CM भगवंत मान ने 800 से अधिक अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, कुल सरकारी नौकरियों का आंकड़ा 69,094 के पार

CM भगवंत मान ने 800 से अधिक अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, कुल सरकारी नौकरियों का आंकड़ा 69,094 के पार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'मिशन रोजगार' के तहत आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों के लिए चयनित 800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। चंडीगढ़ में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में स्वास्थ्य, बिजली, स्थानीय सरकार और शिक्षा विभाग में नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से अब तक रिकॉर्ड 69,094 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पंजाब सरकार राज्य के युवाओं को सशक्त बनाने और उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर और पारदर्शी प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता (मेरिट), निष्पक्षता और बिना किसी राजनीतिक सिफारिश या रिश्वतखोरी के की गई हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय जहां युवाओं को नौकरियों के लिए दर-दर भटकना पड़ता था और भ्रष्टाचार का बोलबाला था, वहीं आज साधारण परिवारों के प्रतिभावान बच्चे अपनी योग्यता के दम पर एक ही समय में कई-कई सरकारी परीक्षाएं पास करके अपनी मनपसंद नौकरी हासिल कर रहे हैं।

शिक्षा क्रांति का ऐतिहासिक परिणाम: नीट पास करने वाले छात्रों में 11 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में हुए बुनियादी और गुणात्मक बदलावों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों को 'स्कूल ऑफ एमिनेन्स' में बदलने और शिक्षकों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजने की नीतियों का असर अब धरातल पर साफ नजर आने लगा है। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए घोषणा की कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों की संख्या में 11 गुना की अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, जिन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है। जहां पहले नीट जैसी कठिन और राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में निजी कोचिंग सेंटरों के संपन्न परिवारों के बच्चों का दबदबा रहता था, वहीं अब पंजाब के दूर-दराज के गांवों और कस्बों में स्थित सरकारी स्कूलों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे भी इस परीक्षा में परचम लहरा रहे हैं। सरकार द्वारा दी जा रही मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विशेष कोचिंग सुविधाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही अवसर प्रदान किया जाए, तो सरकारी स्कूलों के बच्चे देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकते हैं।

पेपर लीक और रिश्वतखोरी से मुक्ति: देश भर में मिसाल बना पंजाब का भर्ती मॉडल

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश भर में हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पंजाब के मजबूत और निष्पक्ष भर्ती ढांचे की सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता है और उनका विश्वास डगमगा जाता है, वहीं वर्ष 2022 से लेकर अब तक पंजाब में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। मान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बेहद सख्त और आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले के दौर में नौकरियों की सूचियां नेताओं के घरों और दलालों की जेब से तय होती थीं, लेकिन आज चयन प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत और मेरिट आधारित है। युवाओं को केवल उनकी लगन, कड़ी मेहनत और शैक्षणिक दक्षता का फल मिल रहा है। इस पारदर्शी व्यवस्था के कारण ही पंजाब के युवाओं में एक बार फिर सरकारी तंत्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति अटूट विश्वास बहाल हुआ है।

'रिवर्स माइग्रेशन' की शुरुआत: विदेशों में जाने की बजाय पंजाब में ही भविष्य बना रहे युवा

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पंजाब की सबसे बड़ी चिंता यहां की युवा प्रतिभाओं का विदेश जाना यानी 'ब्रेन ड्रेन' रहा है, लेकिन मान सरकार की रोजगार नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था के कारण अब राज्य में 'रिवर्स माइग्रेशन' की ऐतिहासिक शुरुआत हो चुकी है। जो युवा लाखों रुपये खर्च करके और अपने घर-परिवार को छोड़कर विदेशों में मजदूरी करने पर मजबूर थे, अब वे वापस अपने वतन लौट रहे हैं और पंजाब में ही सरकारी नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल की कई भर्तियों में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जो विदेश जा चुके थे या जाने की तैयारी में थे, लेकिन पंजाब में पारदर्शी प्रक्रिया की खबर मिलते ही उन्होंने यहां परीक्षा दी और मेरिट के आधार पर चयनित होकर अपने राज्य में ही सेवा दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य पंजाब को एक ऐसा औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्र बनाना है जहां हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर अपने ही राज्य में सुलभ हो सकें।

नव-नियुक्त युवाओं से अपील: ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें जनसेवा

नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनसे एक अभिभावक के रूप में अपने प्रशासनिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल एक रोजगार का जरिया नहीं है, बल्कि यह पंजाब के आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का एक पवित्र अवसर है। मान ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने दफ्तरों में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और गरीब तबके के लोगों की समस्याओं का त्वरित व संवेदनशीलता के साथ समाधान करें। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण और राज्य में नए रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने अंत में कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को पंख लगाने और पंजाब को पुनः 'रंगला पंजाब' बनाने के अपने संकल्प पर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आने वाले दिनों में विभिन्न विभागों में खाली पड़े हजारों अन्य पदों पर भी इसी प्रकार रिकॉर्ड गति से भर्तियां पूरी की जाएंगी।