इस्कॉन के मशहूर 'गोविंदास' समेत 3 फूड आउटलेट्स में मिले कीड़े और गंदगी: FDA का चला डंडा, तत्काल प्रभाव से लाइसेंस सस्पेंड

इस्कॉन के मशहूर 'गोविंदास' समेत 3 फूड आउटलेट्स में मिले कीड़े और गंदगी: FDA का चला डंडा, तत्काल प्रभाव से लाइसेंस सस्पेंड

मुंबई के जुहू स्थित प्रसिद्ध इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) मंदिर के परिसर में संचालित फूड आउटलेट्स में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की औचक छापेमारी में इस्कॉन के लोकप्रिय 'गोविंदास' (Govinda's) रेस्टोरेंट सहित तीन फूड प्रतिष्ठानों में कीट-पतंगे, कॉकरोच, कीड़ों के अवशेष, जाम नालियां और भारी गंदगी पाई गई। जनस्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा नियमों के खुले उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे के निर्देश पर इन सभी तीन व्यावसायिक आउटलेट्स के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिए गए हैं।

एफडीए की जांच में क्या-क्या मिला? रसोई से लेकर स्टोर रूम तक का हाल

एफडीए की विशेष जांच टीम ने 'हरे कृष्णा लैंड' (इस्कॉन जुहू) परिसर में अचानक निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट और तस्वीरों में कई खतरनाक और चौंकाने वाली खामियां दर्ज की गईं:

  • कीट-पतंगों और कॉकरोच का प्रकोप: गोविंदास रेस्टोरेंट के स्टोरेज एरिया और रसोई के कोनों में कीड़े और कीट-पतंगों की मौजूदगी पाई गई। स्टोर रूम में कीटों के अपशिष्ट (Pest Droppings) तक मिले, जो सीधे तौर पर संक्रमण का बड़ा कारण बन सकते हैं।

  • जाम नालियां और गंदा पानी: कोल्ड-स्टोरेज एरिया और किचन में नालियां भोजन के कचरे से पूरी तरह जाम थीं और फर्श पर गंदा पानी जमा था। नालियों में ग्रीस व कॉकरोच रोकने वाले बुनियादी ट्रैप्स तक नहीं लगाए गए थे।

  • संक्रमण (Cross-Contamination) का भारी जोखिम: कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। खाद्य और गैर-खाद्य सामग्री को एक साथ असुरक्षित तरीके से रखा गया था।

  • टेस्टिंग और फिटनेस रिकॉर्ड गायब: प्रतिष्ठान में इस्तेमाल होने वाले पीने के पानी और तैयार भोजन का निर्धारित समय पर अनिवार्य लैब टेस्ट नहीं कराया जा रहा था। साथ ही, खाना पकाने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, वैक्सीनेशन और फूड सेफ्टी ट्रेनिंग के जरूरी दस्तावेज भी नदारद मिले।

किन-किन आउटलेट्स पर गिरी गाज?

एफडीए ने जिन तीन इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए हैं, वे सभी इस्कॉन जुहू परिसर के अंतर्गत आती हैं:

  1. गोविंदास रेस्टोरेंट (Govindas Restaurant)

  2. हरे कृष्णा लैंड मुख्य फूड एस्टेब्लिशमेंट (Main Food Establishment)

  3. इस्कॉन जुहू फूड सर्विसेज - रेस्टोरेंट / स्नैक स्टॉल

आदेश के अनुसार, जब तक ये प्रतिष्ठान पाई गई सभी कमियों को पूरी तरह दूर नहीं कर लेते और दोबारा निरीक्षण में एफडीए की अनिवार्य शर्तों को पूरा नहीं करते, तब तक ये आउटलेट्स व्यावसायिक रूप से भोजन की बिक्री नहीं कर सकेंगे।

इस्कॉन प्रशासन की सफाई: 'कम्युनिटी किचन और लंगर निर्बाध चालू'

एफडीए की इस कड़ी कार्रवाई के बाद इस्कॉन प्रशासन की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। इस्कॉन के प्रतिनिधियों के अनुसार:

  • यह कार्रवाई केवल व्यावसायिक रेस्टोरेंट और परिसर के स्नैक काउंटर्स पर लागू हुई है।

  • मंदिर में नियमित रूप से भक्तों और जरूरतमंदों के लिए संचालित होने वाली सामान्य सामुदायिक रसोई (लंगर व महाप्रसाद वितरण) पूरी तरह चालू है और उस पर कोई रोक नहीं है।

  • प्रबंधन ने भरोसा दिया है कि वे एफडीए द्वारा इंगित की गई सभी स्वच्छता और तकनीकी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ठीक कर रहे हैं, ताकि नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

मुंबई भर में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख

कड़क प्रशासनिक छवि वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे द्वारा महाराष्ट्र एफडीए की कमान संभालने के बाद से राज्यभर में खान-पान के आउटलेट्स पर लगातार छापेमारी चल रही है। इस्कॉन से पहले एफडीए ने कुर्ला में रेलवे यात्रियों के लिए भोजन तैयार करने वाली आईआरसीटीसी (IRCTC) की बेस किचन 'आरके एसोसिएट्स' के खिलाफ भी कॉकरोच और गंदगी मिलने पर लाइसेंस निलंबन की सख्त कार्रवाई की थी।

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चाहे कोई प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट हो, रेलवे का सप्लायर हो या किसी बड़े धार्मिक ट्रस्ट से जुड़ा फूड आउटलेट—आम जनता के स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।