'सरकार को बदनाम करने और सूखा लाने के लिए कर्नाटक-तमिलनाडु में कराई अघोर पूजा', तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का बीआरएस पर काले जादू का सनसनीखेज आरोप
दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना के सियासी गलियारों में उस वक्त एक अप्रत्याशित और सनसनीखेज भूचाल आ गया, जब मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मुख्य विपक्षी दल 'भारत राष्ट्र समिति' (BRS) पर सीधे तौर पर तंत्र-मंत्र, अघोर पूजा और काला जादू करवाने का आरोप जड़ दिया। हैदराबाद में गरीबों के लिए 'इंदिराम्मा हाउसिंग टावर्स' (Indiramma Housing Towers) के शिलान्यास समारोह के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं ने कांग्रेस सरकार को गिराने, राज्य में सूखा पैदा करने और जनता को मुसीबत में डालने के लिए पड़ोसी राज्यों कर्नाटक और तमिलनाडु के गुप्त ठिकानों पर जाकर अघोरियों से विशेष पूजाएं करवाई हैं। मुख्यमंत्री का यह तीखा और हैरान करने वाला बयान आते ही राज्य में राजनीतिक विमर्श नीतिगत बहसों से हटकर तांत्रिक साधनाओं और अंधविश्वास के गंभीर आरोपों पर केंद्रित हो गया है।
'कर्नाटक-तमिलनाडु जाकर कराई अघोर पूजा': सीएम रेवंत रेड्डी का सीधा वार
हैदराबाद के केपीएचबी (KPHB) क्षेत्र में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विपक्षी पार्टी बीआरएस पर बिना लाग-लपेट के सीधा प्रहार किया। उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कुछ ऐसे दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक लोग हैं जो सत्ता छिन जाने के बाद से लगातार राज्य के विनाश की कामना कर रहे हैं।
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा, "कुछ लोग विशेष रूप से कर्नाटक और तमिलनाडु गए और वहां अघोर पूजाएं करवाईं। उनकी सिर्फ एक ही मंशा थी—राज्य में भीषण सूखा पड़े, बारिश न हो, लोग तड़प-तड़पकर मरें और मौजूदा कांग्रेस सरकार की बदनामी हो। समाज और राजनीति में ऐसे बुरे लोग भी मौजूद हैं। लेकिन वे यह भूल गए कि भले ही उन्होंने अघोर पूजा करवा ली हो, मगर ईश्वर उनके साथ नहीं है। ईश्वर हमारे साथ खड़ा है क्योंकि हमारा संकल्प नेक और जनहितकारी है।""
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जो पार्टी 10 वर्षों तक सत्ता में रही हो और पिछले 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हो, क्या उसके नेताओं को अपनी हताशा मिटाने के लिए ऐसे जादू-टोने और तंत्र-मंत्र का सहारा लेना शोभा देता है? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब किसी की नीयत में खोट और बुराई होती है, तो ऐसे काले जादू और तंत्र-मंत्र का असर उल्टा पलटकर उन्हीं लोगों पर पड़ता है जो इसे करवाते हैं।
'मैं ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन नीयत साफ है': केसीआर पर तंज
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि केसीआर के पास सत्ता, संसाधन और सब कुछ होने के बावजूद आज वे अपनी ही पार्टी और परिवार के भीतर से भारी विरोध और कलह का सामना कर रहे हैं।
रेवंत रेड्डी ने अपनी सादगी और जनता से जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा, "मैं कोई बहुत बड़ा विद्वान या अत्यधिक पढ़ा-लिखा और बुद्धिमान होने का दावा नहीं करता। लेकिन मेरे पास एक ऐसी चीज है जो मेरे विरोधियों के पास नहीं है—वह है जनता की सेवा करने की बिल्कुल साफ और सच्ची नीयत। जब आपकी नीयत साफ होती है, तो कुदरत और भगवान हर मोड़ पर आपकी मदद करते हैं। यही कारण है कि विपक्ष के तमाम षड्यंत्रों के बावजूद राज्य लगातार प्रगति कर रहा है।""
सूखे की साजिश बनाम कुदरत का साथ: गोदावरी और येल्लमपल्ली का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने मौसम और बारिश के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह विपक्ष की कथित 'बददुआएं' बेअसर साबित हुईं। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने वैश्विक स्तर पर 'अल नीनो' (El Nino) प्रभाव के चलते राज्य में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान जताया था, जिस पर विपक्षी दल उम्मीद लगाए बैठे थे कि पानी की कमी से हाहाकार मचेगा।
रेवंत रेड्डी ने बताया कि हाल ही में हुई जोरदार मानसूनी बारिश के चलते गोदावरी नदी पर बना महत्वपूर्ण 'येल्लमपल्ली प्रोजेक्ट' (Yellampally Project) पूरी तरह लबालब भर चुका है। इससे राजधानी हैदराबाद और आसपास के जिलों में अगले पूरे साल के लिए निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है और पानी की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह इस बात का जीवंत प्रमाण है कि राज्य के निर्दोष किसानों और जनता के साथ ईश्वर का आशीर्वाद है।
पहले भी उठ चुका है 'क्षुद्र पूजा' का विवाद: हरीश राव को भेजा गया था नोटिस
तेलंगाना की राजनीति में काले जादू और तांत्रिक क्रियाओं का आरोप कोई पहली बार नहीं लगा है। इससे ठीक पहले 4 अगस्त को तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने भी बीआरएस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व वित्त मंत्री टी. हरीश राव पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे।
महेश कुमार गौड़ ने दावा किया था कि टी. हरीश राव ने राज्य में बारिश को रोकने और सूखे के हालात पैदा कर उसका राजनीतिक फायदा उठाने के लिए गुप्त रूप से 'क्षुद्र पूजा' (Kshudra Pooja) करवाई थी। इस बयान पर भारी विवाद खड़ा हो गया था और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों को बेबुनियाद, हास्यास्पद और मानहानिकारक बताते हुए उन्हें बाकायदा कानूनी नोटिस भेजा था और सार्वजनिक माफी की मांग की थी। अब स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा मंच से अघोर पूजा का मुद्दा उठाए जाने के बाद यह विवाद नए सिरे से गरमा गया है।
वित्तीय संकट और भारी कर्ज के बावजूद जनकल्याणकारी योजनाओं का संकल्प
भाषण में राजनीतिक हमलों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के विकास और सामाजिक कल्याण के एजेंडे को भी मजबूती से सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार ने राज्य को भारी कर्ज और वित्तीय संकट के दलदल में धकेल दिया था।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि वित्तीय तंगी के बावजूद कांग्रेस सरकार अपनी छह प्रमुख गारंटियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को बिना रुके लागू कर रही है:
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शहरी गरीबों के लिए 1 लाख पक्के मकान: 'इंदिराम्मा हाउसिंग टावर्स' परियोजना के पहले चरण के तहत हैदराबाद के झुग्गी-झोपड़ियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एक लाख आधुनिक आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बीआरएस सरकार पर तंज कसा कि उन्होंने 10 साल में डबल-बेडरूम मकानों का केवल खोखला वादा किया था।
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महिला सशक्तिकरण और मुफ्त यात्रा: सरकारी आरटीसी (RTC) बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा (महालक्ष्मी योजना), इंदिराम्मा साड़ियों का वितरण और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ₹65,000 करोड़ के बैंक-लिंकेज ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा महिला समूहों को पेट्रोल पंप और सोलर पावर प्लांट चलाने की जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं।
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जमीन के मालिकाना हक की सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने 'सेक्शन 22' की प्रतिबंधित सूची में आने वाली जमीनों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से जनता को सावधान किया और आश्वासन दिया कि किसी भी गरीब नागरिक की वैध जमीन का मालिकाना हक नहीं छीना जाएगा।
अंधविश्वास के दावों पर गरमाई राज्य की सियासत
तेलंगाना में कांग्रेस और बीआरएस के बीच चल रही यह राजनीतिक खींचतान अब एक बेहद अजीबोगरीब मोड़ पर पहुंच चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जहां एक तरफ मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जनता के बीच भावनात्मक और धार्मिक जुड़ाव स्थापित करने के लिए विपक्ष के कथित 'तांत्रिक हथकंडों' का उल्लेख कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे सरकार की प्रशासनिक विफलताओं, बेरोजगारी और चुनावी वादों से ध्यान भटकाने की रणनीति बता रहे हैं।
आने वाले दिनों में स्थानीय निकाय और आगामी चुनावों को देखते हुए यह साफ है कि तेलंगाना में 'अघोर पूजा' और 'काले जादू' का यह सियासी विवाद आसानी से शांत नहीं होने वाला है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच वाकयुद्ध और अधिक तीव्र रूप धारण करेगा।