देवदत्त पडिक्कल का श्रीलंका में गरजा बल्ला: अभ्यास मैच में ठोका तूफानी शतक, फिर खुद ही हो गए 'रिटायर्ड आउट'
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच से पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलंबो के मैदान पर अपनी तैयारियों का जोरदार प्रदर्शन किया है। श्रीलंका बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय वार्म-अप (अभ्यास) मुकाबले में भारत के युवा और प्रतिभाशाली बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने अपनी क्लास का नजारा पेश करते हुए एक शानदार शतकीय पारी खेली। कोलंबो की धीमी और स्पिन-अनुकूल पिच पर श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका न देते हुए पडिक्कल ने बेहतरीन फुटवर्क और टाइमिंग का प्रदर्शन किया और 103 रनों की शतकीय पारी ठोकी। हालांकि, शतक पूरा करने के तुरंत बाद पडिक्कल ने एक सच्चा टीम मैन होने का परिचय दिया और खुद ही 'रिटायर्ड आउट' (Retired Out) होकर पवेलियन लौटने का फैसला किया, ताकि अन्य बल्लेबाजों को भी एशियाई परिस्थितियों में क्रीज पर समय बिताने का मौका मिल सके।
अभ्यास मैच की पहली पारी में जब देवदत्त पडिक्कल क्रीज पर उतरे, तो श्रीलंकाई स्पिनर अपनी टर्न और वेरिएशन से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन पडिक्कल ने अपनी सॉलिड डिफेंसिव तकनीक और कदमों का शानदार इस्तेमाल करके स्पिनरों की लेंथ को पूरी तरह से बिगाड़ दिया। उन्होंने अपनी 103 रनों की पारी के दौरान कई दर्शनीय कवर्स ड्राइव, लेट कट और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से गगनचुंबी छक्के जड़े। इस अभ्यास मैच में नियमित कप्तान शुभमन गिल उंगली में लगी चोट के कारण एहतियातन बल्लेबाजी करने नहीं उतरे थे। ऐसे में पडिक्कल को ऊपरी क्रम में जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे उन्होंने दोनों हाथों से भुनाया। पडिक्कल का यह शतक भारतीय टीम प्रबंधन के लिए राहत की बड़ी खबर है, क्योंकि टेस्ट सीरीज से ठीक पहले उनके बल्ले की यह धार भारतीय मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करती है।
ड्रेसिंग रूम में टीम भावना की मिसाल: शतक जड़ने के बाद साथी बल्लेबाजों के लिए त्यागी क्रीज
जैसे ही देवदत्त पडिक्कल ने 100 रनों का आंकड़ा पार किया, उन्होंने अपने बल्ले को उठाकर ड्रेसिंग रूम की तरफ अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि, इसके बाद वे अधिक रन बनाने के बजाय अंपायर की तरफ देखकर स्वैच्छिक रूप से 'रिटायर्ड आउट' होकर डगआउट की ओर बढ़ गए। वार्म-अप मुकाबलों के नियमों के अनुसार कोई भी बल्लेबाज अन्य साथियों को मैच प्रैक्टिस देने के लिए रिटायर्ड आउट हो सकता है। पडिक्कल का उद्देश्य केवल अपनी मैच फिटनेस और लय को परखना था, जिसे उन्होंने शतकीय पारी के साथ पूरा कर लिया था। उनके इस निस्वार्थ फैसले की वजह से सरफराज खान और ध्रुव जुरेल जैसे बल्लेबाजों को भी बीच के ओवरों में बल्लेबाजी का अभ्यास करने का पर्याप्त अवसर मिल सका।
जब पडिक्कल अपना हेलमेट उतारकर बाउंड्री लाइन पार करके भारतीय ड्रेसिंग रूम और डगआउट के पास पहुंचे, तो वहां का माहौल देखने लायक था। टीम इंडिया के उप-कप्तान और स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत तुरंत अपनी कुर्सी से उठे और उन्होंने पडिक्कल का जोरदार स्वागत किया। पंत ने पहले उनके लिए जमकर तालियां बजाईं और फिर आगे बढ़कर उन्हें गले से लगा लिया। इसके बाद पंत ने मुस्कुराते हुए काफी देर तक पडिक्कल की पीठ थपथपाई और उनके द्वारा खेले गए आक्रामक और परिपक्व शॉट्स की जमकर तारीफ की। ड्रेसिंग रूम में मौजूद कोचिंग स्टाफ और अन्य खिलाड़ियों ने भी खड़े होकर पडिक्कल की इस शानदार शतकीय पारी की सराहना की। पंत और पडिक्कल के बीच का यह भावुक और ऊर्जा से भरा पल कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
कोलंबो में खेला जा रहा यह तीन दिवसीय अभ्यास मैच भारतीय टीम के दृष्टिकोण से बेहद सफल साबित हो रहा है। शुभमन गिल की चोट के सस्पेंस के बीच देवदत्त पडिक्कल की यह शतकीय पारी टीम प्रबंधन को पहले टेस्ट के प्लेइंग-11 संयोजन के लिए एक ठोस और भरोसेमंद विकल्प देती है। यदि गिल पहले टेस्ट मैच तक 100% फिट नहीं हो पाते हैं, तो पडिक्कल का यह फॉर्म उन्हें नंबर-3 या नंबर-4 पर खेलने का सबसे मजबूत दावेदार बनाता है। भारतीय टीम को गॉल में 15 अगस्त से श्रीलंका का सामना करना है, जहां की पिचें पारंपरिक रूप से स्पिनरों के अनुकूल मानी जाती हैं। पडिक्कल जिस सहजता से स्पिनरों को खेल रहे हैं, उससे यह साफ है कि भारतीय बल्लेबाज श्रीलंका के स्पिन आक्रमण का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पडिक्कल का यह शतक और ऋषभ पंत का उनका उत्साह बढ़ाना भारतीय टीम के भीतर के शानदार ड्रेसिंग रूम कल्चर और मजबूत आपसी बॉन्डिंग को दर्शाता है।