नांदेड़ हमले के बाद चर्चा में आया सुखबीर सिंह बादल पर श्री हरमंदिर साहिब में हुआ हमला! जल्द शुरू होंगी गवाहियां, जांच एजेंसी बदलने की याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पेंडिंग

नांदेड़ हमले के बाद चर्चा में आया सुखबीर सिंह बादल पर श्री हरमंदिर साहिब में हुआ हमला! जल्द शुरू होंगी गवाहियां, जांच एजेंसी बदलने की याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पेंडिंग

महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब गुरुद्वारा परिसर के निकट शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हुए ताजा जानलेवा हमले के बाद अमृतसर स्थित पवित्र श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के बाहर उन पर हुए पिछले हमले का मामला एक बार फिर से देश भर में चर्चा के केंद्र में आ गया है। अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई धार्मिक सजा के तहत जब सुखबीर सिंह बादल दिसंबर 2024 में श्री हरमंदिर साहिब के प्रवेश द्वार पर सेवादार के रूप में सेवा दे रहे थे, तब उन पर गोलियां चलाकर जान लेने की कोशिश की गई थी। नांदेड़ में घटी नई हिंसक वारदात ने इस पुराने कानूनी मामले को एक बार फिर गरमा दिया है, और अब अमृतसर की अदालत में इस बहुचर्चित केस की न्यायिक कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ने वाली है।

दिसंबर 2024 में हुए उस हमले के दौरान परिसर में तैनात टास्क फोर्स और पंजाब पुलिस के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को मौके पर ही धर दबोचा था। इसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की और आरोपी को जेल भेजा गया था। आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को मार्च 2025 में अदालत से जमानत मिल गई थी। फिलहाल यह मामला अमृतसर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में लंबित है। अदालत में औपचारिक आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर अब बहुत जल्द गवाहियां (Witness Statements) शुरू होने की संभावना है।

जांच एजेंसी बदलने की याचिका हाई कोर्ट में लंबित: जानिए कानूनी पेंच

एक तरफ जहां जिला अदालत में गवाहियां दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले की निष्पक्षता को लेकर एक अहम कानूनी लड़ाई पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चल रही है। सुखबीर सिंह बादल की ओर से अपने कानूनी सलाहकारों के जरिए हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच प्रक्रिया, प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में हुई देरी और जांच के तरीकों पर सवाल खड़े किए गए हैं।

सुखबीर सिंह बादल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस जांच में कई गंभीर कमियां रही हैं, जिसके कारण आरोपी को आसानी से जमानत मिल सकी। उन्होंने राजनीतिक पक्षपात का अंदेशा जताते हुए मांग की है कि इस पूरे हमले की जांच पंजाब पुलिस से लेकर किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष केंद्रीय जांच एजेंसी (जैसे सीबीआई) को सौंपी जानी चाहिए। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि हाई कोर्ट से आने वाले आदेश और जिला अदालत में शुरू होने वाली गवाहियों के बाद इस केस का ऊंट किस करवट बैठता है।