TMC नाम और सिंबल फ्रीज होने पर भड़कीं ममता बनर्जी; बोलीं- 'अहंकार शांत करने के लिए हुआ फैसला, लड़ेंगे कानूनी जंग'
चुनाव आयोग (ECI) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक नाम और ऐतिहासिक 'जोड़ा फूल' (घास पर दो फूल) चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा और आक्रामक बयान सामने आया है। कोलकाता में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के इस आदेश को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का "काला दिन" करार दिया।
ममता बनर्जी ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 1998 में खून-पसीने से बनाई गई उनकी पार्टी को भाजपा ने राजनीतिक साजिश के तहत हाईजैक कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई एक राजनीतिक दल के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए बदले की नीयत से की गई है।
'संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान, लेकिन फैसला असंवैधानिक और पक्षपातपूर्ण'
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वे या उनकी पार्टी किसी भी संवैधानिक पद या संस्था का अनादर नहीं करते, लेकिन जिस जल्दबाजी और तरीके से यह फैसला थोपा गया है, वह पूरी तरह अनुचित है:
-
टाइमिंग पर उठाए गंभीर सवाल: ममता ने कहा कि 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों की प्रक्रिया पहले से चल रही थी, नामांकन दाखिल हो चुके थे और चुनाव चिह्न बांटे जाने की प्रक्रिया में थे। ऐसे नाजुक मोड़ पर अचानक इतना बड़ा फैसला लेना केवल उनकी पार्टी को चुनाव लड़ने से रोकने का प्रयास है।
-
दबाव में लिया गया फैसला: उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के हस्ताक्षरों और होटल में हुई संदिग्ध बैठकों के आधार पर आयोग ने पार्टी के 28 साल पुराने वजूद पर कैंची चला दी, जबकि ब्लॉक और जिला स्तर पर संगठन उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है।
-
कानूनी लड़ाई का ऐलान: उन्होंने साफ किया कि आयोग द्वारा उनकी पार्टी को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और 'फुटबॉल खिलाड़ी' सिंबल दिया जाना एक मजबूरी भरी अंतरिम व्यवस्था है, जिसे उन्होंने चुनावी प्रक्रिया बाधित न होने देने के लिए स्वीकारा है, न कि आयोग के फैसले के आगे आत्मसमर्पण किया है। वे इसे अदालत में चुनौती देंगी।
'पहले शिवसेना और एनसीपी को तोड़ा, अब हमारे पीछे पड़े हैं'
ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र की राजनीति का उदाहरण देते हुए भाजपा पर क्षेत्रीय पार्टियों को सुनियोजित तरीके से खत्म करने का आरोप लगाया:
-
महाराष्ट्र मॉडल का दोहराव: उन्होंने कहा, "पहले उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तोड़ा, फिर शरद पवार की एनसीपी के साथ यही खेल खेला। अब वे हमारे पीछे पड़ गए हैं। जो भी भाजपा के सामने झुकने से इनकार करता है, उसकी पार्टी और सिंबल छीन लिए जाते हैं। "
-
वॉशिंग मशीन की नीति: ममता ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे थे, जैसे ही वे पाला बदलकर भाजपा समर्थित बागी गुट में गए, उनके सारे मामले रफा-दफा हो गए और उन्हें संरक्षण मिल गया।
'29 साल के संघर्ष और मां, माटी, मानुष के प्यार से बना था जोड़ा फूल'
भावुक होते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि बंगाल की जनता के संघर्ष का प्रतीक है:
-
पहचान नहीं छिन सकती: ममता ने कहा, "मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को कभी नहीं छोड़ सकती। इसे मैंने 29 वर्षों के अनवरत संघर्ष, लाठियों, कुर्बानियों और राजनीतिक लड़ाइयों के दम पर खड़ा किया है। 'जोड़ा फूल' का सिंबल हमारे कार्यकर्ताओं के खून-पसीने और 'मां, माटी, मानुष' के आशीर्वाद से बना था। जब तक मेरे शरीर में एक भी सांस बाकी है, यह पार्टी मुझसे और मेरे जमीनी कार्यकर्ताओं से अलग नहीं हो सकती। "
-
सत्ता की सीमाओं का अहसास: उन्होंने भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि आज वे सत्ता में हैं, लेकिन हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे। उन्हें अपनी संवैधानिक सीमाओं को समझना चाहिए।
नंदीग्राम और असम में 'INDIA' ब्लॉक को समर्थन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने उपचुनावों को लेकर एक और बड़ा रणनीतिक कदम उठाया। उन्होंने घोषणा की कि विपक्षी एकता को मजबूत करने और भाजपा विरोधी वोटों के बिखराव को रोकने के लिए उनका गुट नंदीग्राम विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवारों को अपना खुला समर्थन देगा।
ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए आह्वान किया कि वे किसी भी भ्रम या निराशा में न आएं, बल्कि नए सिंबल और नए नाम के साथ मैदान में उतरकर भाजपा के इस राजनीतिक षड्यंत्र का जवाब जनता की अदालत में दें।