एशियन गेम्स 2026: पीएम मोदी ने भारतीय दल में भरा नया जोश, 'हर एथलीट की कड़ी मेहनत पर भारत को गर्व'
जापान के ऐतिहासिक आइची-नागोया शहर में शनिवार, 19 सितंबर को 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हो गई। मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित एक रंगारंग और भव्य उद्घाटन समारोह के साथ इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ का बिगुल बजा। इस गौरवशाली अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए भारतीय दल के सभी एथलीटों का उत्साहवर्धन किया और उनके असाधारण समर्पण की मुक्तकंठ से सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में खिलाड़ियों की अथक तपस्या को रेखांकित करते हुए लिखा कि जैसे ही आइची-नागोया में एशियाई खेलों की शुरुआत हो रही है, वे पूरे भारतीय दल को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं। उन्होंने कहा कि दल के प्रत्येक खिलाड़ी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों तक पसीना बहाया है और खेल के प्रति अद्भुत दृढ़ संकल्प प्रदर्शित किया है। पूरे भारतवर्ष को अपने इन होनहार एथलीटों पर अटूट गर्व है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी खेल भावना के उच्चतम मानकों को स्थापित करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएंगे और देश की झोली में ऐतिहासिक पदक डालकर तिरंगे का मान बढ़ाएंगे।
मनु भाकर और पवन सहरावत ने की तिरंगे के साथ अगुवाई, 11 हजार एथलीटों के बीच उतरेगा 501 सदस्यीय भारतीय दल
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित मार्चपास्ट के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए डबल ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर और भारतीय कबड्डी टीम के स्टार खिलाड़ी पवन सहरावत ने राष्ट्रीय ध्वज थामा। भारतीय दल के कदमताल करते ही पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हालांकि कई खेल विधाओं के प्रारंभिक मुकाबले उद्घाटन से पहले ही शुरू हो चुके थे, लेकिन शनिवार शाम की इस आधिकारिक सेरेमनी के बाद सभी 43 खेल स्पर्धाओं की जंग अब पूरी रफ्तार पकड़ेगी।
यह एशियाई खेल 19 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेंगे, जिसमें एशिया महाद्वीप के 45 देशों और क्षेत्रों के लगभग 11,000 एथलीट शिरकत कर रहे हैं। इस विशाल खेल आयोजन में मेजबान जापान के अलावा सबसे बड़ा एथलीट दल चीन का है, जिसमें करीब 800 खिलाड़ी मैदान में उतर रहे हैं। वहीं तिरंगे की शान बढ़ाने के लिए भारत की ओर से 501 सदस्यीय मजबूत एथलीट दल विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश करने पहुंचा है। भारत ने एथलेटिक्स, निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, हॉकी और कबड्डी जैसी प्रमुख स्पर्धाओं में अपनी सबसे मजबूत टीम उतारी है।
1951 के नई दिल्ली से नागोया 2026 तक: तीसरी बार मेजबानी कर रहा जापान, भारत रचेगा नया इतिहास
एशियाई खेलों का इतिहास भारत की राजधानी नई दिल्ली से गहराई से जुड़ा हुआ है। 1951 में जब दुनिया के इस सबसे बड़े महाद्वीप में शांति और खेल सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए एशियाई खेलों की परिकल्पना की गई थी, तब भारत ने नई दिल्ली में पहले एशियाई खेलों की सफल मेजबानी की थी। अब यह खेल अपने 20वें संस्करण के मील के पत्थर पर पहुंच चुके हैं। जापान तीसरी बार इन खेलों की मेजबानी कर रहा है; इससे पहले टोक्यो (1958) और हिरोशिमा (1994) में यह खेल आयोजित किए जा चुके हैं।
भारतीय दल के सामने इस बार अपने ही पिछले इतिहास को पीछे छोड़ने की सबसे बड़ी चुनौती और प्रेरणा दोनों है। वर्ष 2023 में चीन के हांगझोउ में आयोजित पिछले एशियाई खेलों में भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 107 पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। इस बार 501 एथलीटों का यह मजबूत दल हांगझोउ के उस 100 पार के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर पदक तालिका में शीर्ष तीन में जगह बनाने के इरादे से नागोया के खेल मैदानों पर उतरेगा।
एथलेटिक्स, शूटिंग और टीम इवेंट्स से बड़ी उम्मीदें: क्या टूटेगा पदकों का पुराना रिकॉर्ड?
खेल पंडितों और विश्लेषकों का मानना है कि आइची-नागोया में भारत के पास ट्रैक एंड फील्ड (एथलेटिक्स) और निशानेबाजी में पदकों की झड़ी लगाने का सुनहरा अवसर है। ओलंपिक के बाद से लगातार फॉर्म में चल रहे निशानेबाज, जैवलिन थ्रो, रिले रेस और लंबी दूरी की दौड़ में भारतीय एथलीट वैश्विक स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। इसके साथ ही पुरुष और महिला हॉकी टीमें, जो पेरिस ओलंपिक के बाद नए जोश से भरी हैं, सीधे स्वर्ण पदक जीतकर 2028 ओलंपिक का सीधा कोटा हासिल करने के लक्ष्य से खेलेंगी।
कबड्डी और क्रिकेट जैसे पारंपरिक व लोकप्रिय खेलों में भी भारतीय टीमों से स्वर्ण पदक की प्रबल उम्मीद की जा रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक शब्दों ने नागोया खेल गांव में मौजूद भारतीय खिलाड़ियों के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस 16 दिवसीय महाकुंभ में भारत का प्रत्येक नागरिक अपने खिलाड़ियों की हर चाल, हर बास्केट, हर गोल और हर सटीक निशाने पर टकटकी लगाए रहेगा।