ओमान के तट पर तेल टैंकर पर मिसाइल/ड्रोन हमला: 1 भारतीय नाविक लापता, 13 को सुरक्षित बचाया गया; मस्कट दूतावास अलर्ट
पश्चिम एशिया और अरब सागर से सटे समुद्री व्यापारिक मार्गों पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ओमान के समुद्री तट के निकट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर (Oil Tanker) पर हुए संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमले के बाद जहाज पर सवार चालक दल में से एक भारतीय नाविक लापता हो गया है। राहत की बात यह रही कि ओमान की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और पास में गश्त कर रहे अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक जहाजों के तुरंत सक्रिय होने से जहाज पर मौजूद 13 अन्य भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस गंभीर घटना के बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास और नौसेना का मैरीटाइम ऑपरेशंस सेंटर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कैसे हुआ हमला और क्या है ताजा स्थिति?
प्राप्त आधिकारिक व रक्षा इनपुट्स के अनुसार:
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कमर्शियल टैंकर ऊर्जा आपूर्ति लेकर खाड़ी के समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, तभी ओमान के तट से कुछ दूरी पर अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे जहाज के ऊपरी हिस्से और इंजन रूम के निकट आग भड़क उठी।
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आपातकालीन डिस्ट्रेस कॉल (SOS) जारी होते ही ओमान मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर (MSC) और भारतीय नौसेना के निगरानी विमानों/युद्धपोतों को अलर्ट किया गया।
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रेस्क्यू टीमों ने तत्परता दिखाते हुए जहाज के चालक दल के 13 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित बंदरगाह पहुंचाया गया है।
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हमले के झटके और भगदड़ के दौरान लापता हुए एक भारतीय नाविक की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर 'सर्च एंड रेस्क्यू' (SAR) ऑपरेशन जारी है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर गहराता संकट
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब लाल सागर, अदन की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मर्चेंट नेवी के जहाजों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं:
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व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के कारण वाणिज्यिक जहाजों पर तैनात भारतीय नाविकों की जान पर सीधा जोखिम आ रहा है।
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भारतीय नौसेना 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों को निरंतर एस्कॉर्ट और एंटी-पायरेसी/एंटी-ड्रोन सुरक्षा दे रही है।
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हाल ही में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी समुद्री नाविकों (Seafarers) की हिफाजत के लिए एक साझा आपातकालीन नेटवर्क बनाने की पुरजोर वकालत की थी, ताकि संकट के समय नागरिक नाविकों की तुरंत जान बचाई जा सके।
मस्कट में भारतीय दूतावास लापता नाविक के परिवार और शिपिंग कंपनी के लगातार संपर्क में है तथा खोज अभियान को तेज करने के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ पूरा समन्वय बनाया जा रहा है।