सीएम भगवंत मान का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा पलटवार, उठाया कांडला पोर्ट और BSF का मुद्दा

सीएम भगवंत मान का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा पलटवार, उठाया कांडला पोर्ट और BSF का मुद्दा

पंजाब में ड्रग्स और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। गृह मंत्री द्वारा पंजाब सरकार पर उठाए गए सवालों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। मान ने गृह मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब या उनके ऊपर अंगुली उठाने से पहले केंद्र सरकार को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निष्पक्ष आकलन करना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि दूसरों पर दोष मढ़ने की जगह गृह मंत्री अपने अंतर्गत आने वाली केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर ध्यान दें।

'BSF के पास है 50 किलोमीटर की रेंज, 3000 किलो चिट्टा गुजरात में पकड़ा जा रहा'

सीएम मान ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकार क्षेत्र और गुजरात के बंदरगाहों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा:

"अमित शाह जी, मेरे बारे में बोलने से पहले अपने सलाहकारों से सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए था। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 50 किलोमीटर की रेंज BSF के पास है। इसके अलावा 3000 किलो चिट्टा (ड्रग्स) गुजरात के कांडला पोर्ट से पकड़ा जा रहा है। भगवंत मान को दोष देने से पहले अपनी जिम्मेदारी संभालो। अपने सलाहकारों और चमचों द्वारा लिखे-लिखाए ट्वीट कॉपी-पेस्ट न करो।"

मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि जब सीमा पार से पाकिस्तान द्वारा ड्रोन या सुरंगों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है, तो पहली रक्षा पंक्ति के रूप में बीएसएफ तैनात है, जो सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है। इसके अलावा, देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी खेपें गुजरात के तटीय बंदरगाहों पर पकड़ी जा रही हैं, जिन पर सवाल उठाने के बजाय केंद्र सरकार केवल पंजाब को बदनाम करने में जुटी है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर अमित शाह के सवालों के बाद गरमाया माहौल

राजनीतिक तल्खी की शुरुआत उस वक्त हुई जब पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या और गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला था। शाह ने सवाल दागा था कि अगर पंजाब में ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य की आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। इसके बाद पहले 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल और फिर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोर्चा संभालते हुए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को सीधे निशाने पर लिया।

'ड्रग्स पर राजनीति करने के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग करे केंद्र'

भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस नशा तस्करों, गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ युद्धस्तर पर अभियान चला रही है और सैकड़ों तस्करों की संपत्तियां कुर्क कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। लेकिन जब तक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और देश के बड़े समुद्री बंदरगाहों पर केंद्र की एजेंसियां नशीले पदार्थों के प्रवेश को पूरी तरह से बंद नहीं करतीं, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। सीएम मान ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह गैर-भाजपा शासित राज्यों को राजनीतिक रूप से घेरने के लिए झूठी बयानबाजी करने के बजाय सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने में अपनी ऊर्जा लगाए।