भगवंत मान सरकार बेअदबी के खिलाफ लाई सख्त कानून, दोषियों को होगी उम्रकैद और नहीं मिलेगी बेल

भगवंत मान सरकार बेअदबी के खिलाफ लाई सख्त कानून, दोषियों को होगी उम्रकैद और नहीं मिलेगी बेल

पंजाब में पवित्र धर्मग्रंथों की बेअदबी (Sacrilege) के मामलों पर पूर्ण विराम लगाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए भगवंत मान सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पायल से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में बेअदबी रोकने के लिए देश का सबसे सख्त कानूनी मसौदा तैयार कर जनभावनाओं का सम्मान किया है।

ग्यासपुरा ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नए कानूनी प्रावधानों के तहत पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब, श्रीमद्भगवद्गीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबिल सहित सभी पूजनीय धर्मग्रंथों का अनादर करने वालों के लिए कठोरतम सजा का रास्ता साफ किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने केवल इस मुद्दे पर राजनीति की और आयोग बनाकर समय बर्बाद किया, लेकिन 'आप' सरकार ने कानून के दायरे में ऐसा पुख्ता इंतजाम किया है जिससे कोई भी दोषी बच न सके।

नए कानूनी प्रावधानों की मुख्य बातें: उम्रकैद और 'नो-बेल' क्लॉज

विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने प्रस्तावित और संशोधित कानून की प्रमुख धाराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें अपराधियों के बचने की हर गुंजाइश को खत्म कर दिया गया है:

  • आजीवन कारावास (Life Imprisonment): किसी भी धर्मग्रंथ की बेअदबी या तोड़फोड़ करने की मंशा रखने वाले दोषियों को न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर अधिकतम उम्रकैद की सजा का कड़ा प्रावधान किया गया है।

  • गैर-जमानती अपराध (Non-Bailable Offence): मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे पूर्ण रूप से गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है, ताकि आरोपी कानूनी दांवपेंच का सहारा लेकर जमानत पर बाहर आकर गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित न कर सकें।

  • त्वरित ट्रायल (Fast-Track Trial): मुकदमों की सुनवाई वर्षों तक लटकने से रोकने के लिए विशेष अदालतों के जरिए समयबद्ध जांच और त्वरित फैसले की व्यवस्था तय की जा रही है।

'पिछली सरकारों ने सिर्फ सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ किया': ग्यासपुरा

मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने पूर्ववर्ती अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि साल 2015 के बरगाड़ी और बहबल कलां बेअदबी कांड के जख्म आज भी पंजाबियों के दिलों में हरे हैं:

  • राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव: उन्होंने आरोप लगाया कि पारंपरिक पार्टियों ने दशकों तक केवल बेअदबी पर चुनावी रोटियां सेकीं और जांच रिपोर्टों को दबाने का काम किया।

  • जनता से किया वादा पूरा: ग्यासपुरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव से पहले पंजाब की जनता और संगत से जो वादा किया था, यह सख्त कानून उसी ईमानदार प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा की रक्षा का संकल्प

विधायक ने कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जहां सदियों से सभी धर्मों के लोग भाईचारे के साथ रहते आए हैं। कुछ असामाजिक और शरारती तत्व चुनावी या राजनीतिक फायदे के लिए धार्मिक भावनाओं को भड़काकर राज्य का अमन-चैन बिगाड़ने की कोशिश करते रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उम्रकैद और बिना जमानत वाले इस कड़े कानून के लागू होने के बाद असामाजिक तत्वों में ऐसा खौफ पैदा होगा कि भविष्य में कोई भी पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने या किसी भी पवित्र ग्रंथ की अवहेलना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा।