'पूरे कनाडा पर हमारा राज होगा...', लॉरेंस-गोल्डी गैंग की चिट्ठी से विदेशी धरती पर हड़कंप, पुलिस स्टेशनों पर अंधाधुंध फायरिंग की धमकी

'पूरे कनाडा पर हमारा राज होगा...', लॉरेंस-गोल्डी गैंग की चिट्ठी से विदेशी धरती पर हड़कंप, पुलिस स्टेशनों पर अंधाधुंध फायरिंग की धमकी

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी साथी गोल्डी बराड़ के संगठित अपराध सिंडिकेट ने अब विदेशी धरती पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, प्रवासियों और स्थानीय प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रही जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और गोलीबारी की घटनाओं के बीच अब एक सनसनीखेज पत्र सामने आया है। इस कथित चिट्ठी में न केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती दी गई है, बल्कि खुलेआम दावा किया गया है कि आने वाले समय में वे 'पूरे कनाडा पर राज करेंगे'। इस पत्र में कनाडा के पुलिस स्टेशनों और सुरक्षाकर्मियों पर सीधे तौर पर गोलीबारी करने की खौफनाक चेतावनी दी गई है, जिसके बाद से कनाडाई सुरक्षा हलकों और जांच एजेंसियों में भारी हड़कंप मच गया है।

पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाने की खुली धमकी

सामने आए इस पत्र में बेहद आक्रामक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। चिट्ठी में दावा किया गया है कि यदि उनके नेटवर्क के गुर्गों को निशाना बनाया गया या उनकी गतिविधियों में रुकावट डालने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम बेहद खतरनाक होगा। पत्र में सीधे तौर पर कनाडा की स्थानीय पुलिस (RCMP और लोकल पुलिस यूनिट्स) को आगाह किया गया है कि उनके निशाने पर अब सिर्फ आम विरोधी या कारोबारी ही नहीं, बल्कि पुलिस चौकियां और सुरक्षाकर्मी भी होंगे। पत्र में लिखा गया है कि वे पुलिस स्टेशनों पर अंधाधुंध फायरिंग करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

'पूरे कनाडा पर राज करेंगे': सिंडिकेट का खौफनाक मंसूबा

पत्र में यह दावा भी किया गया है कि गैंग का प्रभाव कनाडा के अलग-अलग प्रांतों में तेजी से फैल चुका है और उनके पास जमीनी स्तर पर युवाओं और हथियारों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। गैंग की ओर से यह ऐलान किया गया है कि उनका मकसद पूरे इलाके पर अपना एकछत्र दबदबा कायम करना है और वे किसी भी कानून या सरकार के आगे झुकने वाले नहीं हैं। विदेशी जमीन पर किसी आपराधिक गिरोह द्वारा पुलिस और प्रशासन को इस तरह की सीधी और खुली चुनौती देने की घटना ने स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ वहां बसे भारतीय प्रवासियों में भी भारी डर का माहौल पैदा कर दिया है।

सरे, ब्रैम्पटन और वैंकूवर में पहले से ही सक्रिय हैं रंगदारी नेटवर्क

गौरतलब है कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो प्रांतों—विशेषकर सरे, ब्रैम्पटन, टोरंटो और वैंकूवर जैसे भारतीय बहुल शहरों में—लॉरेंस और गोल्डी सिंडिकेट से जुड़े शूटर और स्थानीय गुर्गे लंबे समय से रंगदारी वसूलने में लगे हुए हैं। यहां के प्रमुख उद्योगपतियों, बिल्डरों और व्यवसायियों को विदेशी वर्चुअल नंबरों से कॉल करके करोड़ों रुपये की फिरौती मांगी जाती है। पैसे न देने पर उनके घरों, दफ्तरों या दुकानों के बाहर आधी रात को फायरिंग कर दहशत फैलाई जाती है। अब तक यह गैंग पर्दे के पीछे से फोन कॉल्स और हमलों के जरिए खौफ पैदा कर रहा था, लेकिन पुलिस स्टेशनों को सीधे धमकी देने वाली इस चिट्ठी ने मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद संवेदनशील बना दिया है।

कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों में खलबली, अलर्ट पर पुलिस

धमकी भरा यह पत्र सामने आते ही कनाडा की कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। पुलिस थानों और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्थानीय खुफिया एजेंसियां और साइबर यूनिट्स इस पत्र की सत्यता और डिजिटल ओरिजिन की पड़ताल में जुट गई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पत्र कनाडा में मौजूद किसी स्थानीय स्लीपर सेल ने जारी किया है या फिर इसे विदेश में बैठे गैंग के आकाओं द्वारा ऑनलाइन माध्यमों से सर्कुलेट करवाया गया है। कई इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

भारत और कनाडा के बीच पहले से तनावपूर्ण हैं संबंध

लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग की गतिविधियां लंबे समय से भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक चर्चा का विषय रही हैं। भारत लगातार यह कहता रहा है कि कनाडा की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी और हिंसक आपराधिक तत्व बेखौफ होकर कर रहे हैं। भारत में आतंकी और मोस्ट वांटेड घोषित गोल्डी बराड़ जैसे गैंगस्टर्स के विदेशी सिंडिकेट ने अब खुद कनाडाई व्यवस्था के लिए भी गंभीर सिरदर्द पैदा कर दिया है। इस नई धमकी के बाद स्थानीय कनाडाई प्रशासन पर गैंगस्टर्स के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई करने का भारी दबाव बन गया है।