'मैंने क्या किया? मैं तो अकेला हूं, भीड़ तो मीडिया वालों की है': कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लेते ही पुलिस पर भड़के अभिजीत दीपके

'मैंने क्या किया? मैं तो अकेला हूं, भीड़ तो मीडिया वालों की है': कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लेते ही पुलिस पर भड़के अभिजीत दीपके

कनॉट प्लेस में प्रस्तावित तिरंगा मार्च और प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में शुक्रवार दोपहर भारी ड्रामा देखने को मिला। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने ऐन वक्त पर हिरासत में ले लिया। दीपके मध्य दिल्ली के पंचकुइयां रोड स्थित एक आवास से हाथ में तिरंगा थामे जैसे ही सड़क पर निकले, भारी पुलिस बल ने उन्हें घेर लिया और पुलिस वैन में बैठने को कहा। पुलिस की इस त्वरित घेराबंदी से भड़के दीपके ने मौके पर ही अधिकारियों से तीखी नोकझोंक शुरू कर दी।

'भीड़ तो आपकी और मीडिया की है, मैं तो तिरंगा लेकर अकेला निकला था'

हिरासत में लिए जाने के दौरान जब पुलिसकर्मियों ने इलाके में धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू होने और भीड़ जमा करने का हवाला दिया, तो दीपके ने पुलिस की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा:

"मैंने आखिर ऐसा क्या किया है? मैं तो पूरी तरह अकेला हूं। मेरे साथ कोई भीड़ नहीं है। जो भीड़ आपको दिख रही है, वह तो आपके पुलिसकर्मियों और कवरेज करने आए मीडिया वालों की है! मैं हाथ में तिरंगा लेकर शांतिपूर्वक अकेला जा रहा था। क्या इस देश में तिरंगा लेकर अकेले चलना भी अब गैरकानूनी हो गया है?"

दीपके ने आरोप लगाया कि प्रशासन लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों का गला घोंटने पर आमादा है और शांतिपूर्ण विरोध को भी जबरन दबाया जा रहा है।

बीएनएस की धारा 163 और ट्रैफिक जाम का दिया हवाला

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के तहत एक एहतियाती कदम (Preventive Detention) है।

  • 15 लाख लोगों और ट्रैफिक का वास्ता: पुलिस द्वारा दीपके को थमाए गए नोटिस में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों और त्योहारी सीजन का हवाला दिया गया था। पुलिस ने तर्क दिया कि कनॉट प्लेस (CP) राजधानी का केंद्रीय व्यावसायिक और ट्रांजिट हब है। अगर वहां मार्च या जमावड़े की वजह से सड़कें जाम होती हैं, तो पूरी सेंट्रल दिल्ली का ट्रैफिक ठप हो जाएगा और 15 लाख से अधिक आम नागरिकों व व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।

  • नोटिस फाड़ने जैसी नाराजगी: हिरासत में लिए जाने से कुछ ही देर पहले जब पुलिस नोटिस लेकर पहुंची थी, तब भी दीपके ने नोटिस की भाषा पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि "जो मन में आ रहा है, वही लिखकर नोटिस बना दिया गया है।"

साथी कार्यकर्ता पहले ही जेल में, अब दीपके पर भी कसा शिकंजा

उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने और बैरिकेड्स तोड़ने के मामले में दिल्ली पुलिस ने सीजेपी और आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे—सौरभ दास और आशुतोष रांका—को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज रखा है। इन दोनों नेताओं के जेल जाने के बाद दीपके कनॉट प्लेस में प्रतीकात्मक तिरंगा मार्च निकालने की रणनीति बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कदम आगे बढ़ाने से पहले ही हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।