'रिश्ते दोनों के, पर चीरहरण सिर्फ महिला का क्यों?': विजय की दोस्त तृषा कृष्णन के समर्थन में उतरीं कंगना रनौत, भाजपा नेताओं की पिछली टिप्पणियों पर भी उठा सवाल

'रिश्ते दोनों के, पर चीरहरण सिर्फ महिला का क्यों?': विजय की दोस्त तृषा कृष्णन के समर्थन में उतरीं कंगना रनौत, भाजपा नेताओं की पिछली टिप्पणियों पर भी उठा सवाल

तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी करीबी दोस्त व लोकप्रिय अभिनेत्री तृषा कृष्णन के संबंधों को लेकर सियासी गलियारों में लगातार व्यक्तिगत और अमर्यादित बयानबाजी देखने को मिल रही है। अब इस विवाद में बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत खुलकर तृषा के समर्थन में उतर आई हैं।

कुल्लू में एक प्रशासनिक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना रनौत ने बिना सीधा नाम लिए तृषा कृष्णन को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की। कंगना ने कहा कि राजनीति में तीखी वैचारिक आलोचना का स्वागत है, लेकिन किसी महिला के मान-सम्मान और चरित्र को चोट पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी कोई व्यक्तिगत संबंध या विवाद सामने आता है, तो समाज और नेता हमेशा महिला के 'चीरहरण' और चरित्र हनन पर ही क्यों उतर आते हैं।

'कामकाजी और सफल महिलाओं को गिराने के लिए होता है चरित्र हनन'

कंगना रनौत ने तमिलनाडु में चल रहे पूरे घटनाक्रम को महिलाओं के प्रति समाज की संकीर्ण मानसिकता से जोड़ते हुए गहरा दर्द बयां किया।

कंगना ने कहा, "हमने देखा है कि तमिलनाडु में क्या हुआ, जहां एक बेहद सम्मानित और लोकप्रिय अभिनेत्री को निशाना बनाया गया। अगर कोई संबंध होता भी है, तो वह दोनों पक्षों के बीच होता है, लेकिन जब गालियों, अपशब्दों और चरित्र हनन की बात आती है, तो सिर्फ और सिर्फ महिला को ही सॉफ्ट टारगेट बनाया जाता है।"

अभिनेत्री-सांसद ने आगे कहा कि यह विडंबना केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में देखने को मिलती है कि जब भी कोई महिला अपने दम पर सफल होती है, सत्ता या अधिकार के शीर्ष पद पर पहुंचती है, तो पुरुष प्रधान व्यवस्था में उसे नीचे खींचने के लिए सबसे पहले उसके चरित्र पर कीचड़ उछाला जाता है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को अब आत्ममंथन करने की जरूरत है कि हम महिलाओं को किस नजरिए से देखते हैं और क्या वाकई उनका सम्मान करते हैं।

जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कसा था तृषा पर तंज

कंगना रनौत भले ही आज तृषा के समर्थन में खुलकर बोल रही हैं, लेकिन इस पूरे विवाद में खुद भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता भी तृषा कृष्णन को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।

तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने विजय के राजनीतिक सफर और पार्टी लॉन्चिंग पर हमला बोलते हुए सरेआम तृषा का नाम घसीटा था। नागेंद्रन ने एक जनसभा में हंसते हुए तंज कसा था कि "विजय पूरी तरह से अनुभवहीन हैं, उन्हें पहले घर से बाहर निकलना चाहिए; पहले तृषा के घर से बाहर निकलिए, उसके बाद राजनीति में कुछ हो सकता है।" हालांकि, विवाद तूल पकड़ने और चौतरफा आलोचना के बाद नागेंद्रन को अपने बयान पर सफाई देते हुए खेद जताना पड़ा था। इसके बावजूद राजनीतिक मंचों पर तृषा के नाम का इस्तेमाल बंद नहीं हुआ।

उदयनिधि स्टालिन की 'डबल मीनिंग' टिप्पणी और गिरफ्तारी का विवाद

तमिलनाडु में यह विवाद हाल ही में तब और ज्यादा गरमा गया था जब द्रमुक (DMK) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर बोलते हुए तृषा को लेकर कथित तौर पर एक अश्लील 'डबल मीनिंग' टिप्पणी कर दी थी।

स्टालिन के भाषण के दौरान जब भीड़ ने तृषा का नाम लिया, तो उन्होंने कटाक्ष करते हुए ऐसी टिप्पणी की जिसे सत्ताधारी टीवीके (TVK) ने महिलाओं का खुला अपमान करार दिया। इसके बाद चेन्नई पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को उनके आवास से हिरासत में लिया था। उस समय भी कंगना रनौत, खुशबू सुंदर और गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने स्टालिन की भाषा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा था कि किसी भी सभ्य समाज में महिलाओं पर ऐसे भद्दे मजाक बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।

मुख्यमंत्री विजय की चेतावनी: 'महिलाओं पर ओछी टिप्पणी करने वालों पर होगी जेल'

इस पूरे विवाद के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने भी विधानसभा और सार्वजनिक मंचों से विपक्ष को दो टूक चेतावनी दी है। विजय ने 1989 में तमिलनाडु विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के साथ हुए दुर्व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा, दोहरे अर्थ वाले डायलॉग या व्यक्तिगत हमलों को सरकार कतई सहन नहीं करेगी। उन्होंने साफ किया कि महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी नेता के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।