पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन उग्र, छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प; भारी हंगामे के बाद डीन ने मांगी माफी

पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन उग्र, छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प; भारी हंगामे के बाद डीन ने मांगी माफी

पंजाब के पटियाला स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी (Punjabi University, Patiala) में विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में की गई बढ़ोतरी को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले बैठा। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा फीस वृद्धि के फैसले के खिलाफ पिछले कई दिनों से लामबंद छात्र संगठनों ने प्रशासनिक भवन और वाइस चांसलर (VC) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बेकाबू हो गई जब पुलिस प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को मुख्य द्वार पर रोकने का प्रयास किया।

देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और छात्रों व पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और जबरदस्त धक्का-मुक्की (झड़प) शुरू हो गई। भारी हंगामे और बढ़ते जनआक्रोश के बाद विश्वविद्यालय के डीन (Dean Academic Affairs) को मौके पर पहुंचकर छात्रों से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी।

फीस वृद्धि वापस लेने की मांग पर अड़े छात्र संगठन

प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना छात्र प्रतिनिधियों से राय-मशविरा किए कई कोर्सेज की ट्यूशन और अन्य मदों में भारी फीस बढ़ोतरी कर दी है। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अतिरिक्त बोझ उठाना बेहद कठिन हो गया है।

छात्र संगठनों ने मांग की थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस जनविरोधी फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस ले। जब प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो छात्र एकत्र होकर वाइस चांसलर कार्यालय की ओर कूच करने लगे।

बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा गार्डों को तैनात किया गया था। जैसे ही छात्र वीसी ऑफिस के मुख्य गेट के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया।

छात्रों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की, जिससे माहौल गरमा गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा बल प्रयोग और लाठी भांजने के आरोपों के बीच कई छात्रों को मामूली चोटें भी आईं। छात्रों ने पुलिस की इस कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए धरना शुरू कर दिया और प्रशासन विरोधी जमकर नारेबाजी की।

डीन ने मांगी सार्वजनिक माफी, बैठक का दिया आश्वासन

घंटों चले भारी ड्रामे और विरोध के बाद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और डीन (अकादमिक) मौके पर पहुंचे। छात्रों के कड़े विरोध और टकराव की स्थिति को देखते हुए डीन ने पूरे घटनाक्रम पर गहरा खेद व्यक्त किया और पुलिस कार्रवाई व अव्यवस्था के लिए छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।

डीन ने आश्वासन दिया कि छात्रों की मांगों और फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर समीक्षा की जाएगी और वाइस चांसलर के साथ छात्र प्रतिनिधियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर जल्द ही सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाएगा।