पंजाब सीएम भगवंत मान को बम से उड़ाने की धमकी: बेअंत सिंह जैसा हाल करने की चेतावनी से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस हाई अलर्ट पर

पंजाब सीएम भगवंत मान को बम से उड़ाने की धमकी: बेअंत सिंह जैसा हाल करने की चेतावनी से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस हाई अलर्ट पर

पंजाब के राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया जब राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जान से मारने और बम से उड़ाने की सीधी धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। इस धमकी भरे ईमेल में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह के चर्चित 1995 के आत्मघाती बम विस्फोट का स्पष्ट उल्लेख करते हुए मौजूदा सीएम का भी वैसा ही अंजाम करने की खुली चेतावनी दी गई है। संवेदनशील राज्य पंजाब में इस तरह के इनपुट सामने आते ही पंजाब पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, काउंटर इंटेलिजेंस विंग और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के ईमेल इनबॉक्स में पहुंचे इस धमकी भरे संदेश ने सुरक्षा तंत्र के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस संदेश को महज कोई अफवाह मानने के बजाय अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं, क्योंकि इसमें ऐतिहासिक आतंकी घटनाक्रम का हवाला देकर राज्य के शीर्ष नेतृत्व को सीधे निशाने पर लेने की बात कही गई है।

आतंकी ईमेल में 1995 के बेअंत सिंह हत्याकांड का सीधा जिक्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भेजे गए धमकी भरे ईमेल में प्रतिबंधित अलगाववादी और आतंकी संगठनों की भाषा का इस्तेमाल किया गया है। संदेश में लिखा गया है कि जिस प्रकार 31 अगस्त 1995 को पंजाब और हरियाणा सिविल सचिवालय परिसर के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की बुलेटप्रूफ कार को मानव बम विस्फोट के जरिए उड़ा दिया गया था, ठीक उसी तर्ज पर भगवंत मान को भी निशाना बनाया जाएगा।

इतिहास के उस काले अध्याय का संदर्भ दिए जाने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और अधिक बढ़ गई है। वर्ष 1995 में हुआ वह आत्मघाती हमला देश के इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक हत्याकांडों में से एक था, जिसमें मुख्यमंत्री समेत 17 लोगों की जान चली गई थी। यही कारण है कि इस धमकी के सामने आते ही राज्य की सभी सुरक्षा एजेंसियों ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

चंडीगढ़ सिविल सचिवालय और सीएम आवास की सुरक्षा छावनी में तब्दील

धमकी भरा संदेश मिलने के तुरंत बाद चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय, मुख्यमंत्री भगवंत मान के आधिकारिक आवास और अन्य संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को कई परतों में मजबूत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के मूवमेंट प्रोटोकॉल और रूट चार्ट की सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा दोबारा समीक्षा की गई है।

सिविल सचिवालय और सीएम आवास के चारों ओर त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) और कमांडो दस्तों की तैनाती बढ़ा दी गई है। परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और आगंतुक की मेटल डिटेक्टर और आधुनिक स्कैनर के जरिए कड़ी तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा, पंजाब पुलिस के बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और ट्रेंड डॉग स्क्वॉड को चौबीसों घंटे सक्रिय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के काफिले में चलने वाले सुरक्षा वाहनों, जैमर्स और पायलट गाड़ियों की तकनीकी जांच भी की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

साइबर क्राइम विंग और केंद्रीय एजेंसियों की डिजिटल पड़ताल

पंजाब पुलिस का स्टेट साइबर क्राइम सेल धमकी भरे ईमेल के डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालने में पूरी ताकत से जुटा हुआ है। शुरुआती तकनीकी जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ईमेल किस डोमेन, आईपी एड्रेस और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) या प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से भेजा गया है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, असामाजिक तत्व अक्सर अपनी लोकेशन छिपाने के लिए डार्क वेब, एनक्रिप्टेड ईमेल सर्विस या विदेशी सर्वरों का इस्तेमाल करते हैं। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जैसी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ तकनीकी डेटा साझा किया है। केंद्रीय एजेंसियों की मदद से यह ट्रेस किया जा रहा है कि इस ईमेल के पीछे सीमा पार बैठे आतंकी मॉड्यूल, स्थानीय गैंगस्टर-टेरर नेक्सस या फिर विदेश में सक्रिय अलगाववादी नेटवर्क का हाथ तो नहीं है।

सीमा पार की साजिश और अलगाववादी तत्वों पर सुरक्षा बलों की नजर

पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, जिसकी सीमाएं पाकिस्तान से सटी हुई हैं। पिछले कुछ समय से सीमा पार बैठी आईएसआई (ISI) और विदेश में शरण लिए बैठे खालिस्तानी अलगाववादी तत्व लगातार पंजाब के सौहार्द और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की फिराक में रहते हैं। ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा वे राज्य के वीआईपी चेहरों और धार्मिक-सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिशें रचते रहे हैं।

धमकी के मद्देनजर पूरे पंजाब के संवेदनशील जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, जालंधर, लुधियाना और बठिंडा में पुलिस की विशेष नाकेबंदी और गश्त बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ (BSF) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी हैं, ताकि किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को जड़ से खत्म किया जा सके।

पुलिस प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें और सतर्क रहें

पंजाब पुलिस के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने राज्य की जनता को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी अपुष्ट संदेश या सनसनीखेज अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास कोई लावारिस वस्तु, संदिग्ध व्यक्ति या असामान्य गतिविधि नजर आती है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर इसकी सूचना दें। जांच पूरी होने के बाद धमकी देने वाले दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और आतंकवाद निरोधक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।