डॉ. अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर BJP और BSP कार्यकर्ता भिड़े, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला पर माइक से हमला
पंजाब के होशियारपुर जिले में माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया। होशियारपुर के बाड़ियां कलां गांव में चल रहे धरने के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के पूर्व अध्यक्ष विजय सांपला पर एक प्रदर्शनकारी ने माइक से हमला कर दिया। माइक सीधे उनके चेहरे पर लगने से वे घायल हो गए, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
डॉ. अंबेडकर प्रतिमा विवाद को लेकर चल रहा था धरना
पूरा विवाद होशियारपुर के गांव बाड़ियां कलां में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ शरारती तत्वों द्वारा की गई छेड़छाड़ के बाद शुरू हुआ था। प्रतिमा के अपमान की घटना के विरोध में दलित समुदाय और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त था। इस घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीण, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ता और अन्य सामाजिक संगठन सड़क पर बैठकर धरना दे रहे थे और प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
धरने में शामिल होकर दलित समाज के साथ एकजुटता दिखाने और घटना की निंदा करने के उद्देश्य से भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे थे।
भाषण के दौरान तीखी तकरार और माइक से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब विजय सांपला धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच अपनी बात रखने लगे, तो वहां मौजूद बसपा कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल देखते ही देखते गरमा गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
विवाद इतना बढ़ गया कि मंच के पास धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी बीच भीड़ में मौजूद एक उत्तेजित कार्यकर्ता ने हाथ में पकड़ा हुआ माइक सीधे पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के चेहरे पर दे मारा। अचानक हुए इस हमले से सांपला लड़खड़ा गए और उनके चेहरे पर चोट आई। उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने तुरंत उन्हें घेरे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
भारी पुलिस बल तैनात, इलाके में धारा 144 जैसे हालात
हमले के तुरंत बाद दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच जमकर लात-घूंसे और हाथापाई हुई, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस जाप्ते के साथ बाड़ियां कलां पहुंचे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिमा के साथ हुई छेड़छाड़ के मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। साथ ही धरना स्थल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पर हमला करने वाले और शांति भंग करने वाले उपद्रवियों की वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ अफवाह न फैलाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।