यूसुफ पठान का नई पार्टी में बड़ा प्रमोशन: NCPI में मिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का नंबर-2 पद; कई दिग्गज सांसदों को पछाड़कर बनाई शीर्ष पर जगह

यूसुफ पठान का नई पार्टी में बड़ा प्रमोशन: NCPI में मिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का नंबर-2 पद; कई दिग्गज सांसदों को पछाड़कर बनाई शीर्ष पर जगह

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुई ऐतिहासिक बगावत के बाद गठित नई राजनीतिक संरचना में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान का राजनीतिक कद अचानक तेजी से बढ़ गया है। ममता बनर्जी की पार्टी से बगावत कर 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) का दामन थामने वाले सांसदों में से यूसुफ पठान को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शीर्ष स्तर पर पदोन्नत करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (Vice President) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एनसीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी द्वारा जारी 27 सदस्यीय राष्ट्रीय पदाधिकारियों की पहली आधिकारिक सूची में टीएमसी छोड़कर आए 7 प्रमुख सांसदों को शीर्ष जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी में अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष का पद सीधे तौर पर नंबर-2 की हैसियत रखता है। यूसुफ पठान का यह प्रमोशन इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने टीएमसी के कई पुराने, कद्दावर और अनुभवी सांसदों को पछाड़ते हुए संगठन में यह मुकाम हासिल किया है।

यूसुफ पठान के साथ इन 6 नेताओं को भी मिली उपाध्यक्ष की कमान

एनसीपीआई की घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यूसुफ पठान के अलावा टीएमसी छोड़कर आए अन्य प्रमुख चेहरों को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है:

  • दीपक अधिकारी (अभिनेता देव) – सांसद

  • रचना बनर्जी – सांसद व अभिनेत्री

  • अबू ताहेर खान – सांसद

  • जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया – सांसद

  • चंद्रिमा पांजा

  • मिताली बाग

इस सूची की सबसे खास बात यह रही कि ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले लोकसभा के पुराने दिग्गज जैसे सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार जैसे वरिष्ठ नेताओं को शीर्ष पद की इस शुरुआती सूची में जगह नहीं मिली है। इसके अलावा चर्चित युवा सांसद सायोनी घोष का नाम भी उपाध्यक्षों की इस सूची से नदारद रहा।

संगठन का पूरा ढांचा: 6 महासचिव और 12 सचिवों की नियुक्ति

एनसीपीआई ने संगठन विस्तार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पूरी टीम मैदान में उतारी है:

  • महासचिव: पार्टी ने 6 नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है, जिनमें उत्तिया कुंडू, बापी हलदर, सुलेखा भूनिया, विवेक मिश्रा और शुभेंदु चक्रवर्ती शामिल हैं।

  • सचिव: 12 नेताओं को सचिव का प्रभार सौंपा गया है, जिनमें अभिषेक मुखर्जी, कल्लोल चक्रवर्ती, बप्पा सरदार, प्रबीर महाता, मृत्युंजय सिन्हा, पल्लब मुखर्जी, दिव्येंदु दास, बिप्लब देब, प्रदीप धर, सुस्मिता भूनिया, स्वाति गोस्वामी बोस और मोनालिशा खातून शामिल हैं।

  • कोषाध्यक्ष: पार्टी के वित्तीय प्रबंधन के लिए स्वरूप जायसवाल को कोषाध्यक्ष और सुदाम जेट्टी को संयुक्त कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

भाजपा के साथ समीकरण और उपचुनाव में प्रचार का ऐलान

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही एनसीपीआई ने पश्चिम बंगाल के आगामी सियासी रण को लेकर अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया है कि वह आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करेगी।

हालांकि, इस नए राजनीतिक समीकरण को लेकर अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आ रहे हैं:

  • भाजपा का रुख: बंगाल भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ किया है कि केंद्र में एनडीए स्तर पर समर्थन अलग बात है, लेकिन राज्य में भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और एनसीपीआई के साथ कोई औपचारिक चुनावी गठबंधन या सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है।

  • मुस्लिम सांसदों का स्टैंड: बागी गुट के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया द्वारा हाल ही में दावा किया गया था कि कई बागी सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस पर पलटवार करते हुए उपाध्यक्ष बने अबू ताहेर खान ने दो टूक स्पष्ट किया था कि वे, यूसुफ पठान और खलीलुर रहमान भाजपा में सीधे शामिल नहीं होंगे, बल्कि वे एनडीए को बाहर से समर्थन देने के रुख पर कायम हैं।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज अधीर रंजन चौधरी को हराकर संसद पहुंचने वाले पूर्व ऑलराउंडर यूसुफ पठान का अब एक नई पार्टी के नंबर-2 पद पर पहुंचना बंगाल की राजनीति में नए शक्ति संतुलन का संकेत दे रहा है।