'ईमानदारी से निभाएं ड्यूटी, तबादले पर लोग कहें यहीं रहना चाहिए था': सीएम भगवंत मान की अधिकारियों को दो टूक नसीहत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से अधिकारियों को स्पष्ट और दो टूक हिदायत दी है। एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक और सार्वजनिक मंच से अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा मात्र एक नौकरी या पद नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने का एक पवित्र अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि अधिकारियों का आचरण और कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि जब उनका किसी क्षेत्र से तबादला (ट्रांसफर) हो, तो स्थानीय लोग उन्हें विदा करते समय यह कहें कि 'इस अफसर को यहीं रहना चाहिए था', न कि उनके जाने पर राहत की सांस लें या मिठाइयां बांटें।
जनता की सेवा को बनाएं ध्येय, फाइलों पर कुंडली मारकर बैठने की आदत छोड़ें
मुख्यमंत्री मान ने अपने संबोधन में प्रशासनिक लेटलतीफी और लालफीताशाही (Red Tapism) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि आम नागरिक छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों, राजस्व संबंधी मामलों या सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं और फाइलें हफ्तों तक टेबल पर धूल फांकती रहती हैं। सीएम मान ने अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के किसी भी जायज काम में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का विजन बिल्कुल साफ है कि शासन सीधे जनता के द्वार तक पहुंचे, न कि जनता को अपने बुनियादी अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों में गुहार लगानी पड़े। उन्होंने हर स्तर के अधिकारी को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में रोजाना जनसुनवाई का एक निश्चित समय तय करें और लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा सुनिश्चित करें।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति, काम में कोताही करने वालों पर गिरेगी गाज
पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के लिए कोई स्थान नहीं है। चाहे अधिकारी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, यदि वह भ्रष्टाचार या जनता के उत्पीड़न में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी हिचकिचाहट के सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अच्छा काम करने वाले, कर्तव्यनिष्ठ और परिणाम देने वाले अधिकारियों का पूरा मान-सम्मान करेगी और उन्हें पुरस्कृत करेगी, लेकिन कामचोरी या जनविरोधी रवैया अपनाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सुशासन और 'रंगला पंजाब' के सपने को साकार करने का आह्वान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अफसरों को प्रेरित करते हुए कहा कि पंजाब को दोबारा खुशहाल, विकसित और 'रंगला पंजाब' बनाने की जिम्मेदारी केवल चुने हुए जनप्रतिनिधियों की ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की भी है। जब प्रशासनिक अमला समर्पण भाव से काम करता है, तो कल्याणकारी नीतियां जमीनी स्तर पर असर दिखाती हैं। उन्होंने पुलिस, राजस्व और विकास विभागों के अधिकारियों से विशेष रूप से कहा कि वे थानों और तहसीलों में आने वाले गरीब व असहाय नागरिकों के साथ शालीनता और संवेदनशीलता से पेश आएं। मुख्यमंत्री की इस खरी-खरी नसीहत के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और सभी विभागों को जनता से जुड़े लंबित कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।