दबाव बनने के कारण अचानक एक अत्यंत शक्तिशाली विस्फोट हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और जमीन कांप उठी। धमाके के सीधे संपर्क में आए पांचों कामगारों के शरीर के परखच्चे उड़ गए और वे जलकर पूरी तरह खाक हो गए, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई।

पुलिस अधीक्षक अमित बरदार का बयान: आकस्मिक आग का मामला, सुरक्षा लापरवाही की हो रही जांच

हादसे की गंभीरता को देखते हुए अल्लूरी सीताराम राजू जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित बरदार ने घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह किसी विस्फोटक सामग्री या साजिश का नतीजा नहीं, बल्कि ईंधन भरने के दौरान बरती गई सुरक्षा लापरवाही से उपजी आकस्मिक आग का मामला प्रतीत होता है। एसपी अमित बरदार ने बताया कि अत्यधिक दूरी और कच्चे रास्तों के चलते निर्माण स्थलों पर ड्रमों से वाहनों में ईंधन भरने की परंपरा आम है। संभावना है कि ट्रक का फ्यूल टैंक भरते समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और किसी आकस्मिक चिंगारी या शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस टीम मौके पर रवाना कर दी गई थी, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञों और वरिष्ठ जांच अधिकारियों की एक और विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है।

राहत और बचाव कार्य जारी: शवों की शिनाख्त और कानूनी कार्रवाई में जुटा प्रशासन

पहाड़ी और वनांचल क्षेत्र होने के कारण राहत और बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद जलते हुए वाहनों की आग पर पूरी तरह काबू पाया। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मारे गए मजदूरों की पहचान करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। पुलिस मृतकों के डीएनए और अवशेषों को सुरक्षित करने के साथ-साथ निर्माण एजेंसी के रिकॉर्ड्स के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मारे गए श्रमिक स्थानीय थे या किसी अन्य राज्य से आए प्रवासी मजदूर थे। स्थानीय प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और इस बात की पड़ताल की जा रही है कि क्या कार्यस्थल पर अग्निशामक यंत्र और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है