चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक

चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में जनस्वास्थ्य, युवाओं की भलाई और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने बेहद कड़ा और बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे शहर में गुटखा, पान मसाला, सुगंधित या स्वादयुक्त तंबाकू और निकोटीन युक्त सभी चबाने वाले उत्पादों के निर्माण (Manufacturing), भंडारण (Storage), वितरण (Distribution) और बिक्री (Sale) पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है।

प्रशासन द्वारा यह सख्त फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के पूर्व दिशा-निर्देशों के अनुपालन के तहत लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चाहे उत्पाद पैक रूप में बेचे जाएं या खुले तौर पर, किसी भी प्रकार से तंबाकू या निकोटीन को खाद्य सामग्री के साथ मिलाकर बेचना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।

जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा: अधिसूचना में दिए गए कड़े निर्देश

चंडीगढ़ के स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, चबाने वाले तंबाकू उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा संकट बन चुके हैं।

  • मुंह के कैंसर का मुख्य कारण: स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के हवाले से आदेश में बताया गया है कि गुटखा और पान मसाला का निरंतर सेवन मुंह के कैंसर (Oral Cancer), ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (OSMF), गले के कैंसर और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के प्रमुख कारणों में से एक है।

  • युवाओं को बचाने की पहल: स्कूली छात्रों, युवाओं और कामकाजी वर्ग के बीच माउथ फ्रेशनर के नाम पर बिकने वाले निकोटीन युक्त पाउचों के बढ़ते चलन को देखते हुए यह रोक लगाई गई है।

बिक्री, स्टॉक और ऑनलाइन सप्लाई पर भी जीरो टॉलरेंस

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध का दायरा केवल पान की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा:

  • गोदामों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी: शहर में किसी भी थोक व्यापारी, वितरक या रिटेलर को तंबाकू युक्त पान मसाला का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीमें शहर के थोक बाजारों और गोदामों का औचक निरीक्षण करेंगी।

  • अलग-अलग पाउच बेचने की चालाकी पर नकेल: अक्सर दुकानदार कानूनी पेच से बचने के लिए सादा पान मसाला और तंबाकू के पाउच अलग-अलग बेचते हैं ताकि ग्राहक खुद उन्हें मिलाकर खा सकें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि एक ही परिसर से पान मसाला और तंबाकू के अलग पाउच बेचना भी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।

  • परिवहन पर सख्ती: अंतरराज्यीय सीमाओं (पंजाब और हरियाणा) से चंडीगढ़ में गुटखा या पान मसाले की अवैध खेप की तस्करी को रोकने के लिए नाकों पर भी चेकिंग बढ़ाई जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act, 2006) के तहत जारी इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है:

  • पकड़े जाने पर संबंधित दुकान, खोखे या गोदाम का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और प्रतिष्ठान को सील किया जाएगा।

  • प्रतिबंधित उत्पादों को मौके पर ही जब्त कर नष्ट किया जाएगा।

  • व्यापार करने वाले व्यक्तियों पर लाखों रुपये तक का भारी आर्थिक जुर्माना और 6 महीने से लेकर 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान लागू होगा।

प्रशासन ने जनता और व्यापारियों से की सहयोग की अपील

चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के सभी थोक व खुदरा व्यापारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी दुकानों से इस प्रकार के सभी स्टॉक तुरंत हटा लें। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे शहर को स्वच्छ और नशामुक्त बनाने में सहयोग करें। यदि कहीं भी अवैध रूप से गुटखा या प्रतिबंधित पान मसाला की बिक्री की सूचना मिलती है, तो नागरिक सीधे स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम या खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर पर गुप्त रूप से इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।