'500 साल बाद भी युवाओं के रोल मॉडल रहेंगे भगत सिंह', CM मान बोले- सरकारें आती-जाती हैं, सिर्फ काम याद रहता है
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमर शहीद भगत सिंह के जीवन और दर्शन का उल्लेख करते हुए एक बार फिर युवाओं और प्रशासनिक अमले को राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसान अपनी उम्र से नहीं, बल्कि अपने क्रांतिकारी विचारों और समाज के लिए किए गए त्याग से बड़ा बनता है। शहीद भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया था, लेकिन उनके विचार और आदर्श ऐसे हैं कि आज भी और आने वाले 500 साल बाद भी वे समूची दुनिया के युवाओं के सबसे बड़े रोल मॉडल बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीरों ने किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरे मुल्क और भावी पीढ़ियों की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर किया था।
'सरकारें, मंत्री और अफसर बदलते रहते हैं... सिर्फ जनसेवा का काम याद रहता है'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्ता और प्रशासनिक पदों की क्षणभंगुरता पर बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं, मुख्यमंत्री और मंत्री बदलते हैं और अधिकारी भी रिटायर हो जाते हैं। कोई भी पद या कुर्सी हमेशा के लिए किसी के पास नहीं रहती, लेकिन जो व्यक्ति अपने पद पर रहते हुए जनता और समाज की भलाई के लिए नेक काम करता है, लोग उसे सदियों तक सम्मान के साथ याद रखते हैं। सीएम मान ने कहा कि किसी भी शख्स की असली पहचान उसकी दौलत या रुतबे से नहीं, बल्कि उसके द्वारा छोड़े गए असरदार काम से होती है। उन्होंने अधिकारियों और नेताओं को नसीहत दी कि वे सत्ता को शक्ति प्रदर्शन का जरिया न मानकर इसे आम जनता की सेवा का माध्यम बनाएं।
शिक्षा सुधार का दिया ठोस उदाहरण: 27वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा पंजाब
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की जमीनी प्रगति को रेखांकित करते हुए स्कूल शिक्षा व्यवस्था में आए ऐतिहासिक सुधारों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल शिक्षा के मानकों में पंजाब 27वें पायदान पर लुढ़क चुका था। लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा शिक्षकों की विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, आधुनिक कंप्यूटर व साइंस लैब्स, 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' और स्मार्ट क्लासरूम जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के बाद पंजाब ने लंबी छलांग लगाई और देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। मान ने कहा कि यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि जब नीयत साफ हो और काम करने की इच्छाशक्ति हो, तो सबसे कठिन व्यवस्था को भी सुधारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प के साथ अब स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाए जा रहे हैं।
पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए साझा संकल्प जरूरी
सीएम मान ने राज्य के लोगों और खासकर नौजवानों से अपील की कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों, फकीरों और शहादत देने वाले महापुरुषों की पावन धरती है, जहां के लोगों ने बड़े से बड़े संकट में भी कभी हौसला नहीं हारा। केवल हाथ पर हाथ रखकर उम्मीद करने से राज्य आगे नहीं बढ़ सकता, बल्कि इसके लिए हर नागरिक और तंत्र को मिलकर कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहयोग, पारदर्शी प्रशासन और शहीदों के दिखाए रास्ते पर चलकर पंजाब को दोबारा आर्थिक रूप से समृद्ध, नशामुक्त और खुशहाल 'रंगला पंजाब' बनाया जाएगा।