वाटर कैनन से घायल नेताओं का हाल जानने पहुंचे चरणजीत चन्नी और सुखजिंदर रंधावा, पुलिस कार्रवाई पर भड़के

वाटर कैनन से घायल नेताओं का हाल जानने पहुंचे चरणजीत चन्नी और सुखजिंदर रंधावा, पुलिस कार्रवाई पर भड़के

पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ पंजाब कांग्रेस के जोरदार प्रदर्शन के अगले दिन सूबे की सियासत गरमा गई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए तीखे वाटर कैनन और बल प्रयोग में घायल हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुध लेने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत वरिष्ठ नेता उनके आवास पर पहुंचे। दोनों दिग्गज नेताओं ने घायल साथियों की कुशलक्षेम जानी, डॉक्टरों से उनके उपचार की जानकारी ली और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर पुलिसिया बर्बरता का कड़ा विरोध जताया।

पंजाब कांग्रेस ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि मान सरकार अपनी नाकामियों, ड्रग्स के बढ़ते जाल और दिर्बा के दलित युवक गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में घिरने के बाद विपक्ष की आवाज को लाठियों और पानी की बौछारों से दबाने की तानाशाही कोशिश कर रही है।

घायल नेताओं से मिले चन्नी और रंधावा, जाना स्वास्थ्य का हाल

मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई में कई बड़े नेता गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल के बेटे राहुल भट्ठल के आवास पर पहुंचे, जिनकी आंख पर वाटर कैनन के सीधे प्रहार से गंभीर चोट आई है। चन्नी ने राहुल भट्ठल से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह विधायक बरिंदरजीत सिंह पहाड़ा के आवास पर पहुंचे। पहाड़ा भी प्रदर्शन के दौरान आंख और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से घायल हो गए थे। रंधावा और परगट सिंह ने उनके घावों और उपचार के बारे में डॉक्टरों से चर्चा की तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इसके अलावा पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा, जो पानी की तेज बौछारों के दबाव से जमीन पर गिरकर चोटिल हो गए थे, और भारत भूषण आशु, जिनकी मौके पर तबीयत बिगड़ गई थी, उनके स्वास्थ्य पर भी वरिष्ठ नेताओं ने चिंता व्यक्त की।

वित्त मंत्री के घेराव के दौरान हुआ था टकराव

विवाद की जड़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कांग्रेस का आक्रोश है। संगरूर के दिर्बा निवासी दलित युवक गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या के मामले में कांग्रेस मंत्री हरपाल चीमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नवनियुक्त पंजाब प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर रंधावा के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन पर जुटे थे।

जब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हरपाल चीमा के सरकारी आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, तो चंडीगढ़ पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। बैरिकेड्स पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन से तेज पानी की बौछारें छोड़ दीं। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और कई नेताओं के चश्मे टूट गए व चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। बाद में सचिन पायलट, राजा वड़िंग और बाजवा सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिन्हें कुछ घंटों बाद रिहा किया गया।

चन्नी और रंधावा ने साधा मान सरकार पर तीखा निशाना

घायल नेताओं से मुलाकात के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य की भगवंत मान सरकार और चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। चन्नी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को जनता के सरोकारों और न्याय के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी जनता के सवालों से इतनी भयभीत हो चुकी है कि वह पुलिस का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट रही है।

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दो टूक कहा कि कांग्रेस का कोई भी सिपाही पुलिस की लाठियों या वाटर कैनन से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि एक गरीब दलित परिवार के साथ हुए अन्याय के खिलाफ जब पंजाब कांग्रेस सड़कों पर उतरी, तो सरकार ने कायराना तरीके से उन पर हिंसक बल प्रयोग कराया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिलता और आरोपित मंत्री के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक पंजाब कांग्रेस का यह संघर्ष सड़क से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगा।