शहजाद पूनावाला का असली सरनेम 'जमादार': बताया—धार्मिक मुस्लिम परिवार से आते हैं, जानिए पिता ने क्यों अपनाया था 'पूनावाला' नाम

शहजाद पूनावाला का असली सरनेम 'जमादार': बताया—धार्मिक मुस्लिम परिवार से आते हैं, जानिए पिता ने क्यों अपनाया था 'पूनावाला' नाम

टेलीविजन डिबेट्स और राजनीतिक मंचों पर लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुखर चेहरा रहे शहजाद पूनावाला ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि, धर्म और सरनेम को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अक्सर लोगों में उनके नाम और सरनेम को लेकर असमंजस रहता था और कई लोग उन्हें सीरम इंस्टीट्यूट वाले पारसी पूनावाला परिवार से जोड़कर देखते थे।

हालांकि, पूनावाला ने साफ किया कि उनका असली सरनेम 'पूनावाला' नहीं, बल्कि 'जमादार' है। उन्होंने बताया कि वे एक शिया मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनका मूल परिवार सामाजिक दृष्टि से पसमांदा (पिछड़े) मुस्लिम वर्ग से जुड़ा रहा है।

पिता ने क्यों चुना था 'पूनावाला' सरनेम?

शहजाद पूनावाला ने अपने नाम के पीछे का इतिहास साझा करते हुए बताया कि उनके परिवार का मूल उपनाम जमादार था और उनके पिता व उनके सभी भाई इसी सरनेम का इस्तेमाल करते थे।

  • कारोबार और शहर से जुड़ाव: पूनावाला के अनुसार, उनके पिता ने 20-22 साल की कम उम्र में ही पारिवारिक काम से अलग होकर खुद का स्वतंत्र व्यापार शुरू कर दिया था।

  • व्यावसायिक पहचान: बिजनेस की दुनिया में उन्हें लगा कि एक न्यूट्रल और शहर से जुड़ा सरनेम रखना ज्यादा व्यावहारिक रहेगा। महाराष्ट्र और खासकर पुणे में यह आम चलन रहा है कि पारसी और मुस्लिम कारोबारी अपने शहर या जगह के आधार पर उपनाम अपना लेते हैं। इसी वजह से उनके पिता ने 'पूनावाला' सरनेम चुना, जिसे बाद में उनके बेटों ने भी जारी रखा।

  • पारसी परिवार से कोई संबंध नहीं: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के प्रसिद्ध वैक्सीन निर्माता और अरबपति आदर पूनावाला या साइरस पूनावाला के परिवार से उनका कोई पारिवारिक या आनुवंशिक रिश्ता नहीं है।

'धार्मिक माहौल में बीता बचपन, रोज जाता था मस्जिद'

अपनी धार्मिक परवरिश को याद करते हुए शहजाद पूनावाला ने बताया कि उनका परिवार बेहद धार्मिक विचारों वाला था।

  • शियाखानी समुदाय: उन्होंने बताया कि वे 'शियाखानी' मुस्लिम पृष्ठभूमि से आते हैं, जो शिया समुदाय की एक उपशाखा मानी जाती है। उनके पिता अपने स्थानीय समुदाय के एक प्रमुख नेता के रूप में सक्रिय थे।

  • मदरसा और मस्जिद शिक्षा: पूनावाला ने साझा किया कि उनकी मां प्रतिदिन नमाज के लिए मस्जिद जाती थीं। बचपन और युवावस्था के दिनों में वे खुद भी हर शाम मस्जिद जाया करते थे और उन्होंने बुनियादी धार्मिक तालीम भी वहीं से हासिल की थी।

  • सांस्कृतिक पहचान: उन्होंने कहा, "यह महज संयोग की बात है कि मैं एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ, लेकिन मेरी मूल और सांस्कृतिक पहचान पूरी तरह भारतीय है। हम भारतीय मुस्लिम हैं, जिनकी सोच और संस्कृति दुनिया के अन्य हिस्सों के मुस्लिमों से काफी अलग और समावेशी है।"

पसमांदा पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर

शहजाद पूनावाला ने अक्सर मंचों पर पसमांदा मुसलमानों के अधिकारों और मुस्लिम समाज के भीतर अशराफ (उच्च वर्ग) और अरजाल-अजलाफ (पिछड़े वर्ग) के बीच मौजूद सामाजिक भेदभाव पर भी खुलकर बात की है। उन्होंने कई बार इस बात को रेखांकित किया कि बिना किसी राजनीतिक घराने या रसूखदार पृष्ठभूमि के, एक साधारण गैर-अशराफ मुस्लिम परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में अपनी आवाज दर्ज कराना उनके लिए एक बड़ा व्यक्तिगत सफर रहा है।

शहजाद और उनके भाई तेहसीन पूनावाला दोनों ही भारतीय मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में जाने-माने नाम हैं। दोनों भाइयों के राजनीतिक और वैचारिक दृष्टिकोण में भारी अंतर हमेशा से सार्वजनिक चर्चा का विषय रहा है। अपने असली उपनाम और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है।