हरभजन सिंह ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी! 'आप' छोड़ बीजेपी में शामिल होने की बताई असली वजह, कहा- 'पंजाब के युवाओं और खेलों के लिए मेरा मकसद...'

हरभजन सिंह ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी! 'आप' छोड़ बीजेपी में शामिल होने की बताई असली वजह, कहा- 'पंजाब के युवाओं और खेलों के लिए मेरा मकसद...'

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व महान ऑफ स्पिनर और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने राजनीतिक गलियारों में मचे घमासान के बीच अपनी चुप्पी तोड़ी है। आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के अपने फैसले पर भज्जी ने पहली बार विस्तार से बात की है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में 46 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने खुलासा किया कि आखिर उन्हें क्यों आप से इस्तीफा देकर बीजेपी का हाथ थामना पड़ा। हरभजन सिंह को साल 2022 में आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा भेजा था, लेकिन आप में लगातार अपनी अनदेखी और पंजाब के मुद्दों पर सुनवाई न होने से आहत होकर उन्होंने पार्टी बदलने का साहसिक कदम उठाया।

हरभजन सिंह ने स्पष्ट किया कि राजनीति उनका पेशा नहीं है और न ही वे किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए संसद में आए थे। जब पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनसे आम आदमी पार्टी में शामिल होने का अनुरोध किया था, तब उन्होंने पहली शर्त यही रखी थी कि वे केवल खेल, युवाओं के विकास और पंजाब के सामाजिक कल्याण के मुद्दों पर ही काम करेंगे। हालांकि, समय बीतने के साथ आप के भीतर उनकी आवाज को दबाया जाने लगा और उनके द्वारा दिए गए सुझावों को लगातार नजरअंदाज किया गया।

'आप' में नहीं सुनी गई मेरी बात, सिर्फ आईडिया बनकर रह गए मेरे सुझाव

अपने इंटरव्यू में हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी के कार्यकलापों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिस मकसद के साथ वे आप से जुड़े थे, वह मकसद कभी पूरा ही नहीं हो सका। उन्होंने कहा, "जब भगवंत मान ने मुझे राज्यसभा जाने का प्रस्ताव दिया था, तब मेरा एक ही लक्ष्य था—पंजाब और देश स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना और अपने युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करना। मैंने शुरुआत में ही कह दिया था कि राजनीति करना मेरा काम नहीं है, मैं सिर्फ खेल और युवाओं की भलाई पर बात करूंगा।"

भज्जी ने आगे दर्द बयां करते हुए बताया कि जब उन्होंने पंजाब में खेल सुविधाओं के निर्माण और युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए अपनी योजनाएं पार्टी नेतृत्व के सामने रखीं, तो किसी ने भी उन पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी सोच और योजनाओं को लागू करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन पार्टी में मेरी बात कोई सुनने को तैयार ही नहीं था। मेरे विचार सिर्फ कागजों और बातों तक ही सीमित रह गए। जब मुझे लगा कि जिस काम के लिए मैं यहाँ आया था, वह हो ही नहीं रहा है और मेरी राय की कोई कद्र नहीं है, तो मेरे पास पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।"

पंजाब में गहराता नशा संकट और हरभजन सिंह की चिंता

हरभजन सिंह ने अपने बयानों में पंजाब के सबसे भयावह मुद्दे—नशे के बढ़ते संकट पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान कभी उसके वीर युवाओं, जोश और खेलों में अव्वल रहने से थी, लेकिन आज राज्य का युवा नशे की गिरफ्त में फंसकर बर्बाद हो रहा है। भज्जी ने जालंधर के एक छोटे से गांव संसारपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दौर था जब भारतीय हॉकी टीम में नौ-नौ खिलाड़ी अकेले संसारपुर गांव से हुआ करते थे। लेकिन आज स्थिति यह है कि नशा घर-घर तक पहुँच चुका है और युवाओं की पीढ़ियां तबाह हो रही हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया पर पंजाब में नशे के प्रकोप से जुड़े वीडियो शेयर करने के बाद आप नेताओं और हरभजन सिंह के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली थी। आप नेताओं ने उन पर पंजाब को बदनाम करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में हरभजन ने दोटूक कहा कि सच्चाई को छिपाने या ट्रोलिंग करवाने से पंजाब की समस्या हल नहीं होगी। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यदि यहाँ अवैध नशीले पदार्थ आसानी से प्रवेश कर रहे हैं, तो इसके लिए राज्य सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक नशे की सप्लाई लाइन को काटने के लिए कड़े कानून और ईमानदारी से कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पंजाब का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

'गद्दार कहने से मैं गद्दार नहीं बन जाता': ट्रोलिंग और विरोध प्रदर्शनों पर करारा जवाब

बीजेपी में शामिल होने के बाद जालंधर स्थित हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शनों, पुतला दहन और घर की दीवारों पर 'गद्दार' लिखे जाने की घटनाओं पर भी भज्जी ने निडर होकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि वे प्रदर्शनकारी कौन थे और उन्हें कहाँ से भेजा गया था।

हरभजन सिंह ने कहा, "देश की जनता और पंजाब के लोग मुझे मेरे क्रिकेट और मेरी देशभक्ति के लिए जानते हैं। उन्होंने मुझे असीम प्यार दिया है। मैंने किसे धोखा दिया? मेरा सवाल आप (AAP) के नेताओं से है कि उन्होंने पंजाब की जनता से जो बड़े-बड़े वादे किए थे, उनका क्या हुआ? आपने पंजाब के लिए क्या किया? असली गद्दार कौन है? किसी को गद्दार या चोर कह देने से वह गद्दार नहीं बन जाता।" भज्जी ने साफ किया कि उनके दिल में भारत और पंजाब के लिए सच्चा प्यार है और इसे साबित करने के लिए उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

बीजेपी में शामिल होने का असली मकसद: पंजाब के भविष्य और खेलों का पुनरुद्धार

अपने भावी दृष्टिकोण को साझा करते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने का उनका एकमात्र मकसद पंजाब के युवाओं को नशे के चंगुल से छुड़ाकर वापस खेल के मैदान में लाना है। उनका मानना है कि केंद्र सरकार के मजबूत सहयोग और राष्ट्रीय स्तर की खेल नीतियों के बिना पंजाब में खेलों का पुराना वैभव वापस लाना संभव नहीं है।

हरभजन ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय मंच के जरिए वे न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए काम कर सकते हैं। वे पंजाब में जमीनी स्तर पर नए स्टेडियम, अत्याधुनिक खेल अकादमियां और एथलीटों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं तैयार करवाना चाहते हैं, ताकि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ा जा सके। भज्जी ने स्पष्ट कर दिया कि राजनीतिक बयानबाजी और राजनीतिक ट्रोल्स उन्हें उनके पथ से नहीं भटका सकते। वे पंजाब के हक के लिए लगातार बोलते रहेंगे और राज्य को 'ड्रग-फ्री' (नशा मुक्त) बनाने के अपने मिशन पर अडिग रहेंगे।